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    हाथरस में यौन शोषण के आरोप से प्रोफेसर रजनीश दोषमुक्त:कोर्ट ने सबूतों के अभाव में बरी किया, पीड़ित छात्राओं ने आरोपों से किया इंकार

    5 hours ago

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    हाथरस में बहुचर्चित यौन शोषण के एक मामले में प्रोफेसर रजनीश को न्यायालय ने दोषमुक्त कर दिया है। एडीजे एफटीसी प्रथम महेंद्र कुमार श्रीवास्तव के न्यायालय ने सबूतों के अभाव में उन्हें बरी करने का आदेश दिया। पीड़ित छात्राओं ने कोर्ट में आरोपी प्रोफेसर पर लगाए गए सभी आरोपों से इंकार कर दिया। वहीं पीड़ित पक्ष के वकील ने सामने आए अश्लील वीडियो को एआई जनरेटेट बताया। पीड़ित पक्ष से आरोपों को साबित करने के लिए 9 गवाह पेश किए किए। इसमें से तीन छात्राएं थीं। कोर्ट ने गवाहों और छात्रों के बयान और सबूतों का नाकाफी माना और फैसला सुनाया। आरोपी पक्ष के अधिवक्ता वीरेंद्र सिंह ने रखे तर्क सुनवाई के दौरान आरोपी पक्ष के अधिवक्ता चौधरी वीरेंद्र सिंह ने दलील दी कि रजनीश को केवल कुछ वीडियो के आधार पर आरोपी बनाया गया है। उन्होंने तर्क दिया कि वर्तमान में एआई का दौर है, जिसमें किसी भी इलेक्ट्रॉनिक वीडियो को आसानी से फर्जी तरीके से तैयार किया जा सकता है। अभियोजन पक्ष ने प्रकरण को साबित करने के लिए 9 गवाह प्रस्तुत किए, जिनमें से 3 पीड़िताएं थीं। हालांकि, अभियोजन द्वारा केवल एक पीड़िता को ही मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराने के लिए प्रस्तुत किया गया। अन्य किसी पीड़िता को बयान दर्ज कराने के लिए पेश नहीं किया गया। कोर्ट में दी गई गवाहियों में किसी भी पीड़िता ने आरोपियों द्वारा किसी घटना को अंजाम दिए जाने के आरोपों की पुष्टि नहीं की, बल्कि उन्होंने साफ तौर पर इनकार किया है। न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता कि आरोपी को फंसाने के उद्देश्य से ही किसी ने फर्जी और मनगढ़ंत वीडियो तैयार कर भेजे हों। पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में अभियुक्त रजनीश को धारा-376, 376सी, 354 और धारा-67 आईटी एक्ट के आरोपों से दोषमुक्त किया गया। अब जानिए पूरा मामला… दरअसल, 6 मार्च को एक छात्रा ने महिला आयोग को लेटर लिखा, साथ ही फोटो-वीडियो भी भेजे। शिकायत सामने आने के बाद पुलिस ने इंटरनल जांच शुरू की थी। पत्र में आरोप लगाया गया था कि बागला डिग्री कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. रजनीश लंबे समय से उसका यौन शोषण कर रहे हैं। पत्र के साथ कुछ फोटो और वीडियो भी भेजे गए थे। इसी तरह की कुछ अन्य शिकायत भी आई थीं। इन आरोपों के आधार पर पुलिस ने प्रोफेसर रजनीश के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था और गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। पुलिस ने इस मामले में न्यायालय में आरोपपत्र भी दाखिल किया था। छात्रा का लेटर जो महिला आयोग को लिखा गया 'आपको बताना चाहती हूं कि प्रोफेसर रजनीश कुमार कई छात्राओं का यौन-शोषण कर रहा है। वह दरिंदा है। वह छात्राओं के साथ अश्लील हरकतें करता है। वीडियो बनाकर उनका शोषण करता है। मैं एक साल से पीएमओ से लेकर सीएम कार्यालय तक इसकी शिकायत कर रही हूं, लेकिन प्रोफेसर इतना ताकतवर है कि किसी भी शिकायत पर उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। मोदी सरकार 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' का समर्थन करती है, लेकिन फिर भी ऐसे दरिंदे बेखौफ होकर बेटियों के साथ दरिंदगी कर रहे हैं। इस दरिंदे से मैं इतनी परेशान हूं कि कभी-कभी आत्महत्या करने का विचार आता है। कॉलेज मैनेजमेंट कमेटी के अध्यक्ष और मैनेजमेंट को प्रोफेसर की करतूतों के बारे में बताया। उन्हें सबूत भी सौंपे, लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। जब तक इस दुष्ट पर कोई कार्रवाई नहीं होती, मैं हार नहीं मानूंगी। ऐसा लगता है कि कॉलेज के प्रधानाचार्य और मैनेजमेंट की शह पर प्रोफेसर कॉलेज की छात्राओं का शोषण कर रहा है। वह भोली-भाली छात्राओं को प्रतियोगिता परीक्षा पास कराने और नौकरी के नाम पर बहलाता-फुसलाता है। फिर उनके साथ गलत काम करता है और वीडियो भी बनाता है। उसके फोटो-वीडियो मेरे हाथ लगे हैं, जिन्हें मैं प्रमाण के रूप में इस पत्र के साथ भेज रही हूं। अब तक मैंने अलग-अलग नाम से शिकायतें की हैं, क्योंकि अगर दरिंदे को मेरे बारे में पता चल गया, तो वह मुझे मरवा देगा। यह शिकायत भी मैं अपनी पहचान छिपाकर कर रही हूं। रजनीश पिछले 20 साल से कॉलेज में पढ़ने वाली छात्राओं का यौन-शोषण कर रहा है। मेरी जैसी छात्राओं की इज्जत बचा लीजिए, नहीं तो यह दरिंदा रजनीश कुमार न जाने कितनी और छात्राओं की इज्जत लूट लेगा। लोकलाज के कारण छात्राएं कुछ नहीं कहेंगी। सामने दिख रहे फोटो और वीडियो के आधार पर इस प्रोफेसर पर कठोर से कठोर कार्रवाई की जाए।' महिला आयोग के आदेश पर शुरू हुई थी जांच छात्रा के पत्र का महिला आयोग ने संज्ञान लेते हुए जांच के निर्देश दिए। इसके बाद हाथरस गेट कोतवाली पुलिस ने जांच शुरू की और प्रोफेसर को पूछताछ के लिए बुलाया। उसके मोबाइल को कब्जे में ले लिया, लेकिन उसने पहले ही वीडियो-फोटो डिलीट कर दिए थे। पुलिस ने मोबाइल का डेटा रिकवर कराया, तो 65 अश्लील वीडियो मिले। इसके बाद 13 मार्च को दरोगा सुनील कुमार ने थाने में खुद शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी प्रोफेसर को गिरफ्तार किया था। ……… ये खबर भी पढ़ें… मैनपुरी में कार की टक्कर से 20 फीट हवा में उछला सिपाही, 100 की स्पीड में दुकान में घुसी मैनपुरी में तेज रफ्तार कार ने पुलिस की बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक पर सिपाही उछलकर 20 मीटर दूर गिरा। घटना में सिपाही समेत तीन लोग घायल हो गए। इसका सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। सोमवार को दो पक्षों में गाली-गलौज के बाद मारपीट हुई थी। पुलिस इसकी सूचना पर पहुंची थी। हमलावरों से बचने के प्रयास में शिकायतकर्ता ने अपनी कार तेज रफ्तार में भगाई। तभी सोमवार को ये घटना हो गई। मामला भोगांव थाना क्षेत्र का है। पढ़ें पूरी खबर…
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