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    लखनऊ में ‘रामायण की नारी शक्ति’ पर संगोष्ठी:नवयुग महाविद्यालय में गूंजा सशक्तिकरण का संदेश

    2 hours ago

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    लखनऊ के नवयुग कन्या महाविद्यालय में शनिवार को 'नारी शक्ति वंदन' के तहत एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर 'सीता तत्व परिसंवाद' और 'रामायण शक्ति तत्व उत्सव' पर एक दिवसीय संगोष्ठी, संभाषण प्रतियोगिता और सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। यह आयोजन अंतर्राष्ट्रीय रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान के सहयोग से किया गया, जिसकी अध्यक्षता प्राचार्य प्रो. मंजुला उपाध्याय ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। उद्घाटन सत्र का संचालन डॉ. अपूर्वा अवस्थी ने किया, जबकि प्रथम सत्र का मंच संचालन प्रो. सीमा सरकार ने संभाला। इस दौरान अतिथि वक्ताओं को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह, पौधा और रामायण ग्रंथ भेंट कर सम्मानित किया गया। शिल्पी सेन ने अपने विचार व्यक्त किए मुख्य विषय 'सीता तत्व परिसंवाद' पर वरिष्ठ पत्रकार शिल्पी सेन ने अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि रामकथा में भगवान राम आदर्श हैं, लेकिन सीता के बिना उनका व्यक्तित्व अधूरा है। शिल्पी सेन ने जोर दिया कि रामायण के महिला पात्रों की शक्ति ही कथा को पूर्णता प्रदान करती है और हर व्यक्ति को इसके मूल्यों को अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए। भुवनेश्वरी भारद्वाज ने अपने वक्तव्य में कहा कि राम और सीता पुरुष एवं स्त्री तत्व के अनादि संगम हैं। उन्होंने सीता को केवल एक धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि नैतिकता, समाज और मानवीय मूल्यों की मिसाल बताया। वरिष्ठ साहित्यकार पद्मनाभ ने टिप्पणी की कि सीता का चरित्र आत्मसम्मान, धैर्य और कर्तव्यनिष्ठा का सर्वोत्तम उदाहरण है, जो वर्तमान समय में भी उतना ही प्रासंगिक है। नारी सशक्तिकरण की जड़ें हमारे इतिहास में निहित अध्यक्षीय संबोधन में प्राचार्य प्रो. मंजुला उपाध्याय ने कहा कि नारी सशक्तिकरण की जड़ें हमारे इतिहास और प्राचीन ग्रंथों में निहित हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में किए जा रहे प्रयास इस दिशा में नई राह दिखा रहे हैं।कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में 'रामायण की नारी शक्ति' विषय पर संभाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें आस्था त्रिपाठी ने प्रथम, शांभवी गुप्ता ने द्वितीय और महिमा कनौजिया ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। अंतिम सत्र में छात्राओं और कलाकारों ने नृत्य, नाटिका और रामायण पर आधारित मनमोहक प्रस्तुतियां दीं।
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