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    'मंजर तो खराब था 7-8 लोगों को बचाया':वृंदावन हादसे के चश्मदीद मोहर सिंह ने बताई आंखों देखी, बोले-सभी मदद करने भागे

    3 hours ago

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    ‘मंजर तो खराब ही था। सब लोग किनारे पर खड़े थे, बचाने के लिए सभी लोग भागे थे। हमने 7-8 लोगों को पकड़-पकड़ कर निकाल लिया था। हम तो कम तैरना जानते हैं, हमारे संग रहता है उसे (भोप सिंह) ज्यादा तैरना आता है। हमने रस्से फेंक-फेंक कर उनको सबको पकड़ लिया। स्टीमर पर खींच लिया। हमने ऐसे कोई 7-8 लोगों की जान बचा ली थी।’ ये कहना है मथुरा के वृंदावन में यमुना में नाव पलटने के दौरान के चश्मदीद मोहर सिंह का। मथुरा के वृंदावन में यमुना में नाव पलटने से 10 श्रद्धालुओं की मौत हो गई है। जान गंवाने वालों में 7 लोग आपस में रिश्तेदार थे। सभी पंजाब के रहने वाले थे। इस खास रिपोर्ट में पढ़िए….हादसे का शिकार और लोगों की जिंदगी बचाने वालों से बातचीत। सबसे पहले जानिए हादसा कैसे हुआ… नाव तट से करीब 50 फीट दूर यमुना नदी के बीच में थी। उस वक्त हवा करीब 40kmph स्पीड से चल रही थी। तेज हवा से नाव अचानक डगमगाने लगी। नाविक कंट्रोल खो बैठा। पर्यटकों ने नाविक से कहा, पुल आने वाला है, रोक लीजिए। लेकिन उसने नहीं रोका। 2 बार नाव टकराने से बची। तीसरी बार में टक्कर हो गई और नाव डूब गई। हादसे से जुड़े 2 वीडियो सामने आए हैं। पहला- नाव डूबने से 15 मिनट पहले का है, जिसमें लोग राधे-राधे जप रहे हैं। दूसरा- श्रद्धालुओं के नदी में डूबने का है। हादसे से जुड़े फोटो देखिए… अब चश्मदीद और लोगों से बातचीत पढ़िए… पुल के खंभे से टकराने से पब्लिक डर गई मोहर सिंह नाविक हैं, जिस यमुना में नाव पलटी वह कुछ दूरी पर ही थे। मोहर सिंह ने बताया कि ‘वहां ऐसा हुआ था, दूसरी तरफ स्टीमर जा रहा था ऊपर की तरफ। तो वहां बालू (रेत) थी, पानी कम था। पानी कम था तो वह वापस अचानक स्टीमर लौट कर आ गया। वहां पर पोंटून पुल के खंभे खड़े थे, उससे थोड़ा सा टकराया तो पब्लिक उसमें डर गई। डर के कारण वे एक तरफ हो गए।’ मोहर सिंह ने बताया कि 'हमने हल्ला सुना, दूसरी तरफ हम थे, स्टीमर पर। तभी हमने स्टीमर छोड़ दिया तुरंत ही। दो जने थे हम, भोप सिंह और मैं। तो हमने 7-8 लोगों को पकड़-पकड़ कर निकाल लिया था। हम तो कम तैरना जानते हैं, हमारे संग रहता है उसे (भोप सिंह) ज्यादा तैरना आता है। हमने रस्से फेंक-फेंक कर उनको सबको पकड़ लिया। स्टीमर पर खींच लिया। ‘एक बुढ़िया थी, उनको खींच कर ले गए थे धीरे-धीरे। हमने ऐसे कोई 7-8 लोगों की जान बचा ली थी। मंजर तो खराब ही था। लोग डूबने की तरफ थे, हम उस तरफ थे तो स्टीमर छोड़ दिया था। सब लोग किनारे पर खड़े थे, बचाने के लिए सभी लोग भागे थे।’ राधे गोताखोर ने बताया- पानी 25 फीट गहरा था राधे गोताखोर ने बताया- वहां पर हमने जाकर नाव को रस्सी से बांधा। नाव पलटी हुई है और उसमें अभी भी कुछ लोग फंसे हो सकते हैं। नाव एक ही है और वह पूरी तरह से पलटी हुई है। पानी लगभग 25 फ़ीट गहरा है। हां, उस तरफ पानी का बहाव काफी तेज़ है और चाल भी ज्यादा है। नाव में सवार युवक ने बताया कैसे हुआ हादसा नाव में सवार युवक तनिष ने बताया- हम लोग करीब 25-26 लोग एक नाव में सवार होकर यमुना नदी की सैर कर रहे थे। सभी लोग कीर्तन कर रहे थे। 2 से 3 बार नाव वाले से हम लोगों ने कहा भी कि नाव धीमे चलाओ। अचानक तेज हवा चलने लगी और नदी के बीच में जो लोहे का अस्थायी पीपा पुल बना हुआ है, हमारी नाव उससे जाकर टकरा गई। हादसे में मरने वाले 7 रिश्तेदार थे हादसे में एक ही परिवार के 7 सदस्यों की मौत हुई है। मृतकों में मधुर बहल, उसकी माता कविता बहल, चाचा चरणजीत, चरणजीत की पत्नी पिंकी बहल, मधुर की बुआ आशा रानी, दूसरी बुआ अंजू गुलाटी और फूफा राकेश गुलाटी शामिल हैं। हेल्पलाइन नंबर जारी जिला प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर 0565-2403200 जारी किया है। डीएम ने कहा, किसी भी समस्या या जानकारी के लिए मेरे मोबाइल नंबर 9454417512, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व डॉ. पंकज कुमार वर्मा के मोबाइल नंबर 9012881919/ 9454417583 व एसपी ग्रामीण सुरेश चंद्र रावत के मोबाइल नंबर 9454401103 पर संपर्क कर सकते हैं। ---------------------------- ये खबर भी पढ़ें… वृंदावन में यमुना में नाव डूबी, 10 पर्यटकों की मौत:इनमें 7 एक ही परिवार के; लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी; सभी पंजाब के रहने वाले मथुरा के वृंदावन में 37 श्रद्धालुओं से भरी प्राइवेट नाव (स्टीमर) यमुना नदी में पलट गई। हादसे में 10 की डूबने से मौत हो गई। इनमें मां-बेटे, चाचा-चाची और बुआ-फूफा समेत एक ही परिवार के 7 सदस्य शामिल हैं। युवती समेत 5 लोग अभी भी लापता हैं। नाव में सवार सभी श्रद्धालु पंजाब से घूमने आए थे। पढ़ें पूरी खबर…
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