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    नोएडा में निषाद पार्टी का एकता महासम्मेलन:मंत्री संजय निषाद पहुंचे, थोड़ी देर में कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे

    12 hours ago

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    नोएडा के इंडोर स्टेडियम में आज यानी 5 अप्रैल को निषाद पार्टी एकता महा सम्मेलन कर रही है। सम्मेलन में मेरठ, सहारनपुर, आगरा, मुरादाबाद एवं बरेली पांच मंडल के लोगों को बुलाया गया है। इसमें कश्यप, गुर्जर, निषाद, पिछड़ा और अति पिछड़ा वर्ग समाज के लोग शामिल हैं। एकता महा सम्मेलन के जरिए निषाद पार्टी शक्ति प्रदर्शन कर रही है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद का कहना है कि ये रैली नहीं बल्कि सम्मान और अधिकार की लड़ाई है। कमजोर वर्गों को संविधान के अनुसार शिक्षा और सुरक्षा की गारंटी मिलनी चाहिए। संजय निषाद ने जनगणना में वंचित समुदायों की गिनती, 27% राजनीतिक आरक्षण और जमीन गंवाने वालों को कंपनियों में हिस्सेदारी देने की मांग भी दोहराई। सपा-बसपा पर हमला, सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश सम्मेलन से पहले निषाद पार्टी ने विपक्ष पर सीधा। संजय निषाद ने आरोप लगाया कि बसपा ने रोजी-रोटी छीनी और सपा ने शिक्षा और अब इन अधिकारों को वापस दिलाने की जरूरत है। यह सम्मेलन साफ तौर पर पिछड़ा और अति पिछड़ा वोट बैंक को साधने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। पूर्वांचल से पश्चिम यूपी तक विस्तार का संकेत अब तक पूर्वांचल की राजनीति में सक्रिय रही निषाद पार्टी इस सम्मेलन के जरिए पश्चिमी यूपी में अपनी मौजूदगी मजबूत करने का संदेश देना चाहती है। गोरखपुर और प्रयागराज के बाद नोएडा को चुनना इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। पहले यह रैली मेरठ में प्रस्तावित थी, लेकिन बाद में इसे नोएडा शिफ्ट किया गया। दनकौर क्षेत्र को एकलव्य से जोड़ते हुए पार्टी ने इसे ऐतिहासिक प्रतीक के रूप में पेश किया है, जिससे सामाजिक न्याय का संदेश देने की कोशिश की जा रही है। बीजेपी गठबंधन और 2027 की तैयारी भारतीय जनता पार्टी की सहयोगी निषाद पार्टी इस सम्मेलन के जरिए अपने राजनीतिक कद और हिस्सेदारी का संकेत भी देना चाहती है। पार्टी पहले ही साफ कर चुकी है कि उसके कार्यकर्ता विभिन्न राज्यों में बीजेपी के समर्थन में सक्रिय हैं। ऐसे में नोएडा का यह महा सम्मेलन सिर्फ भीड़ जुटाने का आयोजन नहीं, बल्कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले शक्ति प्रदर्शन और राजनीतिक मोलभाव की जमीन तैयार करने की कवायद माना जा रहा है।
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