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    Hormuz में ईरान ने बिछाईं बारूदी सुरंगें? नए नेविगेशन चार्ट से World Trade पर बढ़ा खतरा

    3 hours from now

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    ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों के लिए नए नेविगेशन संबंधी निर्देश जारी किए हैं, जिनका उद्देश्य जहाजों को समुद्री बारूदी सुरंगों के खतरे से बचाना है। नए नक्शे महत्वपूर्ण जलमार्ग में निर्दिष्ट मार्गों के माध्यम से जहाजों के आवागमन को निर्देशित करते हैं, जिससे होकर दुनिया के तेल की आपूर्ति का पांचवां हिस्सा गुजरता है। यह अभी भी स्पष्ट नहीं है कि होर्मुज जलडमरूमध्य जहाजों के लिए पूरी तरह से खुला है या नहीं। कल रात आई खबरों के अनुसार, ईरान ने लेबनान पर इजरायल के हमलों के विरोध में इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को बंद कर दिया है, जिसे तेहरान अमेरिका के साथ हुए युद्धविराम समझौते का उल्लंघन मानता है।इसे भी पढ़ें: Middle East तनाव के बीच भारत की बड़ी कामयाबी, Hormuz जलडमरूमध्य पार कर मुंबई पहुंचा LPG टैंकरहोर्मुज जलडमरूमध्य का चार्ट आईएसएनए और तस्नीम समाचार एजेंसी ने जारी किया जिसे रिवोल्यूशनरी गार्ड का करीबी माना जाता है। चार्ट में पोतों द्वारा उपयोग किए जाने वाले मार्ग ‘ट्रैफिक सेपरेशन स्कीम’ पर फारसी में खतरे का क्षेत्र अंकित करते हुए एक बड़ा घेरा दिखाया गया है। इसी क्षेत्र में रिवोल्यूशनरी गार्ड द्वारा कथित तौर पर बारूदी सुरंगें बिछाई गईं। चार्ट के अनुसार, पोतों को लारक द्वीप के निकट ईरान की मुख्यभूमि के करीब उत्तरी मार्ग से गुजरने का सुझाव दिया गया जिसका युद्ध के दौरान कुछ पोतों ने पालन भी किया। इस चार्ट में 28 फरवरी से लेकर बृहस्पतिवार (नौ अप्रैल) तक की अवधि दिखाई गई है। यह स्पष्ट नहीं है कि रिवोल्यूशनरी गार्ड ने उक्त मार्ग में बिछाई गई कथित सुरंगों को हटाया है या नहीं। इसे भी पढ़ें: Mehbooba Mufti बोलीं- Pakistan ने World War होने से बचा लिया, Omar Abdullah ने India की Israel से दोस्ती पर उठाये सवालमाना जा रहा है कि यह कदम ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच संभावित वार्ता से पहले दो सप्ताह के युद्धविराम के दौरान दबाव बनाने की रणनीति के तौर पर उठाया गया है। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच अस्थिर युद्धविराम समझौते की शुरुआती शर्तों को लेकर तेहरान और वाशिंगटन ने एक-दूसरे से बिल्कुल अलग दावे किए हैं। ईरान के साथ युद्ध-विराम की घोषणा के कुछ घंटों बाद इजराइल ने बुधवार को मध्य बेरूत के घनी आबादी वाले कई आवासीय और वाणिज्यिक क्षेत्रों पर हवाई हमले किए जिसमें 182 लोगों की मौत हो गई। इससे पहले, इजराइल ने लेबनान पर हमले के बाद कहा था कि ईरान के साथ हुआ युद्ध-विराम समझौता लेबनान में तेहरान के समर्थन वाले चरमपंथी समूह हिजबुल्ला के साथ उसकी लड़ाई पर लागू नहीं होता। इसे भी पढ़ें: कहां गए शांति के कपोत उड़ाने वाले?वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी एक समाचार चैनल से कहा कि हिजबुल्ला की वजह से लेबनान को युद्ध-विराम समझौते में शामिल नहीं किया गया गया है। उन्होंने लेबनान पर इजराइल के हालिया हमलों के बारे में पूछे जाने पर कहा कि “वह एक अलग लड़ाई है। इस बीच, ईरान ने लेबनान पर हमलों को युद्धविराम का उल्लंघन बताया है। उसने इजराइल द्वारा लेबनान में हमले तेज किए जाने के जवाब में होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर बंद कर दिया जिससे हाल में हुआ युद्धविराम खतरे में पड़ गया है।
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