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    MLA नसीम सोलंकी के नाम का पत्थर हटाने की मांग:कानपुर में BJP पार्षद का सवाल- बिना वर्क आर्डर लिए कैसे काम कराया

    2 hours ago

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    कानपुर में शिलापटों पर नाम लिखे जाने की राजनीति में एक नया मोड़ सामने आया है। बीजेपी पार्षद आलोक पाण्डेय ने सीसामऊ विधानसभा की विधायक नसीम सोलंकी पर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बिना वर्क ऑर्डर के कराए गए सीवर लाइन कार्य का शिलापट वार्ड नंबर 5 के उखड़ी रेलवे लाइन क्षेत्र में लगवा दिया गया। इस मामले की शिकायत उन्होंने जलकल के जीएम आनंद त्रिपाठी से करते हुए शिलापट हटाने और उसे लगवाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। बीते सप्ताह विधायक नसीम सोलंकी ने पीपीपी मॉडल पर बने सुलभ शौचालय के कार्य में शिलापट पर अपना नाम न लिखे जाने को लेकर नाराजगी जताई थी। अब बीजेपी पार्षद ने उन पर ऐसे कार्य का श्रेय लेने का आरोप लगाया है, जो उनके अनुसार विधायक निधि से कराया ही नहीं गया। वार्ड 5 के पार्षद आलोक पाण्डेय बोले- जवाहर नगर वार्ड नंबर 5 से पार्षद आलोक पाण्डेय जलकल महाप्रबंधक के कार्यालय पहुंचे। अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए वह उनके कार्यालय में फर्श पर बैठ गए। जमीन पर बैठकर उन्होंने कहा कि उनके वार्ड के उखड़ी रेलवे लाइन क्षेत्र में 400 मीटर सीवर लाइन का कार्य कराया गया था, लेकिन जहां यह कार्य समाप्त हो रहा है। उससे करीब 20 मीटर पहले थोड़ी खुदाई कराकर विधायक नसीम सोलंकी के नाम का शिलापट लगा दिया गया। पार्षद का आरोप है कि शिलापट पर यह दर्शाया गया है कि कार्य विधायक निधि से कराया गया है। इतना ही नहीं, उस पर पूर्व विधायक इरफान का नाम भी लिख दिया गया है। GM जलकल आफिस में जमीन पर बैठ गए पार्षद मामले में जांच की मांग को लेकर पार्षद जलकल महाप्रबंधक आंनद त्रिपाठी के सामने जमीन पर ही बैठे रहे और शिलापट हटाने की मांग करते रहे। इस दौरान अधिकारी ने उन्हें कुर्सी पर बैठने के लिए कहा, लेकिन वह जांच के आश्वासन के बाद ही कुर्सी पर बैठे। अधिकारी ने जांच कराने का दिया आश्वासन आलोक पाण्डेय ने जलकल महाप्रबंधक को लिखित शिकायत भी सौंपी है। उनका कहना है कि उन्हें आश्वासन मिला है कि मामले की जांच कराई जाएगी और यदि आरोप सही पाए गए तो शिलापट हटाया जाएगा। साथ ही विभागीय स्तर पर किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आने पर उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
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