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    मेरठ में 6 महीने बाद लौटा लापता तोता 'किट्टू':खुद उड़कर घर आया, परिवार ने केक काटकर मनाई खुशी

    4 hours ago

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    मेरठ में 6 महीने पहले लापता हुआ पालतू तोता 'किट्टू' वापस लौट आया है। 27 सितंबर 2025 को लापता हुआ यह तोता 27 मार्च को खुद उड़कर अपने मालिक अरशद के घर पहुंचा। तोते के लौटने से परिवार में खुशी का माहौल है। आज परिवार ने तोते के लौटने पर जश्न मनाया गया। रेस्टोरेंट में जाकर केक काटा। इसके बाद रेस्टोरेंट में पार्टी दी गई। जिसमें घर और रिश्तेदार शामिल हुए। तोते के मालिक अरशद ने 'किट्टू' की तलाश के लिए काफी प्रयास किए थे। उन्होंने इलाके में तोते की तस्वीर वाले पोस्टर लगवाए थे और उसे ढूंढकर लाने वाले को 5,000 रुपये का नकद इनाम देने की घोषणा भी की थी। हालांकि, इन प्रयासों के बावजूद 'किट्टू' का कोई सुराग नहीं मिला था। अरशद ने बताया- जब तोता था, तो उसके साथ पियानो बजाता था। 27 मार्च को भी मैं पियानो बजा रहा था। तभी पियानो की आवाज सूनकर तोता वापस आ गया। इससे पूरे परिवार में खूशी का माहौल हो गया है। 3 तस्वीरें देखिए… कार गैरेज का काम करने वाले अरशद ने बताया- तीन साल पहले यह तोता खुद ही उनके आंगन में आ गया था, तब वह उड़ना नहीं जानता था। परिवार ने उसे अपना सदस्य बना लिया और उसका नाम 'किट्टू' रखा। वह जल्द ही परिवार के सभी सदस्यों, विशेषकर बच्चों के साथ घुलमिल गया था। पियानो की आवाज सूनकर लौट आया किट्टू अरशद ने बताया- मेरे पास अंग्रेजों के जमाने का एक पियानो है। जब किट्टू मेरे पास होता था तो किट्टू के साथ उसको बजाते थे। बीती 27 मार्च को मैं पियानो बजा रहा था, इसी दौरान पियानो की आवाज सुनते ही किट्टू वापस लौट आया और उनके कंधे पर आकर बैठ गया। अरशद ने बताया- किट्टू के वापस आने के बाद परिवार में खुशी का माहौल है। उन्होंने अपने दोस्तों के साथ किट्टू के वापस आने के बाद के काट कर खुशी मनाई। वहीं किट्टू के आने पर रेस्टोरेंट में दावत की। उन्होंने बताया कि जब किट्टू लापता हो गया था तो लगता था कि परिवार का एक सदस्य कम हो गया है, अब किट्टू के वापस आने के बाद ऐसा लगता है कि परिवार पूरा हो गया है। पढ़िए पूरा मामला… मेरठ के शाहपीर गेट क्षेत्र में अरशद अपने परिवार के साथ रहते हैं। ऑटो गैरेज का काम करने वाले अरशद ने 3 साल 6 महीने पहले पहले एक तोता पाला था। अरदश बताते हैं कि पहले यह तोता खुद ही उनके आंगन में आ गया था। तब वह उड़ना नहीं जानता था। तभी से उसे अपने परिवार का सदस्य बना लिया। उसका नाम दिया किट्‌टू। देखते ही देखते वह परिवार में सभी से घुलमिल गया। बच्चों ने भी उसकी खूब देखभाल की। अरशद बताते हैं कि वह अपने वर्कशॉप में कुर्सी पर बैठे हुए थे। किट्‌टू भी पास ही में बैठा था। वह उसके साथ खेल रहे थे। इसी बीच वह बाहर की तरफ उड़ा। पहलवान होटल की तरफ गया। फिर ओर उड़ गया। वह समझे थोड़ी देर में आ जाएगा। लेकिन नहीं आया। परिवार के सदस्य, विशेषकर बच्चे, तोते के लापता होने से काफी परेशान हैं। डाइनिंग टेबल पर खाना खाता था, पिंजरे में नहीं किया बंद अरशद बताते हैं कि परिवार में सभी ने किट्‌टू को बच्चे की तरह पाला। वह पिंजरे में नहीं रहता था। बच्चों के साथ ही रहता और खेलता था। वह परिवार के साथ ही डाइनिंग टेबल पर खाना खाता था। रात में सोने के लिए पिंजरे में जाता था। सुबह होते ही खुद ही पिंजरे से बाहर आ जाता था। अरशद के कांधे पर बैठकर शहर में घूमता था अरशद बताते हैं कि उन्होंने अपने किट्‌टू को कभी भी कैद में नहीं रखा। वह उसे लेकर बाहर घूमने जाते थे। अक्सर सिर्फ उसी को घुमाने के लिए बाहर निकलते थे। कभी दोपहिया तो कभी कार में लेकर घूमने जाते थे। घूमने के दौरान वह अरशद के कांधे पर ही बैठा रहता था। रास्ते में अरशद मुंह से सिटी की आवाज निकालते तो वह भी नकल में वैसी ही आवाज निकालता था। परिवार में 52 सदस्य, सभी तलाश में जुटे अरशद बताते हैं कि उनके परिवार में कुल 52 सदस्य हैं। सभी लोग 'किट्टू' के लापता होने से चिंतित हैं। उन्होंने तोते को खोजकर लाने वाले को 5,000 रुपए का इनाम देने की घोषणा की है। 'किट्टू' के गायब होने का मामला शाहपीर इलाके में भी चर्चा का विषय बना हुआ है। लापता तोता की तलाश के लिए लगा रहे पोस्टर अरशद ने शहर में जगह-जगह पोस्टर भी चिपकाया था। अपने लापता तोता की तस्वीर भी पोस्टर में छपवाई थी। अपना मोबाइल नंबर भी लिखवाया था। इसमें उन्हें कहा है कि तोता का पता बताने वाले को 5 हजार रुपये का इनाम देंगे। -------------------------------------- ये खबर भी पढ़ेंः माफिया अतीक के बेटे से खौफ में झांसी के जेलर:बोले- प्रमोशन में थोड़ा समय बचा, मुझे बवाल से दूर ही रखा जाए 'जिस बदमाश (अली अहमद) से परेशान होकर 400 km दूर ट्रांसफर कराया, वो यहां झांसी जेल में भी आ गया। मैं तो कह दूंगा कि मुझे उसकी बैरक का चार्ज न दिया जाए।' ये कहना है झांसी जेल के जेलर अंजनी कुमार गुप्ता का। 1 अक्टूबर को अली अहमद प्रयागराज की नैनी जेल से झांसी जेल में शिफ्ट किया गया है। तब से जेलर अंजनी कुमार गुप्ता खौफ में और परेशान हैं। पूरी खबर पढ़िए
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