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    हाथरस में ओलावृष्टि से किसानों को भारी नुकसान:खेतों में भरा पानी, गेहूं की फसल बर्बाद, किसान परेशान

    6 hours ago

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    हाथरस जिले के सादाबाद कोतवाली क्षेत्र में रविवार दोपहर हुई ओलावृष्टि और बारिश से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। गांव बिसावर और आसपास के कई गांवों में लगभग आधे घंटे तक ओले गिरे, जिससे खेतों में खड़ी और कटी हुई गेहूं की फसल बर्बाद हो गई। इस ओलावृष्टि से बिसावर क्षेत्र में करीब 600 बीघा से अधिक गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है। कई दिनों से जिले में हो रही बारिश के बाद आज दोपहर हुई ओलावृष्टि ने किसानों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। वर्तमान में खेतों में गेहूं की कटाई का काम चल रहा है। अधिकांश खेतों में कटी हुई फसल पड़ी थी, जो बारिश और ओलावृष्टि के कारण पूरी तरह से भीग गई। खेतों में पानी भर जाने से कटी हुई फसल बर्बाद हो गई है। किसान नारायण सिंह ने बताया कि उन्होंने 5.5 बीघा खेत में गेहूं की फसल लगाई थी, जो बटाई पर ली गई थी। बारिश और ओलावृष्टि से उनकी पूरी फसल बर्बाद हो गई है और खेत में पानी भर गया है। खेती करके वह जीवन यापन करते हैं। अब इस नुकसान की भरपाई कैसे होगी। नगला छती के किसान चौधरी मनोज पंसारी के अनुसार, उनकी करीब 11.5 बीघा कटी हुई गेहूं की फसल भी इस आपदा में नष्ट हो गई है। काफी अन्य किसानों की भी फसल बर्बाद हुई है। जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा उपाध्याय सहित कुछ अन्य जनप्रतिनिधियों ने शासन से मांग की है कि बारिश और ओलावृष्टि में किसानों की फसल बर्बाद हो गई है। इसलिए उन्हें जल्दी मुआवजा दिया जाए। फसलों को हुए नुकसान का सर्वेक्षण तेज, जिलाधिकारी ने दिए निर्देश हाथरस में जिलाधिकारी अतुल वत्स ने बेमौसम बारिश से फसलों को हुए नुकसान का सर्वेक्षण करने का निर्देश दिया है। उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों और जिला कृषि अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक कदम उठाने के लिए निर्देशित किया है। इन निर्देशों के बाद, सभी तहसीलों के उपजिलाधिकारियों और जिला कृषि अधिकारी द्वारा राजस्व एवं कृषि विभाग की एक संयुक्त टीम गठित की गई है। इस टीम में लेखपाल, प्राविधिक सहायक, एटीएम और बीटीएम शामिल हैं, जो खेतों में जाकर सर्वेक्षण कार्य कर रहे हैं। अधिकारियों ने स्वयं मौके पर पहुंचकर फसलों को हुए नुकसान का भौतिक निरीक्षण भी किया है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जिन किसानों की फसलें क्षतिग्रस्त हुई हैं, उन्हें हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अपनी फसलों का बीमा कराने वाले किसानों को महत्वपूर्ण जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि यदि 3 और 4 अप्रैल को हुई बेमौसम बारिश से उनकी फसल को नुकसान हुआ है, तो वे 72 घंटे के भीतर टोल-फ्री नंबर 14447 पर फसल क्षति की शिकायत दर्ज करा दें। इससे बीमा कंपनी द्वारा उनकी फसल का तत्काल सर्वेक्षण किया जा सकेगा।
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