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    पूर्व मंत्री बादशाह सिंह ने राजनीति से लिया संन्यास:महोबा में VIDEO जारी कर बोले- राजनीति में बहुत गंदगी आ गई, 4 बार विधायक रहे

    10 hours ago

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    पूर्व मंत्री बादशाह सिंह ने राजनीति से लिया संन्यास: महोबा में VIDEO जारी कर किया ऐलान, 'सियासी गंदगी' को बताया वजह मायावती सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे बुंदेलखंड के प्रमुख राजनेता कुंवर बादशाह सिंह ने सक्रिय राजनीति से सन्यास ले लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर आधिकारिक रूप से इसकी सार्वजनिक घोषणा की। कुंवर बादशाह सिंह ने कहा- वर्तमान राजनीति में बहुत अधिक 'गंदगी' आ गई है। उन्होंने यह भी कहा कि एक समय था जब राजनीति समाजसेवा का सबसे बड़ा मंच थी, लेकिन अब हालात बदल गए हैं। इन्हीं कारणों से ऊब कर अब मैं सक्रिय राजनीति से सन्यास ले रहा हूं। मेरे चाहने वालों को अभी मेरा फैसला अटपटा लग सकता है, बाद बाद में उन्हें ये निर्णय ठीक लगेगा। यह फैसला ऐसे समय आया है जब वह समाजवादी पार्टी में सक्रिय थे। हाल ही में संपन्न हुए 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने उन्हें हमीरपुर-महोबा सीट जिताने की जिम्मेदारी सौंपी थी। बादशाह सिंह ने अपनी रणनीति से अजेंद्र सिंह लोधी को सांसद बनवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इस सफलता के कुछ समय बाद उनके संन्यास के फैसले ने समर्थकों को चौंका दिया है। अब पढ़िए कुंवर बादशाह सिंह का पूरा बयान… आज में राजनीति की उस अंधी सुरंग से बाहर निकल आया हूं। आज से मैं सक्रिय राजनीति से सन्यास लेता हूं। मैं सन 1985 से सक्रिय रायनीति में हूं। मेरे पिता जी ने मुझे कहा था- जब कोई जीव मर जाता है तो गिद्ध इकट्‌ठा होकर उसे नोंच-नोंचकर खा जाते हैं। उसके बाद कंकाल के इर्द-गिर्द आंखें मूंदकर सोने का नाटक करने लगते हैं। पर दरअसल वे फिराक में होते हैं कि कोई साथी गिद्ध वाकई सो जाए तो उसे मारकर सभी खा जाएं। आज कल के राजनीति की हालत भी यही है। 40 साल के राजनैति कॅरियर में मैंने इन अनुभवों को बहुत करीब से देखा। इन 40 सालों में मेरे पास कई लोग राजनैतिक स्वार्थ के लिए आए और चले गए। हालांकि कुछ लोग ऐसे भी रहे, जिन्हें मैं हमेशा दिल से याद रखूंगा। अखिलेश यादव ने मुझे पर भरोसा किया, मैं उनका अभार व्यक्त करता हूं। मायावती ने मुझे मंत्री पद दिया, कभी एक भी पैसा नहीं मांगा। मेरे बुंदेलखंड अलग राज्य के प्रस्ताव को स्वीकृति दी। कांग्रेस नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने हमेशा बड़े भाई की तरह साथ दिया। मेरा एक चरित्र है कि जिस थाली में खाता हूं, उसमें कभी छेद नहीं करता। मैं राणा कुंवर प्रताप सिंह का वंशज हूं। भले ही राज घराने से हूं, पर आज साहस और पराक्रम की कमी के कारण खेती और राजनीति करनी पड़ रही है। पर मेरी पहचान इससे नहीं है। ना ही मैंने कभी अपने स्वाभिमान से समझौता किया। राजनीति में कई बार जेल गया, दो बार लाठियां खाई और मेरे दो दांत भी टूट गए। पर मैं कभी अपने स्वाभिमान और आदर्शों से डिगा नहीं। पर पहले राजनीति का माहौल अलग था, अब अलग है। इसलिए अब मैं सक्रिय राजनीति से अलग होकर अपनी जनता के लिए निजी स्तर से सेवा करूंगा। हमीरपुर विस के प्रबल दावेदार माने जा रहे थे बता दें कि महोबा और हमीरपुर जिले की राजनीति में बादशाह सिंह का एक अलग प्रभाव रहा है। इस बार विस चुनाव-2027 के लिए कुंवर बादशाह सिंह को हमीरपुर सदर सीट से टिकट का प्रबल दावेदार माना जा रहा था, लेकिन उनके इस स्वैच्छिक संन्यास ने बुंदेलखंड के सियासी समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया है। 4 बार के विधायक रह चुके हैं कुंवर महोबा के खरेला निवासी बादशाह सिंह का राजनीतिक सफर 1985 में शुरू हुआ था। वे1989 में महोबा की खरेला नगर पंचायत के चेयरमैन बने। 1991 में वह हमीरपुर की मौदहा सीट से पहली बार विधायक चुने गए। वह मौदहा सीट से कुल चार बार विधायक रहे और बसपा शासनकाल के दौरान प्रदेश के श्रम मंत्री चुने गए। 40 साल की राजनीति में वे भाजपा, बसपा, कांग्रेस और अंत में समाजवादी पार्टी का हिस्सा रहे। 2012 के चुनाव से ठीक पहले उन्होंने बसपा छोड़कर भाजपा का दामन थामा। 2016 में भाजपा से इस्तीफा देकर वह कांग्रेस में शामिल हुए, जहां उनकी पत्नी रत्ना सिंह और समर्थकों ने भी सदस्यता ली थी। 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने सपा में शामिल होकर संगठन को मजबूती प्रदान की थी। --------------------------------------------- ये खबर भी पढ़िए… मिर्जापुर में वकील की हत्या करने वाले का एनकाउंटर:दोनों पैर में गोली लगी, पुलिसवाले टांगकर ले गए; मॉर्निंग वॉक पर मारी थी गोली मिर्जापुर में सीनियर वकील राजीव सिंह की हत्या करने वाले 50 हजार के इनामी राजेंद्र सोनकर को पुलिस ने शनिवार रात एनकाउंटर में गिरफ्तार कर लिया। उसके दोनों पैरों में गोली लगी। पुलिसकर्मी उसे कंधे पर टांगकर गाड़ी तक ले गए, फिर मंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। एसपी अपर्णा रजक कौशिक ने बताया- बरौधा तिराहे पर पुलिस टीम चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान आरोपी बाइक से आया और पुलिस को देखकर भागने लगा। पीछा करने पर उसने पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में उसके दोनों पैरों में गोली लग गई। पढ़ें पूरी खबर…
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