Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    मेरठ के सेंट्रल मार्केट में नहीं चलेगी कोई दुकान:सुप्रीम कोर्ट ने दिया आदेश - सेटबैक के लिए समय, व्यापारियों के 70 करोड़ फसें

    12 hours ago

    1

    0

    मेरठ की सेंट्रल मार्केट में सीलिंग कार्रवाई के बाद आज हुई सनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि शास्त्री नगर के 860 आवासीय भूखंडों में अब कमर्शियल गतिविधि नहीं चलेगी। इसके साथ-साथ अगले दो महीने में सभी लोगों को सेटबैक की कार्रवाई भी पूरी करनी होगी और सेटबैक के हिसाब से ही आवासीय नक्शे पास कराने होंगे। इस मामले में अब अगली सुनवाई 14 अप्रैल को होगी। सेंट्रल मार्केट की 44 संपत्तियां सील करने के बाद आज आवास विकास द्वारा उसकी विस्तृत रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में पेश की। इसके बाद की सुनवाई में कोर्ट द्वारा सीलिंग के बारे में तो कोई निर्णय नहीं दिया गया लेकिन आवासीय प्लॉट में चल रही कॉमर्शियल गतिविधियों को बंद कर सेटबैक की कार्रवाई करने के लिए दो महीने का समय दिया है। व्यापारियों के फसें 70 करोड़ व्यापारियों ने आवास विकास को भू उपयोग बदलने के लिए जो 70 करोड़ रूपया श्मन शुल्क के रूप में दिया था, उसपर अब संकट आ गया है। सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई में आवास विकास के चेयरमैन में साफ तौर पर कह दिया है कि व्यापारियों ने अपनी मर्जी से यह पैसा दिया था। अब सीलिंग की चपेट में आने वाले भी कुछ व्यापरियों ने भू उपयोग के लिए पैसा जमा करा दिया था। इसलिए अब उस पैसे का क्या होगा यह व्यापारियों के लिए बड़ा सवाल है। व्यापारियों ने रखी है बंदी सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर आवास विकास द्वारा की गई कार्रवाई के विरोध में आज मेरठ के व्यापारियों द्वारा बंदी भी रखी गई है, जिसमें सभी लोगों का समर्थन है। अब आज के फैसले में देखना होगा की बेदी करने वाले व्यापारी आगे क्या फैसला करते हैं। अब एक नजर 70 करोड़ के पूरे मामले पर 27 जनवरी की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होने पर यह निर्णय था कि 6 हफ्तों के अंदर आवासीय में चल रही कमर्शल गतिविधियों वाले प्रतिष्ठानों को ध्वस्त कर दिया जाएगा जब यह समय सीमा समाप्त होने को आई तो मार्केट के व्यापारियों ने इसका विरोध करते हुए अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। धरने के दौरान आवास विकास के अधिकारियों ने एक आदेश जारी किया जिसमें 36000 रुपए प्रति मीटर के हिसाब से शुल्क जमा कराकर आवासीय प्लॉट को कमर्शियल में बदला जा सकता था जिसमें व्यापारियों को पैसा जमा करने के लिए एक महीने का समय देने का प्रावधान था इसके चलते व्यापारियों ने अपने-अपने प्रतिष्ठानों की भूमि के अनुसार लगभग 70 करोड़ रूपया आवास विकास में जमा कर दिया 6 अप्रैल को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने 44 संपत्तियों को जल्द से जल्द सील करने का आदेश दिया जिस दौरान आवास विकास की टीम यह सीलिंग कार्रवाई करने पहुंची तो व्यापारियों ने इसका विरोध करते हुए कहा कि यदि यही कार्रवाई करनी थी तो हमसे वह 70 करोड रुपए क्यों वसूला गया और इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आवास विकास ने सुप्रीम कोर्ट में यह बात क्यों नहीं बताई कि हमने व्यापारियों से 70 करोड़ रूपया भू उपयोग बदलवाने के नाम पर भी ले लिया है। यह सवाल जब भी व्यापारियों ने किया था। बेहोश तक हो गए थे व्यापारी सेंट्रल मार्केट में जिस समय सीलिंग की कार्रवाई चल रही थी उसी समय कार्रवाई को देख दहशत में आए व्यापारी बेहोश भी हो गए थे। इसके बाद व्यापारी को अस्पताल ले जाया गया ,लेकिन सीलिंग की कार्रवाई निरंतर चलती रही, और सभी प्रतिष्ठानों को शाम लगभग 6:30 तक आवास विकास की टीम द्वारा सील कर दिया गया था। एक बार जानिए क्या था विवाद
    Click here to Read more
    Prev Article
    लखनऊ में PWD ने दिया 25 दुकान तोड़ने का नोटिस:प्राचीन हनुमान मंदिर की सड़क को किया जाएगा चौड़ा; व्यापारी बोले, पीढ़ियां गुजर गई व्यापार करते करते
    Next Article
    मेरठ में विश्व शांति के लिए नवकार मंत्र का जाप:महावीर जैन मंदिर और असोड़ा हाउस में उमड़े श्रद्धालु, अहिंसा का दिया संदेश

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment