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    नोएडा बवाल- 200 हिरासत में, मंत्री बोले- साजिश की आशंका:कमिश्नर बोलीं- बाहरी लोगों ने भड़काया माहौल, अखिलेश ने कहा- नाकामी छिपा रहे

    4 hours ago

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    नोएडा में सोमवार को फैक्ट्री कर्मचारियों के हिंसक प्रदर्शन के बाद पुलिस ने 200 लोगों को हिरासत में लिया है। 60 लोगों खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। बड़ी बात यह है कि इस प्रदर्शन का कोई चेहरा या लीडर नहीं था। 18 से 30 साल के युवा हिंसक प्रदर्शन कर रहे थे। योगी सरकार ने मामले की जांच के लिए हाईलेवल कमेटी बनाई है। योगी ने कहा- औद्योगिक अशांति पैदा करने वाले लोगों से सावधान रहें। हमारी सरकार श्रमिकों के साथ है। वहीं, श्रम मंत्री अनिल राजभर ने बवाल को साजिश बताया। कहा- मुजफ्फरनगर में मुख्यमंत्री की रैली थी। इसे असफल करने के लिए साजिशन नोएडा में यह घटना कराई गई हो सकती है। मामला आतंकवादी साजिश से भी जुड़ा हो सकता है। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने कर्मचारियों की नाराजगी के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया। कहा- यूपी सरकार झूठ बोलने में नंबर वन है। अगर यह वाकई में साजिश है तो उनकी खुफिया एजेंसी कहां थी। एजेंसी भी क्या उनके साथ बंगाल चुनाव प्रचार में गई थी? आरोप लगाया कि सरकार ‘साजिश’ का ठप्पा लगाकर नाकामियों को छिपाने की कोशिश कर रही है। दरअसल, 9 अप्रैल से सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे 42 हजार कर्मचारी सोमवार को सड़कों पर उतर आए। अलग-अलग इलाकों में फैक्ट्रियों में पथराव और तोड़फोड़ की। कई गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए। 50 से ज्यादा फूंक दीं। पुलिस की गाड़ियां भी पलट दी। पुलिस पर पथराव किया। हालात काबू करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। नोएडा आंत्रप्रेन्योर एसोसिएशन के अध्यक्ष विपिन मल्हन के मुताबिक, 350 से ज्यादा इंडस्ट्री में तोड़फोड़ और 150 वाहन तोड़े गए हैं। गौतमबुद्धनगर की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बताया कि नोएडा में 83 जगहों पर श्रमिक सड़कों पर उतरे। दो स्थानों पर प्रदर्शन के दौरान स्थिति हिंसक हुई। बाकी 78 जगहों पर श्रमिकों को बातचीत के जरिए शांतिपूर्वक हटा दिया गया। उन्होंने कहा- बाहरी जिलों से आए कुछ लोगों ने माहौल को भड़काने और हिंसक बनाने की कोशिश की। ऐसे कुछ लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य की पहचान सीसीटीवी फुटेज के आधार पर की जा रही है। उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। कहां और कैसे भड़की हिंसा- आगजनी? सबसे पहले फेज-2 इलाके में हालात खराब हुए। सुनवाई न होने से कर्मचारी उग्र हो गए। पथराव कर दिया। फेज-2 के बाद धीरे-धीरे प्रदर्शन नोएडा के करीब 10 इंडस्ट्रियल इलाकों और आसपास के जिलों में फैल गया। कर्मचारियों ने नोएडा सेक्टर-57 में 30 से ज्यादा फैक्ट्रियों और दफ्तरों में तोड़फोड़ की। सेक्टर- 40 और 60 में कंपनियों का घेराव किया। सेक्टर 85 में डिक्सन कंपनी का गेट तोड़ दिया। सेक्टर 1, 15, 62 और DND फ्लाइओवर के पास सड़क जाम कर दी। हालात को काबू करने के लिए कुछ इलाकों में RAF और PAC उतार दी गई है। DGP राजीव कृष्ण और ADG (लॉ एंड ऑर्डर) अमिताभ यश कंट्रोल रूम से स्थिति पर नजर रखते हुए हैं। डीजीपी ने कहा है कि अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई करेंगे। गौतमबुद्धनगर की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने कहा, नोएडा में लगभग 83 स्थानों पर करीब 42 हजार श्रमिक अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे। इनमें से केवल दो स्थानों पर प्रदर्शन के दौरान स्थिति हिंसक हुई, जहां हालात को नियंत्रित करने के लिए न्यूनतम बल का प्रयोग किया गया और मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। हिंसक प्रदर्शन की तस्वीरें देखिए… अब जानिए कर्मचारियों की मांगें क्या हैं? पुलिस के मुताबिक, नोएडा का फेज-2 इलाका इंडस्ट्रियल एरिया है। यहां मदरसन, ऋचा ग्लोबल, रेनबो, पैरामाउंट, एसएनडी और अनुभव कंपनियों के 1000 से ज्यादा कर्मचारी सैलरी बढ़ाने को लेकर पिछले 3 दिन से प्रदर्शन कर रहे थे। करीब 500 कर्मचारी मदरसन कंपनी के बाहर जुटे थे। सबसे पहले यहीं हिंसा हुई। योगी सरकार ने हाई लेवल कमेटी बनाई यूपी सरकार ने वर्कर्स के हिंसक प्रदर्शन को देखते हुए हाई लेवल कमेटी बनाई है। कमेटी में औद्योगिक विकास आयुक्त अध्यक्ष होंगे, जबकि अपर मुख्य सचिव (एमएसएमई), प्रमुख सचिव (श्रम) और श्रम आयुक्त सदस्य हैं। श्रमिक संगठनों के 5 और उद्यमी संघ के 3 प्रतिनिधि भी शामिल किए गए हैं। सरकार ने समिति को जल्द रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील प्रशासन कर्मचारियों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है। कर्मचारियों को समझाने की कोशिशें की जा रही हैं। नोएडा डीएम मेधा रुपम ने कहा- अफवाहों पर ध्यान न दें। कंपनियों के साथ बैठक में अहम फैसले लिए गए हैं। वर्कप्लेस पर यौन उत्पीड़न रोकथाम समिति गठित की जाएगी। इसकी अध्यक्ष महिला ही होगी। शिकायत पेटियां रखी जाएंगी। कर्मचारियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाएगा। हर महीने की 10 तारीख तक वेतन का एकमुश्त भुगतान कर दिया जाएगा। वेतन पर्ची अनिवार्य रूप से दी जाएगी। MP के पीथमपुर में भी हाईवे जाम, मदरसन कंपनी ने नहीं बढ़ाई सैलरी, गुस्साए कर्मचारी धरने पर बैठे नोएडा में फैक्ट्री कर्मचारियों के हिंसक प्रदर्शन के बीच इसका असर अब मध्य प्रदेश में भी दिखने लगा है। पीथमपुर स्थित मदरसन कंपनी यूनिट-2 के कर्मचारियों ने सोमवार को वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर काम बंद कर दिया और महू-नीमच नेशनल हाईवे जाम कर दिया। पूरी खबर पढ़ें…
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