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    किडनी कांड के सरगना रोहित का कुबूलनामा:“कमांडो सर्जरी” किडनी ट्रांसप्लांट का कोडवर्ड, 30 लाख में सर्जरी का ठेका, एजेंट लाते थे डोनर-रेसिपिएंट

    2 hours ago

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    कानपुर किडनी कांड में जेल भेजा गया मास्टर माइंड रोहित तिवारी ने पूछताछ में कई चौंकाने वाला खुलासा किया है। पूछताछ में यह सामने आया कि रोहित 25 से 30 लाख रुपए में किडनी ट्रांसप्लांट का ठेका लेता था। डोनर और रेसिपिएंट लाने की जिम्मेदारी एजेंट की होती थी। कॉल या मैसेज पर बातचीत के दौरान कोई उनकी बात सुन या समझ नहीं ले, इसलिए किडनी ट्रांसप्लांट का कोडवर्ड “कमांडो सर्जरी” रखा था। रोहित ने दिल्ली, मुंबई, कानपुर, प्रयागराज, मेरठ समेत देश के कई जिलों और राज्यों में अपने एजेंट फैला रखे थे, जो अवैध रूप से किडनी ट्रांसप्लांट का केस उसके पास लाते थे। इसके बाद रोहित तय करता था किसका कहां ऑपरेशन होना है। पढ़ें आखिर रोहित ने पूछताछ के दौरान क्या बताया, आखिर फैक्ट्री में मजदूरी करने वाला रोहित कैसे बन गया किडनी का सौदागर, रोहित ने भी पत्नी को छोड़कर दिल्ली में गर्लफ्रेंड के साथ लग्जरी लाइफ जी रहा था, पढ़ें खास रिपोर्ट…। मजदूरी करने वाला रोहित बन गया किडनी ट्रांसप्लांट का सरगना डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि रोहित तिवारी हरदोई के बिलग्राम गंगाधाम का रहने वाला है। मौजूदा समय में वह नयाखंड इंद्रापुरम कौशांबी गाजियाबाद के फ्लैट में अपनी गर्लफ्रेंड के साथ रहता है, करोड़पति बनने के बाद पत्नी और बच्चों को छोड़ दिया और गर्लफ्रेंड के साथ लिवइन में रहने लगा। हरदोई बिलग्राम के एसडी स्कूल से उसने 2008 में 12वीं की पास की। वह पांच भाई और दो बहन हैं। बहनों की शादी हो चुकी है। पिता नहीं हैं। इंटर करने के बाद वह बेरोजगार था तो गांव का अमित उसे गाजियाबाद ले गया। यहां पॉली केबल बनाने वाली फैक्ट्री डिक्शन में मजदूरी का काम शुरू किया। इसके बाद डेकी और फिर बारको में मजदूरी की। बारको में रिंकू नाम के युवक से मुलाकात हुई। रिंकू ने अपने जीजा से मुलाकात कराकर वर्ष 2016 में मेरठ भेज दिया। मेरठ जाने के बाद वह किडनी के गिरोह से जुड़े डेंटिस्ट डॉ. वैभव मुद्गल से मुलाकात हुई। इसके बाद वह डॉ. वैभव के मधुकर क्लीनिक में रिसेप्शनिस्ट का काम देखने लगा। यहीं से मेरठ के अल्फा अस्पताल के मालिक डॉ. अमित के संपर्क में आया और 2018 में वह अल्फा अस्पताल में वार्ड ब्वॉय की नौकरी करने लगा। डॉ. अमित और वैभव मुद्गल दोनों मेरठ के अल्फा अस्पताल के पार्टनर हैं। इसके बाद उसे वह सीधे तौर पर किडनी के रैकेट से जुड़ गया और डॉ. वैभव व डॉ. अमित के किडनी के धंधे को हैंडल करने लगा। रुपए के लेन-देन को देकर दोनों पार्टनरों में विवाद हो गया, इसके बाद रोहित डॉ. वैभव के साथ हो गया और उसे किडनी ट्रांसप्लांट के लिए कानपुर में नए अस्पताल तलाशने की जिम्मेदारी दी गई। रोहित 2019 में कानपुर पहुंचा और उसने यहां पर देखा कि कल्याणपुर अवैध अस्पतालों का गढ़ है। यहां पर आसानी से किडनी ट्रांसप्लांट का खेल किया जा सकता है। कानपुर में ही उसकी मुलाकात प्रयागराज के एजेंट नवीन पांडेय और शिवम अग्रवाल उर्फ शिवम काना से हुई थी। इसके बाद इन सभी ने मिलकर कानपुर के अस्पतालों में किडनी ट्रांसप्लांट के लिए चुना और 2022 के बाद सबसे पहला केस कल्याणपुर के आरोही हॉस्पिटल मे किया था, इसके बाद मेडिलाइफ हॉस्पिटल में 2 ट्रांसप्लांट और फिर अहूजा हॉस्पिटल में करीब 10 से ज्यादा ट्रांसप्लांट किए हैं। रोहित की फीस 25 से 30 लाख प्रति ट्रांसप्लांट पूछताछ के दौरान रोहित ने बताया कि वह प्रति किडनी ट्रांसप्लांट 25 से 30 लाख रुपए लेता था। उसके पास ट्रांसप्लांट करने की पूरी टीम थी, डील फाइनल होने के बाद उसे टीम पहुंचकर ट्रांसप्लांट करती थी। यह रकम सिर्फ ट्रांसप्लांट की होती थी, इसके बाद इससे ऊपर की रकम में एजेंट, हॉस्पिटल का खर्च समेत अन्य सभी खर्चे शामिल होते थे। एजेंट किडनी ट्रांसप्लांट के लिए डोनर और रेसिपिएंट की तलाश करके उनसे डील फाइनल करते थे। उसे एजेंट की डील से कोई मतलब नहीं होता था। 30 से ज्यादा ट्रांसप्लांट-पारुल केस के बाद गोवा में हुआ था जश्न रोहित ने बताया कि वह अब तक कानपुर समेत अन्य जिलों में कुल 30 से ज्यादा किडनी ट्रांसप्लांट करा चुका है। कानपुर का शिवम और प्रयागराज का नवीन पांडेय उसके राइट हैंड थे। रोहित ने ऐसी व्यवस्था बनाई थी कि वह सीधे मरीज के संपर्क में नहीं रहता था। मरीज एजेंट शिवम और नवीन लाते थे, वह टेलीग्राम के माध्यम से डोनर ढूंढता था। ऑपरेशन कब और कहां होगा यह रोहित तय करता था। इसके लिए कौन से डॉक्टरों की टीम होगी, किस संसाधन से कौन आएगा और जाएगा, ओटी को सजाने समेत अन्य व्यवस्था भी उसी की जिम्मेदारी थी। मरीज के हिसाब से वह पैकेज तय करता था। मुजफ्फरनगर की पारुल तोमर का किडनी ट्रांसप्लांट 60 लाख रुपये में तय था। ऑपरेशन के बाद उसे 30 लाख रुपये मिले थे। इन्हीं रुपयों से उसने ऑपरेशन टीम में शामिल अली समेत अन्य लोगों का भुगतान किया था और लॉजिस्टिक (टीम के आवागमन की व्यवस्था) का अरेंजमेंट किया था। पारुल के ऑपरेशन के बाद मिले लाखों रुपयों को गोवा, नैनीताल, कुल्लू-मनाली घूमने गए थे। इस ट्रिप में उसकी गर्लफ्रेंड, शिवम अग्रवाल उर्फ काना और टीम के अन्य लोग थे। गोवा के सीनों में लाखों रुपए जुए में रोहित ने उड़ा दिए थे। कमांडो सर्जरी…से खुला राज डीसीपी ने बताया कि अब तक अरेस्ट करके जेल भेजे गए आरोपियों के मोबाइल की जांच के दौरान सामने आया कि व्हाट्सएप मैसेज पर किडनी कांड के लिए कमांडो सर्जरी कोडवर्ड का इस्तेमाल किया जा रहा था, पहले तो पुलिस समझ नहीं सकी, लेकिन रोहित ने पूछताछ में बताया कि सभी एजेंट और किडनी रैकेट से जुड़े लोग किडनी ट्रांसप्लांट को कमांडो सर्जरी कहकर कोडवर्ड में बात करते थे। इससे कि कोई समझ नहीं किस सर्जरी के विषय में बात हो रही है। एनेस्थीसिया राजेश-कुलदीप देता, अली करता ट्रांसप्लांट पुलिस ने रोहित से पूछा कि अखिर ऑपरेशन कौन करता है, एनेस्थीसिया कौन देता है…? कितने लोग ऑपरेशन में शामिल होते हैं…? इस पर रोहित ने भी बताया कि एनेस्थीसिया देने का काम जेल भेजे गए ओटी मैनेजर राजेश और कुलदीप ही देते थे। इसके बाद किडनी ट्रांसप्लांट का काम ओटी टेक्नीशियन मुदस्सर अली सिद्दीकी उर्फ डॉ. अली ही करता था। ओटी में अफजल व वैभव भी रहते थे। इन्हीं पांच से छह लोगों की टीम ओटी में रहती और ट्रांसप्लांट को अंजाम देने के बाद निकल जाती थी। पूछताछ में यह भी सामने आया कि डॉ. अली दिल्ली के एक बड़े अस्पताल से ट्रेनिंग ली थी। पत्नी को छोड़, गर्लफ्रेंड के साथ लग्जरी लाइफ डीसीपी ने बताया कि रोहित मौजूदा समय में गाजियाबाद के इंद्रापुरम में अपनी गर्लफ्रैंड संग रहता है। करोड़पति बनने के बाद उसने अपनी पत्नी को छोड़ दिया, पत्नी कन्नौज में अपने एक बेटे के साथ रहती है। किडनी सिंडीकेट से जुड़ने के बाद रोहित ने गाजियाबाद में आलीशान फ्लैट और लग्जरी कार खरीदी थी। गर्लफ्रेंड के साथ वह फ्लैट में लिवइन में रहता था, जबकि पत्नी और बेटे से कोई मतलब नहीं रखता था। पुलिस की मानें तो वह उसकी गर्लफ्रेंड के जरिए ही रोहित तक पहुंची है। रोहित ने तो अपने दोनों मोबाइल बैराज से गंगा में फेंक दिए। पुलिस ने नंबरों की जांच की तो उसके मोबाइल पर एक भी रेगुलर कॉल नहीं मिली है। फरारी के दौरान वह दूसरे नंबरों से अपनी गर्लफ्रैंड को फोन करता था। इन्हीं नंबरों को ट्रेस करते हुए पुलिस उस तक पहुंची। नवीन अरेबिका को लाया और गोपाल में मारा पंजाब के पेशेंट की रकम पूछताछ के दौरान रोहित ने बताया कि साउथ अफ्रीका की अरेबिका को प्रयागराज का एजेंट नवीन लाया था। उसने सीधे कोई डील नहीं की। एजेंट के साथ ही डील थी। इस ऑपरेशन में उसे 20 लाख रुपये मिले थे। मेडीलाइफ में ऑपरेशन के बाद एक महिला की हालत बिगड़ने और दिल्ली के अस्पताल में मौत होने की बात सामने आई थी। पुलिस के मुताबिक रोहित इसके बारे में ज्यादा कुछ नहीं बता सका। पूछताछ के दौरान अमृतसर के जिन सरदार जी का वीडियो वायरल हुआ था, उसके बारे में बताया कि उसे गोपाल नाम का एजेंट लाया था। गोपाल ने रोहित से संपर्क किया लेकिन डोनर न होने के चलते मना कर दिया था। इसके बाद वह पैसा लेकर फरार हो गया। अब इन पांच की तलाश में छापेमारी, रोहित को रिमांड पर लेकर होगी पूछताछ डीसीपी ने बताया कि अब पुलिस टीम किडनी स्कैंडल में शामिल मेरठ के डॉ. वैभव, डॉ. अमित, अफजल, डॉ. अली और प्रयागराज के एजेंट नवीन पांडेय की तलाश में जुटी है। अलग-अलग टीमें छापेमारी कर रही हैं। डीसीपी ने बताया कि रोहित से डिटेल में पूछताछ करने के लिए उसे रिमांड पर लेने के लिए तैयारी की जा रही है। रिमांड पर लेकर एक बार फिर से पूछताछ की जाएगी। क्यों कि रोहित ने भी पुलिस को पूछताछ के दौरान बहुत छकाया, लेकिन शिवम उर्फ काना की चैट समेत अन्य साक्ष्यों के चलते वह चीजों से इनकार नहीं कर सका।
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