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    MP में बिजली की दरें 4.80% बढ़ीं:एक अप्रैल से लागू होंगे नए रेट; दिन में ईवी चार्ज करने पर 20 प्रतिशत छूट

    6 hours ago

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    मध्य प्रदेश में बिजली की दरों में 4.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी गई है। नए रेट एक अप्रैल से लागू होंगे। राज्य विद्युत नियामक आयोग (MPERC) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नया टैरिफ आदेश जारी कर दिया है। इसके मुताबिक, इस बार घरेलू, गैर-घरेलू, औद्योगिक और कृषि श्रेणियों के लिए अलग-अलग दरें तय की गई हैं। नए टैरिफ आदेश में लो टेंशन (LT) उपभोक्ताओं को राहत मिली है, जिनके लिए न्यूनतम शुल्क समाप्त कर दिया गया है। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए पहले की तरह स्लैब सिस्टम लागू रहेगा, जिसमें कम खपत पर कम और अधिक खपत पर ज्यादा दर से बिल लिया जाएगा। वहीं, गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के लिए लोड और खपत के आधार पर रेट लगेगा। इंडस्ट्रियल कस्टमर के लिए स्थायी शुल्क और ऊर्जा शुल्क अलग-अलग तय किए गए हैं जबकि कृषि उपभोक्ताओं को चरणबद्ध दरों के अनुसार बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। EV स्टेशन के उपयोग में 20% की छूट इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) को बढ़ावा देने के लिए भी नए टैरिक आदेश में विशेष प्रावधान किए गए हैं। EV चार्जिंग स्टेशनों पर सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक बिजली उपयोग पर 20% की छूट मिलेगी जबकि दूसरे समय में 20% अतिरिक्त शुल्क देना होगा। कंपनियों ने गिनाए बढ़ोतरी के कारण बिजली कंपनियों का कहना है कि उनकी आर्थिक हालत बहुत खराब है और वे बहुत बड़े घाटे में चल रही हैं। बिजली दर बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर उठे थे सवाल बिजली दर बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर कई गंभीर सवाल उठे थे। ये सवाल बिजली कंपनियों और सरकार की मंशा पर संदेह पैदा कर रहे हैं। 4,800 करोड़ रुपए की रुकी हुई वसूली का अनसुलझा पेंच इस मामले में एक और बड़ा वित्तीय पेंच है। विधानसभा चुनाव 2023 से ठीक पहले, तत्कालीन सरकार ने मतदाताओं को लुभाने के लिए फैसला लिया था कि 31 अगस्त 2023 तक के घरेलू उपभोक्ताओं के बढ़े हुए बिजली बिल या बकाया की वसूली रुकवा दी जाए। यह राशि कुल मिलाकर लगभग 4,800 करोड़ रुपए की है। सरकार ने वादा किया था कि इस राशि की भरपाई सरकार खुद करेगी यानी डिस्कॉम्स को सरकार से पैसे मिलेंगे। लेकिन अब तक सरकार से यह राशि नहीं मिली है। सरकार का विरोधाभासी रुख और मंत्री का बयान दिलचस्प बात यह है कि कुछ समय पहले ही अपने दो साल के कार्यकाल पर भोपाल में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा था कि सरकार का पूरा प्रयास है कि उपभोक्ताओं पर कोई अतिरिक्त बोझ न पड़े और बिजली दरों में कोई बढ़ोतरी न हो। उन्होंने यह भी दावा किया था कि 2028 तक प्रदेश की तीनों बिजली वितरण कंपनियां घाटे से पूरी तरह बाहर आ जाएंगी और आर्थिक रूप से मजबूत हो जाएंगी। जब उनसे सवाल किया गया कि बिजली को और सस्ता कैसे किया जाएगा, तो मंत्री ने कहा- प्रदेश में कुल 1 करोड़ 35 लाख बिजली उपभोक्ता हैं। इनमें से करीब एक करोड़ उपभोक्ता तो अटल गृह ज्योति योजना के तहत सिर्फ 100 रुपए में बिजली पा रहे हैं (सब्सिडी वाली स्कीम)। ऐसे में बिजली को और सस्ता कैसे किया जा सकता है? ये खबर भी पढ़ें… रसोई गैस सिलेंडर 60 रुपए महंगा केंद्र सरकार ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर 60 रुपए महंगा कर दिया है। वहीं, 19 KG वाले कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम में 115 रुपए का इजाफा किया गया है। बढ़ी हुई कीमतें 7 मार्च से ही लागू हो गई हैं। मध्य प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो अब भोपाल में 918 रुपए, इंदौर में 941 रुपए, ग्वालियर में 996 रुपए, जबलपुर में 919 रुपए और उज्जैन में 972 रुपए में एलपीजी सिलेंडर मिलेगा। पढ़ें पूरी खबर…
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