Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    'नेशनल प्लेयर बेटी को अब मुझे सहारा देना पड़ रहा':काशी में मां बोली- JE दामाद ने फंदे पर लटकाया, अब बोल भी नहीं सकती

    2 hours ago

    1

    0

    ‘एक मां के दिल से पूछिए, जो बेटी मुझे सहारा देती थी, 10 महीने से उसे मैं सहारा दे रही हूं। जो बेटी मेडल जीतकर लाती थी, आज उसके लिए न्याय मांग रही हूं। बेटी के लिए इंसाफ मांग रही हूं, जो आज तक नहीं मिला। पति ने उसे मरने के लिए छोड़ दिया था और अब हमें धमका भी रहा है।’ यह दर्द है उस मां का, जिसकी बेटी काशी विद्यापीठ से एमपीएड में टॉपर और नेशनल वॉलीबाल प्लेयर रही है। लेकिन, अब कुछ भी सही से बोल नहीं पाती। नेशनल खिलाड़ी प्रिया सिंह की मां निशा सिंह बेटी की दशा देखकर रोती रहती हैं। उनका कहना है कि अगर इंसाफ नहीं मिला तो वो बेटी के साथ आत्मदाह कर लेंगी। आरोप है, बेटी को उसके पति ने जुलाई- 2025 में जान से मारने की कोशिश की थी। फंदे पर लटका दिया था, जिससे उसकी बोलने की क्षमता और यादाश्त चली गई। 7 अप्रैल को इंसाफ मांगने मां निशा सिंह बेटी को लेकर कमिश्नर मोहित अग्रवाल के पास पहुंचीं। कमिश्नर ने कहा कि उन्हें पूरा न्याय मिलेगा। प्रिया की यह दशा कैसे हुई? उनकी मां को कैसा इंसाफ चाहिए? इन सब मसलों पर दैनिक भास्कर ने निशा सिंह से बात की और पूरी घटना जानी। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… पहले देखिए प्रिया की शादी और उसके बाद की तस्वीरें… वाराणसी के परमानंदपुर इलाके में रहने वाली निशा सिंह के बेटा अर्जुन और छोटी बेटी प्रिया सिंह हैं। निशा के पति छोटेलाल वर्मा की मौत हो चुकी है। प्रिया नेशनल वॉलीबाल प्लेयर हैं। प्रिया ने संत अतुलानंद एकेडमी और काशी विद्यापीठ की तरफ से कई टूर्नामेंट खेले हैं। काशी विद्यापीठ की टीम की कप्तान भी रही हैं। हम उनके परमानंदपुर स्थित घर पहुंचे, तो गोल्ड मेडल और प्रिया की जीती हुई ट्राफियों से ड्राइंग रूम भरा मिला। वहीं बेड पर तकिया लगाए प्रिया बैठी थीं। अपने मेडल और ट्राफियों को निहार रही थीं। उनकी आंखों से उनका दर्द छलक रहा था। लेकिन, कुछ भी बोलने की स्थिति में नहीं हैं। ऐसे में हमने उनकी मां निशा सिंह से बात कर बेटी और उनका दर्द जाना। पढ़िए प्रिया की मां ने जो कुछ बताया साल- 2025 में बेटी की शादी के बाद शुरू हुईं तकलीफें निशा सिंह बताती हैं- हमारी एक ही बेटी है। उसकी शादी हमने धूमधाम से 25 फरवरी, 2025 को नाथूपुर डीएलडब्ल्यू में रहने वाले बनवारी लाल वर्मा के JE बेटे अमित कुमार वर्मा से की थी। इस दौरान 8 लाख रुपए दहेज में भी दिए थे। दामाद गोरखपुर में सिंचाई विभाग में जेई था। हंसी-खुशी शादी हुई और प्रिया घर से विदा हुई। लेकिन, शादी के एक महीने के बाद से ही बेटी की प्रताड़ना शुरू हो गई थी। जमीन अपने नाम करने का बना रहा था दबाव मेरा दामाद अमित शादी के एक महीने बाद बेटी प्रिया को लेकर गोरखपुर चला गया था। वहां दोनों रहने लगे। लेकिन, वहां अमित ने बेटी को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। हमारी जो जमीन है, उसे अपने नाम करने की बात कहने लगा। यह बात बेटी ने बताई, तो हमने दामाद से पूरी बात पूछी। उसे समझाया, लेकिन उसने हमारी बात नहीं सुनी और बेटी से मारपीट करता रहा। 8 जुलाई, 2025 को तड़के आया बेटी के सुसाइड करने का फोन 8 जुलाई, 2025 को तड़के 3 बजे मेरे पास मेरे समधी बनवारी लाल वर्मा का फोन आया। उन्होंने कहा कि आपकी बेटी ने गोरखपुर में सुसाइड कर लिया है। मैंने बेटे अर्जुन को जगाया और हम दोनों फौरन गोरखपुर के लिए निकल गए। वहां पहुंचे तो हमारी बेटी AIIMS गोरखपुर में भर्ती थी। डॉक्टर ने हमसे कहा कि हालत ठीक नहीं है। आप मां हैं, आप देखिए शायद उसे होश आ जाए। मैंने जब उसके सिर पर हाथ रखा तो वह हिली और मेरा हाथ पकड़ लिया। डॉक्टर ने लखनऊ रेफर कर दिया निशा ने बताया- इसके बाद वहां से लखनऊ पीजीआई रेफर किया गया। लेकिन, वहां न्यूरोलॉजिस्ट नहीं होने की वजह से हम प्रिया को केजीएमयू लेकर आए और भर्ती कराया। जहां बेटी 7 दिन कोमा में रही और 22 दिन आईसीयू के रेड जोन में रही। फंदा लगने से बेटी के वोकल कार्ड में गहरी चोट लग गई थी, जिससे उससे बोलने में अब काफी तकलीफ होती है। शिवपुर थाने में दर्ज कराई FIR निशा बताती हैं- इस घटना के बाद हमने 8 जुलाई, 2025 को काशी के शिवपुर थाने में मुकदमा दर्जा कराया था। लेकिन, मेरे दामाद के सरकारी विभाग में होने की वजह से पुलिस ने हल्की धारा में मुकदमा दर्ज किया। जबकि यह हत्या करने का मामला है। आज तक कोई कार्रवाई और गिरफ्तारी भी नहीं हुई। तब से मैं इंसाफ के लिए दर-दर भटक रही हूं। निशा अब तक एडीसीपी वरुणा और सीपी मोहित अग्रवाल से मिल चुकी हैं। सभी जगह से उन्हें आश्वासन मिला, लेकिन शिवपुर थाने में कोई सुनवाई नहीं हो रही है। अब जानिए कौन है प्रिया सिंह? महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से एमपीएड में टॉपर प्रिया सिंह अब सही से बोल नहीं पातीं। अटक-अटक कर वह बताती हैं- मैंने इंटर यूनिवर्सिटी और कॉलेज वॉलीबाल में नेशनल टूर्नामेंट खेले हैं। विद्यापीठ की वॉलीबाल टीम की कप्तान भी रही हैं। साल 2024 में उन्होंने एमपीएड की परीक्षा अच्छे नंबरों से पास की थी। बचपन से खेल में रही रुचि प्रिया सिंह के ड्राइंग रूम में मेडल और शील्ड रखी हैं। जिन्हें देखकर उनकी आंखों में चमक आ जाती है। हमने उनसे बात की, तो उन्होंने अटक-अटक कर बोलना शुरू किया। कहा- मैं वॉलीबाल की प्लेयर हूं। कई नेशनल प्रतियोगिताएं खेली हैं। शुरुआत में मैंने संत अतुलानंद एकेडमी से पढ़ाई की और वहां भी खेली। कई नेशनल टूर्नामेंट में हिस्सा लिया। इसके बाद विद्यापीठ से बीपीएड और एमपीएड किया। शादी के बाद मेरी जिंदगी नरक बना दी गई। घटना के दिन क्या हुआ था, नहीं बता पाईं प्रिया प्रिया से जब हमने घटना के दिन के बारे में बात की, तो वो खामोश हो गईं। कुछ भी बोल नहीं पाईं। प्रिया की मां निशा सिंह कहने लगीं कि डॉक्टर ने इन्हें बेड रेस्ट लिखा है, लेकिन इंसाफ के लिए हम दर-दर भटक रहे हैं। एसडीसीपी वरुणा जोन नीतू काद्यान ने बताया- मामले में मुकदमा दर्ज है। अभी जांच चल रही है। लापरवाही पाई जाएगी, तो कार्रवाई की जाएगी। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। ---------------------- ये खबर भी पढ़िए- कानपुर में 20 साइबर ठगों को दौड़ाकर पकड़ा, एक और 'मिनी जामताड़ा' का भंडाफोड़; 17 गाड़ियों से 70 पुलिसवाले पहुंचे यूपी में एक और 'मिनी जामताड़ा' का भंड़ाफोड़ हुआ है। कानपुर पुलिस 17 गाड़ियों के साथ फिल्मी स्टाइल में पहुंची। ड्रोन से रेकी करते हुए पूरे इलाके को चारो ओर से घेर लिया। फिर खेतों में बनीं झोपड़ियों में से 20 साइबर ठगों को अरेस्ट किया। इन झोपड़ियों से ही ये लोग ठगी का धंधा चलाते थे। पढ़ें पूरी खबर…
    Click here to Read more
    Prev Article
    थप्पड़- इंतकाम की कहानी, जिसने मेरठ सेंट्रल मार्केट ढहा दिया:पहले कॉम्पलेक्स गिरा, अब 44 संपत्तियां सील; महिलाएं फूट-फूटकर रोईं, VIDEO
    Next Article
    राघव चड्ढा मामले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की एंट्री:बोले - देश का एसेट हैं, संसद में लोगों की बात उठाई, राजनीतिक कद बढ़ा

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment