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    हाथरस में सीवेज फार्म की जमीन के ठेके में गड़बड़ी:जांच में ई-टेंडरिंग से लेकर नीलामी राशि के आकलन तक खामियां मिलीं; नपा को आर्थिक नुकसान

    22 hours ago

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    हाथरस में नगर पालिका परिषद के जलेसर रोड स्थित कृषि योग्य सीवेज फार्म भूमि के वर्ष 2024-25 के ठेके की नीलामी में गड़बड़ी सामने आई है। सभासदों की शिकायत पर हुई एसडीएम सदर और वरिष्ठ कोषाधिकारी की संयुक्त जांच में ई-टेंडरिंग प्रक्रिया और नीलामी राशि के आकलन में अनियमितताएं सामने आई हैं। जांच रिपोर्ट के मुताबिक नीलामी प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं होने से नगर पालिका को आर्थिक नुकसान हुआ। जिलाधिकारी ने रिपोर्ट आगे की कार्रवाई के लिए नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव को भेज दी है। सभासद पंडित सुनील अग्निहोत्री, नवीन सबलोक और मनीष अग्रवाल ने जिलाधिकारी से मामले की शिकायत की थी। आरोप लगाया गया था कि सीवेज फार्म की कृषि भूमि का ठेका पसंदीदा ठेकेदार को देने के लिए नियमों की अनदेखी की गई और लाखों रुपये का भ्रष्टाचार किया जा रहा है। शिकायत के बाद जिलाधिकारी ने मामले की जांच के लिए समिति गठित की थी। करीब 21 महीने चली जांच के बाद समिति ने अगस्त 2026 में अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी। ई-ऑक्शन की जगह अपनाई गई ई-निविदा प्रक्रिया नियमों के अनुसार सीवेज फार्म का ठेका ई-ऑक्शन यानी ई-नीलामी के जरिए सबसे ऊंची बोली लगाने वाले को दिया जाना चाहिए था। जांच में सामने आया कि पालिका प्रशासन ने ई-ऑक्शन के बजाय ई-निविदा प्रक्रिया अपनाई। इसके अलावा लगातार एक ही ठेकेदार या उससे जुड़े लोगों को नीलामी मिलने का मामला भी जांच के दायरे में रहा। एफडीआर की जगह चेक जमा, फिर भी तकनीकी बिड स्वीकार जांच में निविदा प्रक्रिया की एक और खामी सामने आई। इसमें शामिल एक फर्म ने धरोहर राशि के लिए निर्धारित एफडीआर की जगह चेक जमा किया था। यह निविदा की शर्तों और शासनादेशों के विपरीत था। इसके बावजूद पालिका प्रशासन ने तकनीकी बिड को शर्तों के साथ स्वीकार कर लिया। जांच समिति ने इसे पूरी प्रक्रिया में गंभीर कमी माना है। सात महीने का ही दिया गया ठेका फसली वर्ष एक जून से शुरू होता है, लेकिन नगर पालिका प्रशासन समय पर नीलामी प्रक्रिया पूरी नहीं कर सका। इसके चलते ठेका सिर्फ सात महीने के लिए दिया गया। जांच समिति के अनुसार इससे नगर पालिका को सीधे आर्थिक नुकसान हुआ। नीलामी राशि का आकलन भी सही नहीं मिला जांच रिपोर्ट में सीवेज फार्म की कृषि भूमि की नीलामी राशि के आकलन में भी खामी बताई गई है। समिति ने कहा कि जमीन की नीलामी राशि का सही तरीके से आकलन नहीं किया गया। इसके साथ ही ई-निविदा की प्रक्रिया भी देरी से और निर्धारित तरीके के अनुरूप नहीं कराई गई। प्रमुख सचिव को भेजी गई जांच रिपोर्ट एसडीएम सदर और वरिष्ठ कोषाधिकारी की संयुक्त जांच रिपोर्ट मिलने के बाद जिलाधिकारी ने इसे आगे की कार्रवाई के लिए नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव को भेज दिया है। अब रिपोर्ट के आधार पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका पर आगे कार्रवाई की जा सकती है।
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