Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    पूर्वांचल विश्वविद्यालय में 33 करोड़ की अनियमितता:पुस्तक खरीद में नियमों की अनदेखी पर राजभवन ने मांगा स्पष्टीकरण

    1 hour ago

    1

    0

    जौनपुर स्थित वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय एक बार फिर वित्तीय अनियमितताओं को लेकर सुर्खियों में है। वर्ष 2017 से 2022 के बीच पुस्तकों की खरीद में करीब 33 करोड़ 29 लाख रुपये की धांधली का मामला सामने आया है। इस गंभीर मामले पर राजभवन ने विश्वविद्यालय प्रशासन से नौ बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा है। यह मामला स्वामी विवेकानंद केंद्रीय पुस्तकालय में पुस्तक खरीद को लेकर मिली शिकायत के बाद उजागर हुआ। शिकायतकर्ता उद्देश्य सिंह ने राजभवन और कुलपति को पत्र भेजा था, जिसके आधार पर विश्वविद्यालय ने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें कई महत्वपूर्ण खामियां सामने आईं। जांच में पाया गया कि पुस्तक खरीद के दौरान न तो निर्धारित टेंडर प्रक्रिया का पालन किया गया और न ही अधिक छूट प्राप्त करने के लिए कोई प्रतिस्पर्धी प्रयास हुआ। विश्वविद्यालय ने स्वयं स्वीकार किया कि 10 प्रतिशत से अधिक छूट हासिल करने के लिए कोई पहल नहीं की गई। पुस्तकालय समिति की बैठकों में भी इस संबंध में कोई प्रस्ताव दर्ज नहीं मिला। सबसे बड़ी लापरवाही यह रही कि करोड़ों रुपये की खरीद से पहले वित्त समिति और कार्य परिषद से बजट प्रस्ताव पारित नहीं कराया गया। कई मामलों में तो वित्त समिति को इस बड़े खर्च की जानकारी तक नहीं थी। जानकारी के अनुसार, खरीदी गई पुस्तकों का न तो उचित रिकॉर्ड तैयार किया गया और न ही उनकी बारकोडिंग की प्रक्रिया पूरी की गई। नियमानुसार, पुस्तकों को सॉफ्टवेयर में दर्ज करना अनिवार्य होता है, जिसका पालन भी नहीं किया गया। कोविड-19 महामारी के दौरान विश्वविद्यालय बंद रहने के बावजूद बड़ी संख्या में किताबें खरीदी गईं। जांच में यह भी सामने आया कि कई पुस्तकें बिना आवश्यकता के खरीदी गईं और उनकी उपयोगिता का आकलन नहीं किया गया, जिससे विद्यार्थियों को उनका लाभ नहीं मिल सका। विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपनी रिपोर्ट में इन सभी खामियों को स्वीकार किया है। अब विश्वविद्यालय सभी बिंदुओं पर जवाब तैयार कर राजभवन को भेजने की प्रक्रिया में है। इस पूरे मामले में आगे की कार्रवाई राजभवन के निर्देशों पर निर्भर करेगी। मामले की जानकारी देते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. वंदना सिंह ने बताया कि इस तरह का मामला सामने आया है राज भवन से रिपोर्ट मांगी है और जिस पर आरोप लगा है उनसे भी स्पष्टीकरण मांगा गया है और मामले की जांच की जा रही है।जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्यवाही की जाएगी।
    Click here to Read more
    Prev Article
    मेंहदावल सीट पर सपा के जयराम पांडेय बने पहली पसंद:निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद को दोनों बेटे पीछे, भाजपा से राकेश बघेल जनता की पसंद
    Next Article
    कासगंज में घायल मिले व्यक्ति ने अस्पताल में तोड़ा दम:मरने से पहले सिर्फ नाम बोल पाया, पुलिस कर रही शिनाख्त; हादसे की आशंका

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment