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    हरदोई में वोटर लिस्ट से लाखों नाम हटे:नितिन अग्रवाल, रजनी तिवारी के क्षेत्रों में भी घटे मतदाता, बदलेगा चुनावी गणित

    2 hours ago

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    मतदाता पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) के बाद जारी नई वोटर लिस्ट ने हरदोई जिले की सियासत में हलचल मचा दी है। इस अभियान के बाद जिले में मतदाताओं की संख्या में भारी गिरावट दर्ज हुई है, जिससे आने वाले चुनावों में जीत-हार का गणित गड़बड़ा सकता है। सबसे बड़ा असर हरदोई सदर विधानसभा क्षेत्र में देखने को मिला है, जो प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार नितिन अग्रवाल का क्षेत्र है। यहां पिछली सूची के मुकाबले कुल 85,757 वोट कम हो गए हैं। पहले जहां 4,24,542 मतदाता थे, वहीं अब यह संख्या घटकर 3,38,785 रह गई है। इनमें 47,327 पुरुष और 38,429 महिला मतदाता शामिल हैं। इतनी बड़ी संख्या में वोटों का कम होना राजनीतिक दलों के लिए चिंता का विषय बन गया है। सभी नेताओं के लिए चुनौती बढ़ी अन्य विधानसभा क्षेत्रों में भी यही स्थिति देखने को मिल रही है। राज्य मंत्री रजनी तिवारी के निर्वाचन क्षेत्र शाहाबाद में 39 हजार से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। पिछले चुनाव में उनके और सपा प्रत्याशी आसिफ खान बब्बू के बीच जीत-हार का अंतर लगभग 6 हजार वोटों का था। इसी तरह सवायजपुर, बिलग्राम-मल्लावां, बालामऊ और गोपामऊ में भी हजारों की संख्या में मतदाता सूची से बाहर हुए हैं। गोपामऊ में सबसे कम 36,850 मतदाता घटे हैं, लेकिन यह संख्या भी चुनावी समीकरण को प्रभावित करने के लिए पर्याप्त मानी जा रही है। राजधानी लखनऊ से सटी संडीला विधानसभा, जो विधायक अलका सिंह अर्कवंशी का क्षेत्र है, वहां भी मतदाताओं की संख्या में बड़ा बदलाव हुआ है। बीते चुनाव में 3,53,165 मतदाता थे, जो अब घटकर 2,97,529 रह गए हैं, यानी 55,636 वोट कम हुए हैं। यहां बाहरी जिलों से आकर रहने वाले और नौकरीपेशा लोगों ने एसआईआर के दौरान अपने मूल या वर्तमान निवास स्थान को प्राथमिकता दी, जिससे स्थानीय सूची में नाम कम हो गए। विशेषज्ञों का मानना है कि अब बाहरी वोटरों की भूमिका सीमित होने से स्थानीय मतदाता ही चुनाव परिणाम तय करेंगे। इससे सभी नेताओं के लिए चुनौती और भी बढ़ गई है।
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