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    प्राइवेट स्कूल में पढ़ाना सफाई कर्मी को पड़ा भारी:डीपीआरओ ने किया निलंबित, जांज के दौरान गांव में सफाई नहीं मिली थी

    3 hours ago

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    गोंडा में एक सरकारी सफाई कर्मचारी को अपनी ड्यूटी से अनुपस्थित रहकर निजी स्कूल में पढ़ाने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) लालजी दुबे ने संगीता श्रीवास्तव नामक इस कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया। संगीता श्रीवास्तव कटरा बाजार ब्लॉक की ग्राम पंचायत जमथरा में सफाई कर्मचारी के पद पर तैनात थीं। उन्हें गांव की साफ-सफाई और स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी दी गई थी। हालांकि, वह लंबे समय से अपनी ड्यूटी पर उपस्थित नहीं हो रही थीं। अनुपस्थित होने के बावजूद उठा रही थी सैलरी कार्यस्थल पर अनुपस्थित रहने के बावजूद उन्हें नियमित रूप से सरकारी वेतन का भुगतान किया जा रहा था। यह मामला तब सामने आया जब 'ब्लॉक आपके द्वार' कार्यक्रम के तहत जमथरा ग्राम पंचायत में एक चौपाल का आयोजन किया गया। इस दौरान अपर जिला पंचायत राज अधिकारी (एडीपीआरओ) जीडी जैन गांव पहुंचे। निरीक्षण के दौरान उन्हें गांव और स्कूल परिसर में भारी गंदगी और अव्यवस्था मिली। ग्रामीणों से सफाई कर्मचारी के बारे में पूछताछ करने पर चौंकाने वाला खुलासा हुआ। एडीपीआरओ ने रिपोर्ट सौंपी ग्रामीणों ने बताया कि संगीता श्रीवास्तव गांव में नहीं आतीं, बल्कि गोंडा शहर में रहती हैं और एक निजी स्कूल में बच्चों को पढ़ाती हैं। गांव में फैली गंदगी और कर्मचारी की इस लापरवाही को देखते हुए एडीपीआरओ ने तुरंत मामले की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी। इस रिपोर्ट के आधार पर डीपीआरओ लालजी दुबे ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संगीता श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया। निलंबन की अवधि के दौरान उन्हें कटरा बाजार ब्लॉक के एडीओ पंचायत कार्यालय से संबद्ध किया गया है। विभागीय जांच के आदेश दिए गए मामले की गंभीरता को देखते हुए विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं, जिसकी जिम्मेदारी एडीओ पंचायत पंडरीकृपाल को सौंपी गई है। यह मामला सरकारी तंत्र में व्याप्त लापरवाही और संसाधनों के दुरुपयोग का एक बड़ा उदाहरण है, जहां एक कर्मचारी सेवा शर्तों का उल्लंघन कर निजी लाभ के लिए अपनी मूल जिम्मेदारियों को पूरी तरह दरकिनार कर रही थी। अब विभागीय जांच में यह भी देखा जाएगा कि बिना काम किए वेतन का भुगतान किन परिस्थितियों में होता रहा। यह मामला सरकारी तंत्र में व्याप्त लापरवाही और संसाधनों के दुरुपयोग का एक बड़ा उदाहरण है, जहां एक कर्मचारी सेवा शर्तों का उल्लंघन कर निजी लाभ के लिए अपनी मूल जिम्मेदारियों को पूरी तरह दरकिनार कर रही थी। अब विभागीय जांच में यह भी देखा जाएगा कि बिना काम किए वेतन का भुगतान किन परिस्थितियों में होता रहा।
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