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    ​पुराने हथियारों की धातु से लेकर अंतरिक्ष तक की रिसर्च:CSJMU में मेटलर्जी के नए सत्र की प्रक्रिया शुरू, IIT के साथ हुआ करार

    2 hours ago

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    छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) के यूआईईटी संस्थान में मैटेरियल साइंस एवं मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग विभाग ने नए शैक्षणिक सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह विभाग उन छात्रों के लिए एक बेहतरीन मौका बनकर उभरा है, जो पारंपरिक धातु विज्ञान से लेकर आधुनिक स्पेस टेक्नोलॉजी की बारीकियों को समझना चाहते हैं। यहां छात्रों को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि प्राचीन काल के हथियारों में इस्तेमाल होने वाली धातुओं से लेकर भविष्य के अंतरिक्ष यानों में प्रयुक्त होने वाली तकनीक तक की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। डिमांड ज्यादा और छात्र कम, इस फील्ड में नौकरियों की है भरमार इस कोर्स की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहाँ पास होने वाले छात्रों की संख्या के मुकाबले नौकरियों के अवसर कहीं अधिक हैं। स्कूल के निदेशक आलोक कुमार के मुताबिक, इस ब्रांच से पढ़ाई करने वाले छात्र आज देश-विदेश की बड़ी कंपनियों और संस्थानों में ऊंचे पदों पर कार्यरत हैं। स्टील इंडस्ट्री, माइनिंग सेक्टर और रेलवे के अलावा डीआरडीओ, सीएसआईआर लैब्स, आईआईटी और एनआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में इन इंजीनियरों की भारी मांग रहती है। IIT हैदराबाद के साथ करार, अब स्टार्टअप और रिसर्च पर होगा जोर यूआईईटी का यह विभाग तकनीक के मामले में खुद को लगातार अपडेट कर रहा है। विभाग ने आईआईटी हैदराबाद और अन्य प्रमुख संस्थानों के साथ विशेष समझौते किए हैं। इसके तहत छात्रों को संयुक्त अनुसंधान, स्टार्टअप आइडिया एक्सचेंज और इंडस्ट्री के लाइव प्रोजेक्ट्स पर सीधे काम करने का अवसर मिल रहा है। इससे छात्रों को पढ़ाई के दौरान ही व्यावहारिक अनुभव मिल जाता है, जो भविष्य में उनके करियर के लिए बेहद मददगार साबित होता है। हाईटेक लैब में पुरानी धातु से लेकर भविष्य की तकनीक पर रिसर्च विभाग में छात्रों के लिए कई आधुनिक प्रयोगशालाएं तैयार की गई हैं, जहां हर दिन नए प्रयोग किए जाते हैं। यहां उपलब्ध मैटेरियल कैरेक्टराइजेशन लैब, मेटालोग्राफी लैब, कोरोजन लैब, पाउडर मेटलर्जी लैब और फर्नेस लैब के माध्यम से छात्रों की प्रैक्टिकल नॉलेज और रिसर्च स्किल्स को मजबूत किया जाता है। इन लैब में छात्र धातुओं की बनावट, उनकी मजबूती और नई मिश्र धातुएं तैयार करने की कला सीखते हैं। इन कोर्सेज में ले सकते हैं प्रवेश, लेटरल एंट्री की भी सुविधा विभाग में कुल 60 सीटें उपलब्ध हैं। छात्र जेईई मेन या 12वीं की मेरिट के आधार पर चार वर्षीय बीटेक कोर्स में प्रवेश ले सकते हैं, जिसकी सालाना फीस 90,200 रुपये है। इसके अलावा नैनोसाइंस एंड नैनोटेक्नोलॉजी में दो वर्षीय एमटेक की सुविधा भी है, जिसकी फीस 55,200 रुपये वार्षिक है। 10वीं के बाद छात्र 45,200 रुपये की सालाना फीस पर तीन वर्षीय डिप्लोमा कोर्स में भी दाखिला ले सकते हैं। विशेष बात यह है कि डिप्लोमा पास छात्रों को लेटरल एंट्री के तहत बीटेक द्वितीय वर्ष में सीधे प्रवेश का मौका भी दिया जा रहा है।
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