Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    जाली नोटों के नेटवर्क से जुड़ा था अतीक:पूर्व IPS सूर्य कुमार शुक्ला का दावा, सांसद अफजाल अंसारी बोले- फिल्म में ISI एजेंट दिखाना प्रोपगेंडा

    11 hours ago

    2

    0

    फिल्म ‘धुरंधर-2’ में अतीक अहमद के किरदार को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा नेता और रिटायर्ड आईपीएस अफसर डॉ. सूर्य कुमार शुक्ला ने दावा किया कि नेपाल की राजधानी काठमांडू स्थित पाकिस्तान दूतावास में पाकिस्तान से जाली करेंसी आती थी। जाली नोटों का नेटवर्क संगठित था। सीवान में शहाबुद्दीन, यूपी में मुख्तार अंसारी और अतीक अहमद तीनों के बीच करीबी संबंध थे। ये लोग मिलकर जाली नोटों को बाजार में खपाते थे। इससे होने वाली कमाई गैंग को मजबूत करने में लगाई जाती थी। वहीं, मुख्तार अंसारी के भाई और गाजीपुर से सपा सांसद अफजाल अंसारी ने फिल्म पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि- अतीक अहमद के नाम पर फिल्म बनाकर उन्हें ISI (पाकिस्तान खुफिया एजेंसी) एजेंट दिखाया गया। जबकि वह अब इस दुनिया में नहीं हैं। फिल्म बनाना मेकर्स का शौक हो सकता है। लेकिन आम जनता इसे गंभीरता से देखती है। उन्होंने कहा- मैंने फिल्म नहीं देखी है। फिल्म इंडस्ट्री में लोग मनमर्जी की कहानियां बनाते हैं। जो लोग आज भी जिंदा हैं और नकली ‘बैकुंठ’ बनाकर बैठे हैं, उन पर कोई फिल्म नहीं बनती। ऐसे लोग दाऊद इब्राहिम के साथ मिलकर अपराध करते रहे हैं, लेकिन उन पर कोई कहानी नहीं दिखाई जाती। बता दें कि फिल्म ‘धुरंधर-2’ में अतीक अहमद को ISI का एजेंट और भारत में नकली नोटों का सप्लायर दिखाया गया है। साथ ही उसकी मौत की घटना भी दिखाई गई है, जिस पर विरोधी दलों ने आपत्ति जताते हुए इसे सरकार का प्रोपगेंडा बताया है। सांसद ने कहा- जब मेकर्स को फायदा उठाना होता है, फिल्म के टिकट बेचने होते हैं या सरकार से सहयोग लेना होता है, तब किसी का नाम प्रचार में उछाल दिया जाता है। ये कहानियां जरूरी नहीं कि सच्ची घटनाओं पर आधारित हों। फिल्म पहले से लिखी स्क्रिप्ट पर बनती है। मेकर्स इस बात पर ध्यान देते हैं कि फिल्म कैसे हिट होगी। कहानी को कैसे दिलचस्प बनाया जाए। संविधान की शपथ लेकर कानून की धज्जियां उड़ा रहे लोग सांसद अफजाल अंसारी ने कहा- आम लोगों को समझ आ रहा है कि कुछ लोग संविधान की शपथ लेकर कानून की धज्जियां उड़ाते हुए सरकार में बैठे हैं। कुछ कर्मचारी गुलामी की मानसिकता में सरकारी नेताओं की इच्छा के अनुसार काम कर रहे हैं, लेकिन उनके खिलाफ कानून अपना काम करेगा। फिल्म बनाना किसी का शौक हो सकता है, लेकिन अगर कोई गलत दिशा में जाएगा तो कार्रवाई जरूर होनी चाहिए। दावा- दंगे से राजनीति तक अतीक अहमद ने बढ़ाया नेटवर्क रिटायर्ड आईपीएस अफसर डॉ. सूर्य कुमार शुक्ला ने अपने कार्यकाल का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि 1986 में जब वे इलाहाबाद (अब प्रयागराज) में तैनात थे, तब वहां दंगा हुआ था।जांच में सामने आया कि अतीक अहमद ने दंगे को भड़काने में भूमिका निभाई थी। पुलिस सख्त हुई तो उसके घर पर दबिश दी गई, लेकिन वह भागकर मुंबई चला गया। इसके बाद वह धीरे-धीरे बड़ा माफिया बन गया। वह विवादित जमीन सस्ते में खरीदकर महंगे दाम पर बेचता था। जो विरोध करता, उसे धमकाया जाता या खत्म कर दिया जाता। उस समय उसके पक्ष में कोई राजनीतिक दबाव नहीं था। लेकिन सांसद बनने के बाद उसने चुनावों में भारी पैसा खर्च करना शुरू कर दिया। पुलिस की सख्ती बढ़ने पर उसने राजनीति का सहारा लिया। अतीक अहमद ने समाजवादी पार्टी से टिकट लिया और बाद में अपना दल में शामिल हो गया। बसपा विधायक राजू पाल की हत्या इसलिए कराई गई ताकि वह बिना विरोध चुनाव लड़ सके। बाद में इस मामले के गवाह उमेश पाल की भी हत्या कर दी गई। इसके बाद अतीक अहमद का अंत कैसे हुआ, यह सब जानते हैं। जानिए फिल्म को लेकर क्या है विवाद फिल्म ‘धुरंधर-2’ के सिनेमाघरों में रिलीज़ होते ही विवाद तेज हो गया है। विवाद का केंद्र ‘आतिफ अहमद’ नाम का किरदार है, जिसे अतीक अहमद से प्रेरित बताया जा रहा है। इसे लेकर राजनीतिक दलों, सामाजिक समूहों और दर्शकों के बीच तीखी बहस छिड़ गई है। फिल्म अब सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि राजनीतिक चर्चा का विषय बन गई है। रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि यह किरदार यूपी के गैंगस्टर-राजनेता अतीक अहमद से मिलता-जुलता है। फिल्म में खुफिया एजेंसी से जुड़े संदर्भ भी दिखाए गए हैं, जिससे विवाद और बढ़ गया है। कई नेताओं ने ISI कनेक्शन वाले चित्रण को गलत और संवेदनशील मुद्दों को भड़काने वाला बताया है। --------------------------------------- ये खबर भी पढ़ेंः- धुरंधर-2 में अतीक अहमद की कहानी सच या प्रोपेगैंडा:ISI से कनेक्शन के सबूत मिले, नोटबंदी और फेक करेंसी वाली स्टोरी कितनी सच इलाहाबाद का चकिया। सफेद कुर्ता, सिर पर साफा पहने, चेहरे पर मुस्कान लिए एक माफिया। फिल्म धुरंधर-2 शुरुआती सीन से ही आपको सीधे यूपी के माफिया और सांसद रहे अतीक अहमद के दौर में ले जाएगी। 15 अप्रैल, 2023 को पुलिस के सुरक्षा घेरे में अतीक और उसके भाई अशरफ अहमद की हत्या कर दी गई थी। पढ़ें पूरी खबर…
    Click here to Read more
    Prev Article
    गैस की किल्लत से परेशान व्यवसायी डीएम से मिले:हरदोई में कमी से परेशान एसोसिएशन, संस्थान बंद होने की आशंका जताई
    Next Article
    सोनपथरी आश्रम के पास नाले में मांसाहारी अवशेष फेंका:श्रावस्ती में भाजयुमो ने मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा, सख्त कार्रवाई की मांग

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment