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    मैनपुरी दौरे में गौशालाओं की व्यवस्थाओं पर बड़ा मंथन:1500 रुपये प्रति गाय पर होंगे खर्च, गौशालाओं को स्वावलंबी बनाने की तैयारी

    2 hours ago

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    उत्तर प्रदेश गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने मैनपुरी के एक दिवसीय दौरे पर जनपद की गौशालाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने व्यवस्थाओं का जायजा लेने के बाद कलेक्ट्रेट सभागार में प्रेस वार्ता की। इस दौरान उन्होंने गौशालाओं की स्थिति सुधारने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की योजना पर विस्तृत जानकारी दी। श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि सरकार प्रति गाय ₹1500 की राशि प्रदान कर रही है, जिसका उचित उपयोग सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने समाज के लोगों से भी गौशालाओं से जुड़ने और हरा चारा व रोटी जैसी सामग्री देकर गौसेवा में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने स्वीकार किया कि वर्तमान में सभी गौशालाओं में पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं हैं, जिसके सुधार के लिए यह बैठक आयोजित की गई थी। उन्होंने जानकारी दी कि प्रदेश की 7716 गौशालाओं में लगभग 12.58 लाख गोवंश संरक्षित हैं। सरकार किसानों को भी इस योजना से जोड़ रही है। जिन किसानों के पास पानी और सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था है, उन्हें नेपियर घास और मोरिंगा लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि गौशालाओं को सस्ता और पोषक हरा चारा उपलब्ध हो सके। गौशालाओं को किसानों और स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा जा रहा गुप्ता ने बताया कि वर्तमान में गौशालाओं में चोकर 20-22 रुपये प्रति किलो की दर से खरीदा जाता है, जबकि हरा चारा अधिक सस्ता और लाभकारी है। इसी दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं कि प्रत्येक गाय को प्रतिदिन 5 से 10 किलो हरा चारा उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने यह भी बताया कि जनपद में लगभग 50 गौशालाएं हैं, जिन्हें हरे चारे के मामले में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इस उद्देश्य से गौशालाओं को किसानों और स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार, प्रदेश की लगभग 1500 गौशालाओं को पहले चरण में महिला स्वयं सहायता समूहों को सौंपा जा रहा है। आगामी चरणों में और गौशालाएं भी इन समूहों को दी जाएंगी, जिससे महिलाओं को रोजगार मिलेगा और गौसेवा को मजबूती मिलेगी। गाय को राज्य माता का दर्जा देने के मुद्दे पर गुप्ता ने कहा कि गाय हमारे जीवन और संस्कृति का अहम हिस्सा है। उन्होंने दावा किया कि 2017 के बाद प्रदेश में अवैध कत्लखानों पर रोक लगाकर गोवंश संरक्षण की दिशा में ऐतिहासिक कार्य किए गए हैं। अब प्रशासन, समाज और अधिकारी मिलकर गौसेवा को आगे बढ़ा रहे हैं।
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