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    Kim Jong का न्यूक्लियर प्रोग्राम होगा बंद? Quad करेगा नॉर्थ कोरिया का इलाज

    27 minutes from now

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    दिल्ली में हुई क्वाड देशों की विदेश मंत्रियों की बैठक में जहां इंडोपेसिफिक समुद्री सुरक्षा और सप्लाई चेन जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई वहीं जापान के विदेश मंत्री तोशी मोतेगी के बयान ने दुनिया का ध्यान उत्तर कोरिया की तरफ खींच लिया। क्वाड के मंच से मोतेगी ने साफ शब्दों में कहा कि उत्तर कोरिया का परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम अब सिर्फ क्षेत्रीय नहीं बल्कि वैश्विक चिंता बन चुका है। क्वाट के मंच से जापान के विदेश मंत्री ने बताया कि उन्होंने उत्तर कोरिया की स्थिति, उसके परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम और साइबर गतिविधियों पर भी चर्चा की। वी डिस्कस द नर्थ कोरियन सिचुएशन इंक्लूडिंग न्यूक्लियर मिसल प्रॉब्लम्स एंड साइबर एक्टिविटी आवर कमिटमेंट टुवर्ड्स कंप्लीटलाइजेशन ऑफ़ नर्थ कोरिया आई रिसीव सपोर्ट फ्रॉम द अदर थ्री कंट्रीज एमिंग टू ब्रिंग इमीडिएट सशन टू द्शन इशू जापान के विदेश मंत्री मोतेगी ने कहा कि क्वाइट देशों ने उत्तर कोरिया के बढ़ते सैनिक खतरों और उसकी साइबर गतिविधियों पर गंभीर चर्चा की। इसे भी पढ़ें: Quad Foreign Ministers Meet: मार्को रुबियो का बड़ा बयान, वैश्विक चुनौतियों का समाधान करने में सक्षम है क्वाडउन्होंने यह भी कहा कि जापान को अपहरण के पुराने मामले को लेकर बाकी तीन देशों भारत, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया से समर्थन भी मिला। दरअसल जापान लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि उत्तर कोरिया ने उसके कई नागरिकों का अपहरण किया था और अब तक इस मुद्दे का समाधान नहीं हुआ। लेकिन मोतेगी का यह बयान ऐसे वक्त पर आया कि जब उत्तर कोरिया ने अपने संविधान में बेहद खतरनाक बदलाव किया। दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी के मुताबिक अब अगर किम जोंग उनकी हत्या हो जाती है या किसी भी देश हमले में देश की कमान व्यवस्था खत्म हो जाती तो उत्तर कोरिया की सेना अपने आप परमाणु हमला कर देगी यानी अब किसी अलग आदेश की जरूरत नहीं होगी। बताया जा रहा है कि यह बदलाव मार्च में हुई उत्तर कोरिया की सुप्रीम पीपल्स असेंबली की बैठक में पास किया गया। नए संवैधानिक प्रावधान के मुताबिक अगर देश की न्यूक्लियर कमान को खतरा होता तो ऑटोमेटिक और तुरंत परमाणु जवाबी हमला किया जाएगा। इसे भी पढ़ें: ट्रंप को समझ आ गया कि चीन का मुकाबला अकेले नहीं, भारत के साथ मिलकर किया जा सकता हैपहले ऐसी नीति सिर्फ रणनीतिक संकेतों तक सीमित मानी जाती थी लेकिन अब इसे संविधान में शामिल कर आधिकारिक रूप दे दिया गया। वहीं उत्तर कोरिया की तरफ से हाल के दिनों में सैन्य गतिविधियां भी काफी बढ़ गई। उसने दक्षिण कोरिया सीमा के पास नई लंबी दूरी की आर्टिलरी तैनात करने का ऐलान किया। किम जोंगून ने हाल ही में एक हथियार फैक्ट्री का दौरा भी किया। जहां नई 155 मि.मी. सेल्फ प्रोफेल्ड गन का परीक्षण हुआ था। दावा है कि यह हथियार 60 कि.मी. से ज्यादा दूरी तक हमला कर सकता है। जिससे सोल और आसपास के इलाके सीधे निशाने पर आ सकते हैं। 
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