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    जयपुर- पटाखा फैक्ट्री में आग,2 भाइयों समेत 8 की मौत:जलने के बाद सड़क पर तड़पते रहे; दिल्ली का युवक चला रहा था अवैध फैक्ट्री

    22 hours ago

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    जयपुर के खोह नागोरियान इलाके में स्थित अवैध पटाखा फैक्ट्री में मंगलवार सुबह 11 बजे भीषण आग लग गई। अग्निकांड में एक बच्चे, दो भाइयों समेत आठ लोगों की मौत हो गई। पटाखा फैक्ट्री मकान नंबर- 88 करीम नगर-बी में रिहायशी इलाके में चल रही थी। मकान याकूब पुत्र नजीर खान निवासी- राक्ष्या की ढाणी खोह नागोरियान का है। याकूब ने अपना मकान फिरोज निवासी- नई दिल्ली को किराए पर दे रखा है। फिरोज मकान में अवैध रूप से इवेंट (शादी व अन्य कार्यक्रमों के लिए) के पटाखों की पैकिंग करवाता था। घटना के बाद से मकान मालिक और फैक्ट्री मालिक की तलाश की जा रही है। इनकी हुई मौत मरने वालों में मोहम्मद अशरफ (40) पुत्र मोहम्मद शकील निवासी- पीरजी कॉलोनी, मोहम्मद रब्बिल (16) पुत्र मोहम्मद सिकंदर निवासी- करीम नगर-2 तलाई, अब्दुल वहीद (46) पुत्र अब्दुल अजीज निवासी- रहीम नगर, समीर खान (20) पुत्र अनिस खान निवासी- रहीम नगर, बिलाल खान (28) पुत्र नासिर निवासी- रहीम नगर, आजीम खान (18) पुत्र नासिर खान निवासी- रहीम नगर, नासिर खान (25) पुत्र मोहम्मद अली निवासी- रहीम नगर खोह नागोरियान के रहने वाले थे। एक मृतक की शिनाख्त नहीं हुई है। इनमें तीन की मौके पर ही मौत हो गई थी। मरने वालों में दो सगे भाई आजीम और बिलाल सगे भाई थे l बिलाल सिलाई का काम करता था। उसका काम छूट गया था। इसलिए मंगलवार (9 जून) को वह छोटे भाई आजीम की फैक्ट्री देखने गया था। आजीम इसी फैक्ट्री में काम करता था। वहां बैठकर दोनों बातचीत कर रहे थे। इस दौरान लगी आग में दोनों झुलस गए थे। फैक्ट्री में चाइनीज पायरो (इवेंट में जलाने वाले पटाखे) बनाए जा रहे थे। हादसा उस समय हुआ, जब 11 मशीनों से 25-25 किलोग्राम बारूद खोल में भरा जा रहा था। हादसे से जुड़ी 2 फोटोज… खबर से जुड़े बड़े अपडेट्स… पुलिस कमिश्नर बोले- दोषियों पर कार्रवाई होगी पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने बताया- जहां हादसा हुआ, वो वहां पटाखा रखने का गोदाम था। फैक्ट्री कुछ दूर है। पूरी जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी। रिहायशी इलाके में गोदाम अवैध रूप से था। इसके मालिक के खिलाफ कार्रवाई होगी। SHO ओमप्रकाश ने बताया- फिरोज वसीम नाम के युवक के साथ मिलकर अवैध रूप से फैक्ट्री संचालित कर रहा था। आग शॉर्ट सर्किट या चिंगारी से लगने की आशंका पुलिस का कहना है कि FSL टीम की मदद से मौके से सबूत जुटाए गए हैं l जिसकी जांच के बाद ही फैक्ट्री में कितना विस्फोटक मौजूद था, उसका पता चल सकेगा l इसके साथ ही आग लगने के कारणों का भी जांच में ही पता लगेगा l शुरुआती जांच में आग शॉर्ट सर्किट या किसी के बिड़ी-सिगरेट जलाने की चिंगारी से लग सकती है। यह भी कहा जा रहा है कि मशीनों से गत्तों में बारूद भरते समय आग लगी है। हालांकि अभी जांच का विषय है। थाने से 1 किमी. दूर दो साल से चल रही थी फैक्ट्री, 55 वर्ग गज का था प्लॉट खोह नागोरियान थाने से 1 किलोमीटर की दूरी पर यह अवैध फैक्ट्री संचालित की जा रही थी। 20 बाई 25 यानी 55.5 वर्ग गज के मकान में यह फैक्ट्री दो साल से चल रही थी। यहां पर अवैध रूप से पटाखे का गोदाम भी बना रखा था। बताया जा रहा है कि हादसे के समय फैक्ट्री में 50 किलो बारूद था। कॉलोनी को लेकर जिला प्रशासन ने रिपोर्ट मांगी जहां अवैध पटाखा फैक्ट्री चल रही थी, यह कॉलोनी अवैध मानी जा रही है। क्षेत्र से संबंधित तहसीलदार और पटवारी से जिला प्रशासन ने रिपोर्ट मांगी है। हालांकि जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि कॉलोनी अवैध है या वैध। प्रत्यक्षदर्शी बोले- लोगों को निकालने में पैर जला, फैक्ट्री में LPG सिलेंडर भी था स्थानीय निवासी हाशिम अंसारी ने बताया- मेरे पास फोन आया था कि यहां आग लग गई। एक टैंकर भी बुलाया गया था। तब टैंकर का पाइप लेकर अंदर जाने की कोशिश की थी। तीन से चार लोगों को बाहर निकाल लिया था। बाकी लोग अंदर जल रहे थे। आग इतनी भीषण थी कि लोगों को बचाने के चक्कर में हमारे कपड़े भी जल गए और मेरा खुद का पैर भी जल गया। फैक्ट्री के अंदर LPG सिलेंडर भी था, जिसे बाहर निकाल लिया गया। विधायक बोले- क्या पुलिस को पता नहीं था? विधायक अमीन कागजी ने कहा- रिहायशी इलाके में पटाखा फैक्ट्री होने का क्या पुलिस को नहीं पता था। लोग भी किसके दबाव में हैं, जो बोल नहीं रहे हैं। यह किसका है, किसका नहीं, इस पर भी कोई जवाब नहीं है। विधायक ने कहा कि अब जिम्मेदार कहेंगे मरने वाले राजस्थान के नहीं हैं, तो क्या जीवन उनका नहीं है। फेल्योर तो आपका है। 8 जिंदगियां राख; सवालों के घेरे में पुलिस 8 लोगों की मौत के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर थाने से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर चल रही इस अवैध गतिविधि की भनक पुलिस को क्यों नहीं लगी? आग बुझने के बाद जब कमरे के अंदर पटाखे बनाने का कच्चा माल, ज्वलनशील पदार्थ और विस्फोटक सामग्री मिली तो पूरे इलाके में चर्चा शुरू हो गई कि पड़ोसियों को भी यह नहीं पता था कि मकान के भीतर क्या चल रहा है? पुलिस का स्थानीय खुफिया नेटवर्क आखिर कर क्या रहा था? कैसे यहां अवैध रूप से पटाखों का निर्माण और भंडारण किया जा रहा था? बीट कॉन्स्टेबल क्या कर रहे थे? पुलिस व्यवस्था में बीट कॉन्स्टेबल और स्थानीय थाना स्तर पर क्षेत्र की गतिविधियों पर निगरानी रखने की जिम्मेदारी होती है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर खोह नागोरियान थाना क्षेत्र में अवैध फैक्ट्री की जानकारी न तो बीट कॉन्स्टेबल को मिली और न ही थाना अधिकारियों को। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई होती तो 8 लोगों की जान बच सकती थी। 100 से ज्यादा घरों में अवैध फैक्ट्रियां, धमाके के बाद ताले लगे सूत्रों की मानें तो घटनास्थल से 2 किलोमीटर की परिधि में करीम नगर, जावेद नगर, रहीम नगर सहित 100 से ज्यादा घरों में बिना परमिशन पटाखा बनाने का काम चल रहा है। 50-50 गज में बने इन घरों में 20-20 मजदूर लगाकर रात-दिन पटाखे बनाए जा रहे हैं। इसके लिए बारूद चोरी-छिपे दिल्ली, यूपी, महाराष्ट्र से लाया जाता है। हादसे के बाद करीम नगर, जावेद नगर सहित आसपास के इलाकों में चल रही अवैध फैक्ट्रियों पर ताला लग गया और सभी फरार हो गए। शहर से दूर है इलाका, इसलिए गैर कानूनी काम के लिए उपयुक्त खोह नागोरियान शहर से दूर है। इस इलाके में अवैध कॉलोनियां बड़े पैमाने पर विकसित हुई हैं। सस्ती जमीन लेकर 50-50, 60-60 वर्ग गज में बड़ी संख्या में मकान बना दिए गए हैं। ऐसे अधिकतर मकानों में गैरकानूनी रूप से कारोबार किया जा रहा है। इनमें काम करने के लिए सस्ते मजदूर भी आसपास के इलाकों से मिल जाते हैं। इसमें बड़े पैमाने पर बच्चे भी काम करते हैं। अफसोस तो यह है कि इस पूरे नेटवर्क से पुलिस सहित अन्य जिम्मेदार विभाग अनभिज्ञ बने हुए हैं। ये सवाल उठे... हादसे से जुड़ी अन्य फोटोज… …. आग से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… 500 रुपए देकर ‘मौत की फैक्ट्री’ में धकेल देते:कई साल से बना रहे थे पटाखे, दिल्ली तक सप्लाई; आग लगने से 8 की मौत 50 किलो बारूद में लगी आग में 8 लोग जले:ऐसा लगा जैसे बम फटा हो, इलाके में पटाखों की 4 अवैध फैक्ट्रियां और चल रही कपड़ों के साथ निकली चमड़ी, झुलसे लोग छटपटाते रहे:दर्द से तड़पता कोई सीढ़ियों पर बैठा, कोई खड़ा रहा; देखें PHOTOS कहां है 8 मौतों का जिम्मेदार फिरोज?:दिल्ली से माल लाकर जयपुर में अवैध पटाखा फैक्ट्री में पैकेजिंग, मकान मालिक याकूब भी फरार पल-पल के अपडेट के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए…
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