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'इसे देखिए, ये लड़की पहले भी कोख बेचकर बच्चा दे चुकी है। पतली-दुबली है। तब इसने 10 लाख लिए थे, अब 15 लाख रुपए मांग रही है। हमारा बड़ा नेटवर्क है। लखनऊ में ही 10 सेंटर हैं, जहां पराए मर्द का वीर्य लेकर लड़कियों से बच्चा पैदा कराते हैं। 10 महिलाएं मेरे पास हैं।' ये कहना है यूपी के एक प्राइवेट अस्पताल के संचालक का। वह कोख का धंधा करने वालों का सरगना है। ये गिरोह महिला की उम्र, कद-काठी, रूप-रंग से उसके मां बनने के दाम तय करता है। अगर खूबसूरत है तो बच्चा पैदा करने के 15 लाख रुपए तक लगते हैं। सामान्य महिला को 5 लाख रुपए दिए जाते हैं। यह गिरोह पूरे यूपी में चल रहा है। इनके पास कई महिलाओं का नेटवर्क है, इनमें से कुछ तो कुंआरी हैं। इनके टारगेट पर होते हैं- ऐसे पति-पत्नी, जिन्हें कोई संतान नहीं है और IVF भी फेल हो चुका है। इनको किराए की कोख दिलाकर माता-पिता बनाने का सपना दिखाया जाता है। ये महिलाएं, पुरुष का सीमेन (वीर्य) अपने गर्भ में धारण करती हैं। फिर 4-5 महीने अपने घर में रहती हैं। जब पेट बढ़ने लगता है तो रिश्तेदारों और पड़ोसियों से बचने के लिए गिरोह के बनाए सेंटर पर उनकी निगरानी में रहती हैं। यहां महिला के रहने, खाने और दवाई का खर्च ये गिरोह उठाता है। नौ महीने पूरे होने पर महिला की डिलीवरी कराकर बच्चा कपल को सौंप दिया जाता है। किराए की कोख यानी सरोगेसी के कड़े कानून के बावजूद यूपी में गैर-कानूनी तरीके से चल रहे रैकेट को एक्सपोज करने के लिए दैनिक भास्कर की टीम ने इन्वेस्टिगेशन किया। पढ़िए, पूरा खुलासा… हमें सोर्स से पता चला कि लखनऊ-सीतापुर बॉर्डर पर मौजूद इटौंजा कस्बे में सहारा वेलकेयर हॉस्पिटल का मालिक अफजल अंसारी कोख के धंधे का बड़ा रैकेट चला रहा है। पूरे रैकेट को समझने के लिए हमने एक महीने तक हॉस्पिटल और अफजल के बारे में जानकारी जुटाई। तीन-चार कोशिश के बाद अफजल ने बात की। वह मिलने को भी तैयार हो गया। हम उसके हॉस्पिटल पहुंचे। पहली मुलाकात में उसने पूरा प्रोसेस समझाया। बातचीत पढ़िए… अफजल : आप बच्चा कैसे चाहते हैं? रिपोर्टर : सरोगेट मदर से। अफजल : सरोगेसी में आपका खर्चा ज्यादा आएगा। मैं आपको ऑप्शन दे रहा हूं, पहली बात- मान लीजिए, हम सरोगेसी करते हैं तो जो रुपया महिला को देना होता है, वो दे देंगे। सरोगेसी में आपके सीमेन का परसेंटेज वैल्यू कम हो, किसी कारणवश एम्ब्रियो (भ्रूण) बना और वो खत्म हो गया तो आपका पैसा डूब जाएगा। दूसरी बात- लड़की आपके साथ फिजिकल नहीं होगी। आपका सीमेन IVF प्रोसेस से इंजेक्ट करवाया जाएगा। रिपोर्टर : हम पहले लड़की देखना चाहेंगे, कितना खर्चा आ जाएगा? अफजल : सरोगेसी में 7 से 10 लाख रुपए का खर्च मान लीजिए। 9 महीने का रहना-खाना, दवा-पानी, सब कुछ लगता है। अगर आप डायरेक्ट बेबी लेते हैं, तो 5 से 6 लाख रुपए में लड़का मिल जाएगा। रिपोर्टर : अच्छा, ऐसा भी हो सकता है? अफजल : एक कपल हमारे पास आए थे, उन्हें बच्चा नहीं हो रहा था। हसबैंड सरोगेसी करवाना चाहते थे, लेकिन वाइफ का कहना था- हमें बस बच्चा मिल जाए। उनका सरोगेसी कराने में 3.5 लाख रुपए डूब गया था। जो औरत अपनी कोख दे रही है, इसका मतलब ये नहीं कि वो बच्चे को संभाल कर रखेगी भी, अगर उसने ध्यान नहीं रखा तो सालभर का पैसा बर्बाद हो जाएगा। अफजल से पहली मुलाकात में ही साफ हो गया कि वह कोख बेचने का रैकेट चला रहा है। साथ ही बच्चा भी बेचता है। इस धंधे के तार कहां-कहां तक जाते हैं? इसे समझने के लिए हमने उससे कुछ सीधे सवाल किए। ‘महिला बिहार में है, डिलीवरी वहीं कराएंगे’ रिपोर्टर : सरोगेसी का प्रोसेस कहां होगा? अफजल : सब कुछ लखनऊ से 400 किलोमीटर दूर, बिहार में होगा। रिपोर्टर : सरोगेट महिला से मुलाकात कैसे होगी? अफजल : जब इतना पैसा खर्च कर रहे हैं, तो मुलाकात भी करवाएंगे। पहले मुलाकात करवाएंगे, फिर बीच-बीच में भी आप लोग मिल सकते हैं। रिपोर्टर : महिला की उम्र क्या होगी? वो कहां पर रहेगी? अफजल : 25-26 साल के आस-पास होगी। उसका कमरा वगैरह सब दिखा देंगे, वो किराये पर अलग रहेगी। रिपोर्टर : क्या हमें उसको अलग से पैसा देना होगा? अफजल : नहीं, पैसा मत दीजिएगा, आप राशन दे सकते हैं। रिपोर्टर : तो कितना खर्च मान लें, क्या 10 लाख रुपए के अंदर सब कुछ हो जाएगा? अफजल : हां…। लखनऊ में एक गरीब कपल था, उन्हें 1 दिन की लड़की सिर्फ 2 लाख रुपए में दिलवाई थी। एकदम गोरी-चिट्टी। एक लड़का भी 6 लाख रुपए में एक दूसरे कपल को दिया था। रिपोर्टर : तो आप यूपी की लड़की की कोख किराये पर क्यों नहीं दिलाते? अफजल : यहां राजनीति बहुत है, इसलिए बिहार की लड़की को लेते हैं। जब आपको देखना होगा, तब लखनऊ लेकर आएंगे। रिपोर्टर : क्या कोई एग्रीमेंट भी करेंगे? आपके और लड़की के साथ… अफजल : एग्रीमेंट कुछ नहीं होता, इस लाइन में पेपर नहीं चलता, सब जुबान पर होता है। रिपोर्टर : पैसा कैसे पेमेंट करेंगे? डिलीवरी कहां होगी? अफजल : पहले 50% पेमेंट एडवांस देना होगा। लड़की से मिलवा देंगे। फिर बाकी पेमेंट बाद में देना होगा। बिहार में ही कराते हैं, वहीं पर अच्छा रहेगा। हॉस्पिटल के मालिक अफजल अंसारी ने यह भी कहा कि वो जानबूझकर राज्य बदलकर नेटवर्क चलाता है, ताकि निगरानी से बचा रहे। कुछ दिन बाद हमारी टीम महिला रिपोर्टर के साथ कपल बनकर अफजल से मिली, ताकि उसे पूरा विश्वास हो जाए कि हमें बच्चे की जरूरत है। इस बार अफजल को हमपर विश्वास हो गया तो उसने पूरे रैकेट के बारे में खुलकर बात की। ‘सरोगेट महिला 5 महीने अपने घर, फिर 4 महीने हमारी व्यवस्था में रहती है’ अफजल : (महिला रिपोर्टर को देखते हुए) मैडम को लेकर आ गए हैं, अच्छी बात है। रिपोर्टर : मैडम को बेंगलुरु वापस जाना है, इनकी शाम की फ्लाइट है। अफजल : अगर सरोगेट महिला को बुलवाता हूं, तो 4-5 घंटे तो लगेंगे। रिपोर्टर : कोई नहीं, आप बुला लीजिए। अफजल : तो आज रात 9 बजे बुला लेते हैं। रिपोर्टर : महिला के पति को बच्चा होने पर पता नहीं चलेगा? अफजल : डील हसबैंड से होती है, पेमेंट भी उसी को होता है। महिला रिश्तेदारों को बताती हैं कि वो बाहर रहकर जॉब कर रही हैं। फीमेल रिपोर्टर : आप हसबैंड और वाइफ दोनों से बात करते हैं? अफजल : जी, दोनों से होती है। रिपोर्टर : महिला को अलग से 500-1000 रुपए दे दें तो कोई बात तो नहीं होगी? अफजल : दे सकते हैं, लेकिन ज्यादा नहीं, उसका रहना-खाना, इलाज, अल्ट्रासाउंड, दवा सब कुछ देते हैं। महिला 5 महीने अपने घर या फिर हमारी व्यवस्था में रहती है, जरूरत पड़ी तो कमरा देते हैं, 9 से 12 महीने तक रखते हैं। अफजल ने पहले हमें बताया था कि महिला बिहार की है। लेकिन जब हम दंपती बनकर पहुंचे, तब उसने बताया कि महिला गोरखपुर की है। वहां से आएगी, क्योंकि अब उसे हम पर विश्वास हो गया था। 'महिला गोरखपुर की है, लखनऊ में डिलीवरी कराएंगे' रिपोर्टर : महिला कहां से आएगी? अफजल : गोरखपुर से। दरअसल, सरोगेट मदर और उसका पति अपने परिवार और सोसाइटी में झूठ बोलते हैं कि हमें बच्चा हुआ, लेकिन मर गया। देखो, ऐसा बचने के लिए करते हैं। 5 महीने तक औरत घर पर रह लेती है, लेकिन आखिरी के 4 महीने में अलग कमरा लेना पड़ता है। उसी में ज्यादा खर्चा हो जाता है। उस समय हम लोग भी ज्यादा संभालते हैं, जब वो घर पर रहती है तो खर्च के लिए रुपए भी भेजते हैं। रिपोर्टर : डिलीवरी कहां होगी? अफजल : अपने सेंटर बने हुए हैं, यहां लखनऊ से लेकर दिल्ली, बेंगलुरु, मुंबई, बिहार, गोरखपुर तक। अफजल की बातों से साफ हो गया कि उसका रैकेट दिल्ली, बेंगलुरु, मुंबई, बिहार तक फैला है। इसके बाद रात 9 बजे हम महिला रिपोर्टर के साथ दोबारा अफजल से मिलने पहुंचे। इस बार किराए पर कोख देने वाली महिला भी हमारे हिडेन कैमरे में कैद हुई। रिपोर्टर : महिला कहां है? अफजल : बस आ गई, 5 मिनट में यहीं कमरे पर होगी। जैसे ही आप लोग सुबह मेरे ऑफिस से गए, मुझे महिला को बुलाने की टेंशन हो गई थी। लेकिन, हमारा पूरा सिस्टम बना हुआ है। इसलिए आसानी से महिला आ जाती है। आपको विश्वास नहीं होगा, एक महिला 9 महीने में 5 लाख रुपए तक कमा सकती है। रिपोर्टर : अच्छा, ऐसा होता है। अफजल : मुझे बुखार आ जाए तो मैं संभाल लूंगा, लेकिन सरोगेट महिला के लिए तुरंत इंतजाम करना पड़ता है, क्लाइंट की चिंता रहती है। (करीब 20 मिनट बाद सरोगेट महिला को हमारे सामने लाया गया।) रिपोर्टर : क्या नाम है? कोई दिक्कत तो नहीं होगी? सरोगेट महिला : मेरा नाम सीता है। कोई मुश्किल नहीं होगी। रिपोर्टर : घर पर कोई परेशानी तो नहीं है? कितने बच्चे हैं? सरोगेट महिला : नहीं…एक बच्चे की मौत हो गई थी, मेरे एक लड़का और एक लड़की है। रिपोर्टर : पहले कभी ऐसा किया है? बाद में कोई समस्या तो नहीं आएगी? सरोगेट महिला : नहीं समस्या नहीं आएगी। पहली बार कर रही हूं। रिपोर्टर : आप इस दौरान कहां रहेंगी? अफजल : (बीच में बोलता है) इसकी व्यवस्था मैं कर दूंगा, आप परेशान न हों। कुछ महीने अपने घर पर रहेगी, फिर हम बुला लेंगे। रिपोर्टर : लखनऊ में ही रखेंगे? अफजल : हां, पास में रहेगा तो आपको भी आसानी होगी। रिपोर्टर : बाद में ये बच्चा देने से मना तो नहीं करेंगी? सरोगेट महिला : ऐसा नहीं होगा। अफजल : आप चिंता मत कीजिए, मेरी जुबान है। रिपोर्टर : हसबैंड को क्या बताओगी? सरोगेट महिला : साफ-साफ बता देंगे, अभी वे ही (पति) छोड़कर गए हैं। अफजल : गांव की है। दो स्वस्थ बच्चे हैं। ज्यादा सवाल मत कीजिए। हमारी पहले ही पूरी बात हो चुकी है। रिपोर्टर : क्या मुझे कुछ शगुन का रुपए देना है। अफजल : हां, दे दीजिए। अफजल ने पहले सरोगेट मदर का रेट 10 लाख के अंदर बताया था, लेकिन जब उसे विश्वास हो गया कि कपल ज्यादा रुपए खर्च कर सकता है तो उसने रेट बढ़ाकर 12 लाख रुपए कर दिए। ‘12 लाख रुपए लगेंगे, 5-6 लाख एडवांस देना होगा’ रिपोर्टर : आपका पेमेंट कैसे होगा? अफजल : कैश में देना होगा। 10 लाख रुपए हम व्यवस्था करने के लेंगे। 2 लाख इलाज में खर्च होंगे। रिपोर्टर : यानी 12 लाख रुपए…? अफजल : हां, शुरुआत में 5-6 लाख एडवांस देना होगा, बाकी बाद में दीजिएगा। रिपोर्टर : क्या महिला को अलग से पैसा देने होंगे? अफजल : नहीं, मैं इन्हें क्रेडिट कार्ड देता हूं। जितना चाहे खर्च करें। काम खत्म होने के बाद कार्ड ब्लॉक कर देते हैं। इसके बाद महिला रिपोर्टर उठकर सरोगेट महिला सीता से मिलने भीतर गई। वहां हिडेन कैमरे पर हमने सीता को 500 रुपए दिए। फिर उससे किराए की कोख को लेकर बातचीत की। ‘सीता बोली- बेफिक्र रहिए, ये नहीं सोचूंगी कि दूसरे का बच्चा है’ महिला रिपोर्टर : आपको कोई दिक्कत तो नहीं होगी? सीता : नहीं, कोई दिक्कत नहीं है। मेरे 2 बच्चे हुए हैं। हम फोटो नहीं लाए हैं, वरना हम आपको अपने बच्चो को दिखा देते। तब आप भी कहती कि लग ही नहीं रहा है कि ये आपके बच्चे हैं। महिला रिपोर्टर : यूपी में आप किस साइड से हो? सीता : मैम (रिपोर्टर) को भइया (अफजल) बताए तो होंगे। अफजल ने बच्चा खरीदने का भी ऑफर दिया
अफजल ने हमें सरोगेट मदर का ऑप्शन छोड़कर सीधे 1-2 दिन का नवजात बच्चा खरीदने का ऑफर भी दिया। उसने बताया, 5-6 लाख रुपए में एक दिन का लड़का दे देंगे। अगर लड़की चाहिए तो 2 लाख रुपए देने होंगे। ‘बिना शादी के 5 बच्चों की मां बन चुकी है’
सरगना अफजल ने अपने मोबाइल पर एक महिला की रील दिखाई। हमने पूछा- ये कौन है? अफजल बोला- इसकी शादी नहीं हुई है। अब तक बगैर शादी के ही 5 बच्चे पैदा कर चुकी है। पहला बच्चा 2018 में दिया था। अब सरोगेसी के नियम जानिए… रिश्तेदार ही बन सकती हैं सरोगेट मदर, पैसा लेना जुर्म
सरोगेसी के रैकेट को समझने के बाद देश में क्या नियम कानून हैं, इस पर हमारी टीम ने लखनऊ हाईकोर्ट के सीनियर एडवोकेट अरविंद वर्मा से बात की। सवाल. देश में सरोगेट मदर को लेकर क्या नियम हैं?
जवाब. सरोगेसी विनियमन अधिनियम 2021 के तहत भारत में केवल परोपकारी सरोगेसी की अनुमति है। जबकि व्यावसायिक सरोगेसी प्रतिबंधित है। नियमों के अनुसार जरूरतमंद कपल, जिसमें महिला की उम्र 25 से 50 साल और पुरुष की उम्र 26 से 55 वर्ष के बीच होनी चाहिए। उनका कोई जीवित संतान नहीं होनी चाहिए। सरोगेट मदर नजदीकी रिश्तेदार ही हो सकती हैं। उसे इस काम की कीमत देना गैरकानूनी है। सवाल. सरोगेसी कराने वाले क्लीनिक के लिए क्या नियम हैं?
जवाब. सरोगेसी कराने वाले क्लीनिक के पास जिला चिकित्सा बोर्ड का प्रमाण-पत्र और NOC होना जरूरी है। इन नियमों का उल्लंघन करना गैर-जमानती अपराध है, इसमें 5 से 10 साल तक की सजा और 10 से 25 लाख रुपए का जुर्माना हो सकता है। -------------------- भास्कर इन्वेस्टिगेशन की ये खबरें भी पढ़ें- यूपी से नेपाल पटाखा तस्करी करा रहे चौकी इंचार्ज:डायरी में हिसाब, कैमरे पर बोले- अलग से पैसा लगेगा पटाखों पर बहुत सख्ती है। नेपाल में भी DIG-SP चेंज हो गए हैं। पटाखे का लाइन (गाड़ी निकालने के बदले रुपया) अलग से लगेगा। दीपावली तक निकलवाएंगे। उतने में तो पूरा नेपाल पट जाएगा पटाखे से… लेकिन एक चीज ध्यान रखिए- हमारे क्षेत्र में कहीं पटाखा स्टोर मत करवाइएगा। ये कहना है खुनुवां-नेपाल बॉर्डर के चौकी इंचार्ज सुधीर त्रिपाठी का। पढ़ें पूरी खबर बड़े अस्पताल जाओ… यहां डॉक्टर नहीं:रात 12 से सुबह 5 बजे तक सरकारी अस्पतालों में इलाज ठप, नर्स करती है अबॉर्शन; देखें स्टिंग यूपी के कई सरकारी अस्पताल रात को भगवान भरोसे चलते हैं। यहां डॉक्टर नहीं मिलते। नर्स और बाकी स्टाफ चैन की नींद सोता है। डिलीवरी के लिए कोई गर्भवती पहुंचे, तो इलाज नहीं मिलता। दैनिक भास्कर की टीम ने रात 12 से सुबह 5 बजे तक 6 CHC (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) का इन्वेस्टिगेशन किया। पढ़ें पूरी खबर यूपी में चल रहे अफ्रीकन-रशियन गर्ल्स के सेक्स रैकेट:स्पा सेंटर्स में एक्स्ट्रा सर्विस के नाम पर कस्टमर्स फंसा रहे; देखें स्टिंग अफ्रीकन… रशियन… थाई… ये लड़कियां जिस्मफरोशी के लिए खुद की नुमाइश कर रही हैं। यूपी में स्पा सेंटर की आड़ में इंडियन और थाई गर्ल्स से वैश्यावृत्ति कराना आम बात है। अब इन स्पा सेंटरों में काम्पिटिशन इतना बढ़ गया कि ये कस्टमर्स को फंसाने के लिए अफ्रीकन और रशियन गर्ल्स का सेक्स रैकेट चला रहे हैं। सोशल मीडिया से लेकर गली-चौराहे तक इनके एजेंट एक्टिव हैं, जो लड़कियां उपलब्ध करा रहे। पढ़ें पूरी खबर