Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    जनम लियो रघुरईया, अवध मा बाजे बधइया:रामनवमी के साथ अयोध्या में गूंज रहे गीत, बधाई भवन में विशेष तैयारी

    9 hours ago

    1

    0

    अयोध्या में आस्था का ज्वार उमड़ने लगा है। जिधर देखो, श्रद्धालु ही श्रद्धालु नजर आ रहे हैं। अवसर है प्रभु श्रीराम के जन्मोत्सव का। भक्त बिना रुके अपने आराध्य रामलला की चौखट पर पहुंचने के लिए आतुर हैं। जन्मोत्सव में शामिल होने की बेसब्री लगातार बढ़ती जा रही है। स्वर्गद्वार मोहल्ले स्थित श्री सद्गुरु बधाई भवन के महंत राजीव लोचन शरण ने बताया कि अयोध्या में भगवान श्रीरामलला का जन्म 27 मार्च को दोपहर ठीक 12 बजे मनाया जाएगा। आस्था के आगे प्रचंड धूप और तमाम दुश्वारियां भी बौनी साबित हो रही हैं। “जनम लियो रघुरइया, अवध मा बाजे बधइया...” जैसे पारंपरिक बधाई गीत भी गूंजने लगे हैं। 27 मार्च को जैसे ही घड़ी की तीनों सुइयां दोपहर 12 बजे एक होंगी, पूरी अयोध्या रामलला के जन्मोत्सव में डूब जाएगी। श्रीराम जन्मभूमि परिसर स्थित रामलला के दरबार सहित पूरी अयोध्या “भए प्रगट कृपाला दीनदयाला कौशल्या हितकारी...” के गान से गुंजायमान हो उठेगी। शहर में घंट-घड़ियाल की ध्वनि चारों ओर सुनाई देगी। इस पावन वेला के करीब आने के साथ ही स्वर्गद्वार मोहल्ले में स्थित श्री सद्गुरु बधाई भवन में खास उल्लास दिखाई देने लगा है। यह वही स्थान है, जहां सैकड़ों वर्षों से प्रभु श्रीराम के जन्मोत्सव पर बधाई गाने की परंपरा चली आ रही है। इसी कारण मंदिर को बधाई भवन के नाम से जाना जाता है। महंत राजीव लोचन शरण ने बताया कि ठाकुर जी के जन्मोत्सव की तैयारियां मंदिर में महीनों पहले से शुरू हो जाती हैं। चैत शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से इस उत्सव का रंग और चटख हो जाता है। चैत शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को उत्साह अपने चरम पर होता है। इस दिन गुरुदेव भगवान की गोद में विराजमान ठाकुर जी का पंचामृत से अभिषेक किया जाता है। उन्हें नवीन वस्त्र धारण कराए जाते हैं और उत्तम भोग लगाया जाता है। ठीक दोपहर 12 बजे जन्मोत्सव मनाया जाता है। इसके बाद बधाई का क्रम शुरू होता है, जिसमें देश के कोने-कोने से आए संत, महंत और श्रद्धालु भाव-विभोर होकर ठाकुर जी के समक्ष नृत्य करते हैं। 27 मार्च को पूरे उत्साह और परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव मनाया जाएगा।
    Click here to Read more
    Prev Article
    ट्राला-बस की आमने-सामने टक्कर, कई यात्री घायल:कानपुर देहात में हुआ हादसा, ट्रक चालक वाहन में फंसा, बचाव कार्य जारी
    Next Article
    चंडीगढ़ नारकोटिक्स टीम ने युवक को पकड़ा:मेडिकल कराने के बाद NDPS कोर्ट में किया पेश, साथ में ले गई पुलिस

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment