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    प्रेशर हार्न, मॉडिफाइड साइलेंसर पर सख्त कार्रवाई:फतेहपुर में वर्कशॉप पर 1 लाख जुर्माना, वाहन मालिक का लाइसेंस 3 माह रद्द

    1 hour ago

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    प्रेशर हार्न और मॉडिफाइड साइलेंसर वाले वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की गई है। परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश के निर्देश पर फतेहपुर में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी ने बताया कि ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले ऐसे वाहनों और उनकी बिक्री/स्थापना करने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। वाहन चालकों का ड्राइविंग लाइसेंस भी तीन महीने के लिए निलंबित किया जाएगा। मोटर गैराज और वर्कशॉप जो मॉडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हार्न या हूटर बेचते या लगाते हैं, उन पर मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 182ए (3) के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस धारा के तहत वर्कशॉप/गैराज संचालक पर प्रति संघटक 1,00,000 रुपये (एक लाख रुपये) का जुर्माना लगाया जा सकता है। इस जुर्माने के शमन की शक्ति उप परिवहन और उनसे ऊपर के अधिकारियों में निहित है। जिन वाहन मालिकों द्वारा अपने मोटरयान में पुर्जों की फिटिंग के माध्यम से ऐसा परिवर्तन किया जाता है, उनके खिलाफ मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 182ए (4) के तहत कार्रवाई होगी। ऐसे वाहन मालिकों को छह माह तक के कारावास या प्रत्येक परिवर्तन के लिए पाँच हजार रुपये तक के जुर्माने या दोनों से दंडित किया जा सकता है। कोई भी व्यक्ति जो सार्वजनिक स्थान पर ऐसा मोटरयान चलाएगा या चलाने देगा, जिससे सड़क सुरक्षा, शोर नियंत्रण और वायु प्रदूषण के निर्धारित मानकों का उल्लंघन होता है, उसके विरुद्ध मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 190 (2) के अंतर्गत विधिक कार्यवाही की जाएगी। पहले अपराध के लिए संबंधित व्यक्ति को तीन माह तक के कारावास या दस हजार रुपये तक के जुर्माने या दोनों से दंडित किया जा सकता है, और उसका ड्राइविंग लाइसेंस तीन माह की अवधि के लिए अयोग्य (निरर्हित) कर दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, जिन वाहनों में मॉडिफाइड साइलेंसर या ध्वनि प्रदूषण उत्पन्न करने वाले उपकरण लगे पाए जाते हैं और जिनका चालान किया गया है, उनके विरुद्ध मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 53 (1) के तहत पंजीकरण प्रमाण-पत्र (RC) के निलंबन की कार्रवाई प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जाएगी।
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