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    KGMU के कई डिपार्टमेंट में फर्जी डॉक्टर की गहरी पैठ:2 सहयोगी के नाम सामने आए, LARI कार्डियोलॉजी में करते थे ब्रेनवॉश

    5 hours ago

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    KGMU में पकड़े गए 12वीं पास फर्जी डॉक्टर हस्साम अहमद की जड़ें कैंपस के कई विभागों तक फैली हैं। लारी कार्डियोलॉजी में उसकी सबसे ज्यादा पकड़ थी। यहीं के एक फैक अहमद मंसूरी नाम के कार्डियक टेक्नीशियन को कार्डियो सेवा फाउंडेशन का को-फाउंडर भी बताया जा रहा है। इसके अलावा कुछ साल पहले डीएम कार्डियोलॉजी की पढ़ाई कर चुके डॉक्टर से उसकी ट्यूनिंग बताई जा रही है। आशंका ये भी है कि लारी कार्डियोलॉजी से ही ब्रेनवॉश कर धर्मांतरण और लव जेहाद का खेल शुरू होता था। जो आगे चलकर ऑर्थो और सर्जरी जैसे कई बड़े विभागों तक फैला हुआ था। दो करीबियों की हुई पहचान आरोपी के प्रभाव और संपर्कों को लेकर जांच एजेंसियां जानकारी जुटा रही हैं। LARI में साल 2023 बैच के कार्डियक टेक्नीशियन प्रोग्राम के स्टूडेंट फैक अहमद मंसूरी को 12वीं पास फर्जी डॉक्टर हस्साम अहमद का बेहद करीबी बताया जा रहा है। वो हस्साम की NGO कार्डियो सेवा का 'को-फाउंडर' भी है। हस्साम से लिंक सामने आने के बाद उसके फाइनल सेमेस्टर का रिजल्ट रोककर उसकी डिटेल मांगी गई है। डॉ. केके सिंह ने बताया कि मेडिकल काउंसिल से उसका रिजल्ट होल्ड करा दिया गया है। उसकी सारी डिटेल्स मंगाकर गहन जांच की जा रही है। पूर्व छात्र से भी रहा है कनेक्शन इसके अलावा LARI कार्डियोलॉजी में साल 2023 में DM कार्डियोलॉजी करके निकले डॉ.तनवीर अहमद की जांच भी KGMU प्रशासन की तरफ से शुरू की गई है। मौजूदा समय नक्खास इलाके में उसकी क्लीनिक बताई जा रही है। कहा जा रहा है कि हस्साम के मेडिकल कैम्प में ये जरूर शामिल होते थे। कैंपस में इंटरनल जांच शुरू इसके अलावा कुछ वर्ष पूर्व डीएम कार्डियोलॉजी की पढ़ाई कर चुके एक डॉक्टर के साथ भी आरोपी की करीबी होने की बात कही जा रही है। पुलिस और प्रशासन यह पता लगाने में जुटे हैं कि इन संपर्कों का स्वरूप क्या था? पुलिस और KGMU प्रशासन की पूछताछ में ब्रेनवॉश, धर्मांतरण जैसे गंभीर दावे शामिल हैं। हालांकि अभी तक इन आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारियों का कहना है कि तथ्यों के आधार पर ही निष्कर्ष निकाले जाएंगे। KGMU प्रशासन ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। कहा है कि यदि किसी भी कर्मचारी या छात्र की संलिप्तता पाई जाती है, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। सतर्क रहे स्टूडेंट्स, स्पेशल रीच प्रोग्राम का आगाज इस बीच बुधवार को KGMU परिसर में मेडिकल स्टूडेंट्स के लिए स्पेशल रीच प्रोग्राम यानी जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। डॉ. केके सिंह ने बताया कि शिविर में छात्रों को बाहरी लोगों के किसी भी लालच या झांसे में न आने की सख्त सलाह दी गई। उन्हें स्पष्ट रूप से कहा गया कि अंजान व्यक्तियों से दूरी बनाकर रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें। यदि कोई व्यक्ति आपको परेशान या गुमराह करने की कोशिश करता है, तो इसकी शिकायत तुरंत की जाए। किसी भी संस्थान या कॉन्फ्रेंस से संबंधित जानकारी को आधिकारिक माध्यमों से सत्यापित करना जरूरी है। बिना जांच-पड़ताल के किसी के बहकावे में आना नुकसानदेह हो सकता है। ऐसी गतिविधियां की जानकारी छात्र-छात्राएं हॉस्टल वार्डन, क्लास टीचर्स, प्रॉक्टोरियल बोर्ड या पुलिस से साझा कर सकते हैं। उन्होंने ने कहा- छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। धर्मांतरण के खेल में दो निजी कॉलेज के डॉक्टर के शामिल होने की आशंका हस्साम अहमद ने कबूला कि कैंपों में सिर्फ छात्र ही नहीं, बल्कि कुछ निजी मेडिकल कॉलेजों के डॉक्टर भी शामिल होते थे। जो फर्जी डॉक्टर के धर्मान्तरण के खेल को आगे बढ़ाने में मदद करते थे। यह तथ्य इस बात को उजागर करता है कि आरोपी ने अपने झूठे दावों और कथित नेटवर्क को बेहद विश्वसनीय तरीके से पेश किया था। इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस, प्रतिष्ठित संस्थानों से जुड़ाव और करियर ग्रोथ के दावों के जरिए उसने ऐसा माहौल बनाया कि पढ़े-लिखे लोग आसानी से उसके झांसे में आ गए। इस बीच जब KGMU प्रवक्ता खुद एक कैंप में पहुंचे, तो उन्हें कई बातें संदिग्ध लगीं। दस्तावेजों और दावों की पड़ताल करने पर साफ हो गया कि पूरा मामला फर्जी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क का दायरा कितना व्यापक था। छात्राओं को विदेश भेजने की साजिश के पीछे क्या मकसद था। बड़ा सवाल- फर्जी डॉक्टर रमीज मलिक के संपर्क में था या नहीं? KGMU में धर्मांतरण रैकेट की आशंका में पकड़े गए फर्जी डॉक्टर हस्साम अहमद के खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि हस्साम और रमीज मलिक के बीच संबंध थे या नहीं ? आशंका जताई जा रही है कि आरोपी पूर्व में डॉ.रमीज के संपर्क में था। डॉ. केके सिंह कहते हैं कि आरोपी के पास से उसका मोबाइल फोन बरामद किया गया है। उसके CDR से ही इसका खुलासा हो सकता है। बिना गहन जांच के कुछ भी कहना ठीक नहीं होगा। पर मामले की सभी पहलुओं पर छानबीन की जा रही है। -------------------------- संबंधित खबर पढ़िए- लखनऊ KGMU से 12वीं पास फर्जी डॉक्टर पकड़ा गया : डीन बोले- छात्राओं को प्यार में फंसाया, लव जिहाद की साजिश रच रहा था लखनऊ में KGMU कैंपस से मंगलवार को एक फर्जी डॉक्टर पकड़ा गया। वह मेडिकल स्टूडेंट को प्यार में फंसाकर धर्मांतरण कराने की साजिश रच रहा था। साथ ही एम्स दिल्ली में अमेरिका के डॉक्टरों से मिलवाने के नाम पर छात्राओं को बाहर ले जाने की योजना बना रहा था। (पूरी खबर पढ़िए)
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