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    कानपुर में OT संचालक कुलदीप की जमानत खारिज:किडनी ट्रांसप्लांट केस के आरोपी की याचिका नामंजूर, अभियोजन के वकील ने विरोध किया

    6 hours ago

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    कानपुर के चर्चित अवैध किडनी ट्रांसप्लांट के मामले में हापुड़, तिलखुआ निवासी OT संचालक कुलदीप सिंह राघव की जमानत याचिका जिला जज अनमोल पाल की कोर्ट ने खारिज कर दी। अभियोजन पक्ष की ओर से तर्क दिया गया कि आरोपी पर अवैध रूप से किडनी ट्रांसप्लांट करने वाली टीम का सदस्य है। मामले की जांच में आरोपी का नाम सामने आया था। मुकदमे में सह आरोपी राजेश कुमार ने अपने बयान में बताया है कि पहले वह गाजियाबाद, इंदिरापुरम स्थित शांति गोपाल हॉस्पिटल में अपने साथी कुलदीप राघव के साथ OT टेक्नीशियन का काम करता था। OT में दानों मरीज के साथ होते थे। बेहोशी के दौरान कुलदीप मरीज की देखरेख करता था, जब तक ऑपरेशन चलता था तब तक कुलदीप मौके पर मौजूद रहता था। यह था पूरा प्रकरण… रावतपुर के केशवपुरम स्थित आहूजा हॉस्पिटल में बीते 29 मार्च को बिहार के बेगूसराय निवासी एमबीए छात्र आयुष चौधरी की किडनी मुफ्फरनगर की पारुल तोमर को लगाई गई। ऑपरेशन के दूसरे दिन पारुल को प्रिया हाॅस्पिटल के आईसीयू जबकि आयुष को मेडलाइफ अस्पताल में भर्ती कराया था। पुलिस को इस ऑपरेशन की जानकारी मिली तो कार्रवाई करते हुए मास्टर माइंड रोहित तिवारी के साथ आहूजा अस्पताल की संचालक डॉ. प्रीति आहूजा, पति सुरजीत सिंह आहूजा, एजेंट शिवम अग्रवाल, मेडलाइफ अस्पताल के मालिक राजेश कुमार व राम प्रकाश कुशवाहा, प्रिया अस्पताल के संचालक नरेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया था। डॉ. अली के साथ आता-जाता था कुलदीप राघव पुलिस ने 3 अप्रैल को OT मैनेजर राजेश कुमार व संचालक कुलदीप सिंह राघव को 3 अप्रैल को जेल भेजा था। कुलदीप सिंह राघव ने जिला जज की कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की थी। जमानत का विरोध करते हुए एडीजीसी ने कहा कि आरोपी कुलदीप राघव अपने साथी राजेश कुमार के साथ अवैध किडनी ट्रांसप्लांट के लिए डॉ. मुदस्सर अली के साथ दिल्ली से फ्लाइट से लखनऊ आता था। फिर वहां से कैब से कानपुर आते थे। इस बार तीनों दिल्ली से सीधे कानपुर आए थे, फिर एयरपोर्ट से आहूजा हॉस्पिटल पहुंचे। आरोपी कुलदीप राघव व अन्य स्टाफ ऑपरेशन थिएटर तैयार करके रात 9 से 10 के बाद पेशेंट को लेकर आते थे। आरोपी कुलदीप और राजेश मरीजों को एनस्थीसिया देते थे, जब तक ऑपरेशन चलता था, दोनों मौके पर मौजूद रहते थे। पुलिस की जांच में किडनी रेसीपेंट पारूल तोमर का भाई दिव्यांक चौधरी व किडनी डोनर आयुष चौधरी, डॉ समीर गोविल, डॉ अनिल जैन, आरोपी शिवम अग्रवाल, नरेंद्र सिंह, राजेश कुमार ने अपने बयानों में कुलदीप राघव का जिक्र किया है। सुनवाई के बाद जिलाजज ने आरोपी कुलदीप राघव की जमानत याचिका खारिज कर दी।
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