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    लखनऊ में शिक्षकों ने निकाला मशाल जुलूस:TET की अनिवार्यता पर जताई नाराजगी, अध्यक्ष बोले- फैसला वापस होने पर महा आंदोलन करेंगे

    2 hours ago

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    लखनऊ में मशाल जुलूस निकाल कर विरोध किया गया। अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ (AIJTF) के बैनर तले हजरत गंज स्थित बीएन सिंह की प्रतिमा से विरोध मार्च निकाला गया। इस दौरान शिक्षकों ने TET अनिवार्यता का विरोध किया। हाथों में मशाल लेकर सैंकड़ों की संख्या में शिक्षकों ने विरोध में हिस्सा लिया। ‘शिक्षकों के सम्मान की लड़ाई है’ प्रदर्शन में शामिल शिक्षक संघ के अध्यक्ष सुरेश जायसवाल ने कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 से पूर्व सेवारत शिक्षकों की सेवा शर्तों की सुरक्षा के लिए TET अनिवार्यता के विरोध में मशाल जुलूस निकाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2009 से पूर्व सेवारत शिक्षकों पर शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता थोपे जाने का विरोध करते हैं। यह आंदोलन केवल टेट अनिवार्यता के विरोध का नहीं बल्कि शिक्षकों के अधिकारों के सम्मान और सेवा सुरक्षा की रक्षा का आंदोलन है। ‘TET की अनिवार्यता खत्म हो’ सुरेश जायसवाल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने जो आदेश दिया है कि 2010 से पहले की जो शिक्षकों की भर्ती है, उन्हें TET पास करना जरूरी है हम इसका विरोध करते हैं। 2010 आरटीई एक्ट के तहत पुराने शिक्षकों पर यह नियम लागू नहीं होता है। यह नियम नए लोगों पर लागू होता है पुराने पर नहीं। हम चाहते हैं कि इस TET की अनिवार्यता को तत्काल वापस लिया जाए। अगर अनिवार्यता को खत्म नहीं किया गया तो हम शिक्षक सड़क से लेकर सदन तक लड़ाई लड़ेंगे पीछे हटने वाले नहीं है। ‘सभी विभागों में लागू हो नियम’ उन्होंने कहा कि हम सभी शिक्षकों ने कमर कस लिया है और हम दिल्ली तक घेराव करने के लिए तैयार हैं। हम तमाम शिक्षक किसी भी स्थिति में पीछे हटने वाले नहीं है। सरकार कहती है कि ये छात्रों के हित में है हम भी इसे मानते हैं मगर यह कहां की गुंडागर्दी है कि 25 साल के युवक से 57 साल के शिक्षक का मुकाबला करवाया जाए। कोई भी नियम पुराने और नए समय के अंतर को देखते हुए लागू होता है। उम्र के हिसाब से हमारा विभाग TET करवाए हमें कोई आपत्ति नहीं है अगर 25 साल वाले से हमारी तुलना न हो। अगर हमारे विभाग में यह नियम लागू हुआ है तो सभी विभागों में इस तरीके के नियम लागू हो अगर हम पर लागू नहीं होता है तो हम इसका सड़क से लेकर सदन तक विरोध करेंगे।
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