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    महराजगंज DM ने मधवलिया गोसदन का निरीक्षण किया:SP और CDO संग व्यवस्थाओं का जायजा लिया, दिए निर्देश

    23 hours ago

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    महराजगंज में जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी और मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह के साथ मधवलिया गोसदन का निरीक्षण किया। उन्होंने गोसदन में चल रही विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पशु शेड, वर्मी कंपोस्ट खाद इकाई, गोबर गैस प्लांट और हरे चारे की उपलब्धता का अवलोकन किया। गोबर गैस प्लांट की मरम्मत न होने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की और जल निगम के सहायक अभियंता (एई) को तत्काल मरम्मत कराने का निर्देश दिया। जर्जर भवन को ध्वस्त करने के निर्देश दिए उन्होंने परिसर में मौजूद जर्जर भवन को ध्वस्त करने का निर्देश दिया, ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके। इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी ने अप्रयुक्त शेडों की मरम्मत कराकर उनमें गोवंश को संरक्षित करने के निर्देश दिए और गोसदन को पूरी क्षमता के साथ संचालित करने पर जोर दिया। गोसदन में पशुओं की संख्या के बारे में जानकारी लेने पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि यहां कुल 739 गोवंश हैं, जिनमें 559 नंदी और 180 गायें शामिल हैं। उन्होंने यह भी बताया कि गोसदन में 236.08 कुंतल भूसा, 44.28 कुंतल चोकर, 70.15 कुंतल पशु आहार और 249.90 कुंतल साइलेज उपलब्ध है। बीमार गोवंश की चिकित्सा व्यवस्था की जानकारी ली मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि गोसदन की 242 एकड़ भूमि पर बाजरा, 2 एकड़ पर नेपियर और 0.5 एकड़ पर जई का उत्पादन हरे चारे के लिए किया जा रहा है, ताकि पशुओं को गुणवत्तापूर्ण चारा उपलब्ध हो सके। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने एक बीमार गोवंश की चिकित्सा व्यवस्था की जानकारी ली और निर्देश दिया कि गोवंश की उचित देखभाल और उनके नियमित स्वास्थ्य परीक्षण को सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने गोसदन में फलदार वृक्षारोपण करने का भी निर्देश दिया, जिससे गोसदन को अतिरिक्त आय प्राप्त हो सके। वर्मी कंपोस्ट उत्पादन के विषय में बीडीओ निचलौल ने बताया कि इसका उत्पादन स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा किया जा रहा है और उन्हीं के माध्यम से उत्पादित खाद की बिक्री भी की जा रही है। साथ ही, गोबर से गोकाष्ठ का उत्पादन भी किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने वर्मी कंपोस्ट की बिक्री के लिए मार्केट लिंकेज और उचित प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने अंत्येष्टि स्थलों और नगर निकायों को भी समूह द्वारा उत्पादित गोकाष्ठ की बिक्री के लिए कार्ययोजना बनाने को कहा। जिलाधिकारी ने जोर दिया कि गोसदन में आत्मनिर्भर और एक मॉडल गोसदन बनने की पूरी संभावना है, जिसके लिए व्यापक कार्ययोजना बनाकर क्रियान्वित करने की आवश्यकता है। उन्होंने जिला विकास अधिकारी को इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही करने का निर्देश दिया। निरीक्षण के अंत में, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और मुख्य विकास अधिकारी ने गोवंशों को गुड़, केला और चना भी खिलाया।
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