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    महान स्वाधीनता सेनानी राजा महेंद्र प्रताप की पुण्यतिथि आज:विदेश में बनाई थी हिंद सरकार,पूर्व पीएम अटल जी की करा दी थी जमानत जब्त

    3 hours ago

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    स्वतंत्रता सेनानी राजा महेंद्र प्रताप की आज पुण्यतिथि है। उन्होंने देश की आजादी के लिए 32 साल तक विदेशों में रहकर संघर्ष किया। वर्ष 1915 में उन्होंने विदेश में ही 'हिंद सरकार' की स्थापना की थी, जो भारत की आजादी से काफी पहले का एक महत्वपूर्ण कदम था। राजा महेंद्र प्रताप का जन्म 1 दिसंबर 1886 को मुरसान नरेश बहादुर घनश्याम सिंह के यहां हुआ था। बाद में उन्हें हाथरस के राजा हरनारायन ने गोद ले लिया। बीस वर्ष की आयु में पिता के देहांत के बाद वे हाथरस की रियासत के राजा बने। उनके विचार शुरू से ही अंग्रेजी शासन के खिलाफ थे, जिसके कारण अंग्रेजों ने उन्हें 'राजा बहादुर' की उपाधि नहीं दी। राजा साहब हमेशा देश को अंग्रेजों के चंगुल से आजाद कराने का सपना देखते थे। 1914 में जब पहला विश्व युद्ध चल रहा था, उन्होंने विदेश जाकर स्वाधीनता आंदोलन को गति देने की योजना बनाई। इसी सिलसिले में वे देहरादून में पुरुषोत्तम टंडन से मिले और वहीं से आजादी के आंदोलन में कूद पड़े। उन्होंने अपने जीवन के 32 साल देश से निर्वासित रहकर आजादी की लड़ाई लड़ी। 10 फरवरी 1915 को राजा महेंद्र प्रताप 'मोहम्मद पीर' के छद्म नाम से स्विट्जरलैंड होते हुए बर्लिन पहुंचे। 1 दिसंबर 1915 को उन्होंने काबुल में 'आजाद हिंद सरकार' की स्थापना की। इस सरकार ने अफगानिस्तान से राजकीय स्तर पर संबंध भी स्थापित किए थे। आजादी के बाद, इस योद्धा ने 1957 से 1962 तक मथुरा लोकसभा का प्रतिनिधित्व किया। वर्ष 1957 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने मथुरा संसदीय सीट से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को मथुरा सीट से हराया था, जिसमें अटल जी की जमानत जब्त हो गई थी। महान समाज सुधारक थे राजा महेंद्र प्रताप... राजा महेंद्र प्रताप एक महान समाज सुधारक भी थे। उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) की स्थापना के लिए जमीन दान की थी। वर्ष 1909 में उन्होंने वृंदावन में प्रेम महाविद्यालय की स्थापना की, जो तकनीकी शिक्षा का एक महत्वपूर्ण केंद्र था। उन्होंने 'प्रेम धर्म' का भी प्रचार किया। राजा महेंद्र प्रताप का निधन 29 अप्रैल 1979 में हुआ।
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