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    हरिहर मंदिर-जामा मस्जिद की कब्रिस्तान भूमि पर सुनवाई आज:संभल में 8 बीघा जमीन पर 35 साल से अवैध कब्जा, कई मकान, दुकान और मजारें बनीं

    1 hour ago

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    संभल सिविल कोर्ट आज शहर के चर्चित कब्रिस्तान भूमि विवाद मामले में अहम फैसला सुनाने जा रहा है। मामला विवादित धार्मिक स्थल श्रीहरिहर मंदिर और शाही जामा मस्जिद संभल के पास स्थित 8 बीघा कब्रिस्तान जमीन पर मकान और दुकानों के निर्माण से जुड़ा है। वादी पक्ष की याचिका पर पहले ही निर्माण कार्य पर रोक लगाई जा चुकी है और अब सभी की निगाहें अदालत के फैसले पर टिकी हैं। बता दें कि पूरा विवाद कोतवाली क्षेत्र की गाटा संख्या 32/2 की करीब 8 बीघा कब्रिस्तान भूमि को लेकर है। राजस्व प्रशासन ने 30 दिसंबर 2023 को जमीन की पैमाइश कराई थी। इसके बाद प्रशासनिक कार्रवाई के खिलाफ कुछ लोग इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचे, लेकिन वहां से राहत नहीं मिली और मामला तहसीलदार न्यायालय वापस भेज दिया गया। प्रशासन के नोटिस मिलने के बाद सिविल कोर्ट में याचिका दाखिल की गई। अब पूरा मामला विस्तार से पढ़िए… 15 लोगों ने दायर किया वाद, कई सरकारी विभाग बने प्रतिवादी मामले की सुनवाई सिविल कोर्ट संभल में चल रही है। वादी पक्ष में सलमा रानी पत्नी शहाबुद्दीन सहित कुल 15 लोगों ने वाद दायर किया है। इस वाद में प्रमुख 3 प्रतिवादी बनाए गए हैं। जिनमें नगर पालिका परिषद संभल के अधिशासी अधिकारी, यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के सीईओ और उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से जिलाधिकारी और तहसीलदार संभल शामिल हैं। बताया गया कि 15 याचिकाकर्ताओं में से चार लोगों ने बाद में अपनी याचिका वापस ले ली है। 27 फरवरी को दिया गया था यथास्थिति का आदेश पिछली सुनवाई 27 फरवरी को न्यायाधीश ललित कुमार ने यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया था। इसके बाद 9 और 16 मार्च को भी सुनवाई हुई। 9 मार्च को डीजीसी प्रिंस शर्मा अदालत में उपस्थित हुए और याचिका की प्रति प्राप्त की। अब 23 मार्च की तारीख पर इस मामले में फैसला आने की उम्मीद जताई जा रही है। 30 दिसंबर को हुई थी मापी, तस्वीरें देखिए… 1990 से पहले कब्रिस्तान होने का दावा 12 दिसंबर 2025 को जिलाधिकारी को शिकायत देते हुए सुभाष त्यागी (श्रीकल्कि सेना) ने दावा किया कि 1990 से पहले यह पूरी जमीन कब्रिस्तान थी और बाद में इस पर अवैध निर्माण हुआ। इसके बाद एसडीएम के आदेश पर तहसीलदार, नायब तहसीलदार और 26 कानूनगो-लेखपालों की टीम गठित कर जमीन की पैमाइश कराई गई थी। फैसले पर टिकी शहर की नजर धार्मिक स्थल के पास स्थित जमीन से जुड़ा होने के कारण यह मामला बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। आज आने वाला फैसला आगे की प्रशासनिक कार्रवाई और पूरे विवाद की दिशा तय कर सकता है। ---------------------------- ये खबर भी पढ़ें… सुप्रीम कोर्ट बोला-मेरठ का मामला देश के लिए चेतावनी:कहा- जिंदगी की कीमत पर व्यवसाय नहीं चलेगा, 859 संपत्तियों को तोड़ने के आदेश सुप्रीम कोर्ट ने मेरठ में अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने गुरुवार को 859 संपत्तियों पर बने अवैध सेटबैक को दो महीने के भीतर तोड़ने का आदेश दिया है। अवैध सेटबैक यानी इमारत के चारों ओर छोड़ी जाने वाली अनिवार्य खाली जगह में किया गया निर्माण। पूरी खबर पढ़ें…
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