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    अचानक अपना डिफेंस अताशे मॉरिशस क्यों भेज रहा भारत? जयशंकर ने क्या बड़ा ऐलान कर दिया?

    3 hours from now

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    भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर मॉरीशियस के दौरे पर है और वहां से उनका यह बड़ा बयान सामने आया है जिसमें उन्होंने ऐलान किया है कि भारत अब जल्द ही मॉरीशियस में एक डिफेंस अटैचे को तैनात करने जा रहा है। दरअसल भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर इस समय मॉरीशस की यात्रा पर हैं। जहां उन्होंने मॉरीशियस के प्रधानमंत्री नवीन रामगुलम से मुलाकात की और इस मुलाकात में दोनों देशों के बीच रक्षा, ऊर्जा, विकास और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर जोर दिया गया। इस मुलाकात पर बोलते वक्त विदेश मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से प्रधानमंत्री नवीन रामगुलम को शुभकामनाएं भी दी और दोनों देशों के रिश्तों को वाइड रेंजिंग पार्टनरशिप यानी कि हर क्षेत्र में मजबूत होती हुई साझेदारी बताया। प्रधानमंत्री नवीन रामगोलम ने और विदेश मंत्री के बीच एक बैठक भी हुई और इस बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। लेकिन सबसे बड़ी घोषणा यह रही कि भारत अब मॉरीिशियस में जल्द ही एक डिफेंस अताशे को तैनात करेगा। इसे भी पढ़ें: India-Mauritius संबंधों में नया अध्याय, ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक साझेदारी पर जोर, जयशंकर ने जारी किया बयानडिफेंस अताशे क्या होता हैआपको बता दें कि डिफेंस सताश दूसरे देश में अपने देश की एंबेसी या हाई कमीशन में तैनात होने वाले सैन्य राजनयिक होते हैं। इस पद पर आमतौर पर आर्मी, नेवी या एयरफोर्स के किसी वरिष्ठ अधिकारी को तैनात किया जाता है। डिफेंस हताशे का मुख्य काम उस देश में अपने देश की सैन्य नीतियों और रक्षा हितों को बढ़ावा देना होता है। यह जिस भी देश में तैनात होते हैं, उस देश रक्षा मामलों में सहयोग के लिए एक पुल की तरह यह काम करते हैं। यानी कि यह दोनों देशों के बीच रक्षा संबंध, सैन्य सहयोग, हथियारों का व्यापार और सामरिक मामलों को संभालते हैं। और एक डिफेंस हताशे को राजनीतिक इम्यूनिटी होती है। यानी कि इनके पास हर एक वो अधिकार होता है जो एक डिप्लोमेट के पास मौजूद होता है। इसे भी पढ़ें: चुपके से दिल्ली पहुंचे बांग्लादेशी विदेश मंत्री, NSA डोभाल ने किया बड़ा खेलइस नियुक्ति का क्या होगा असरआपको बता दें यह कदम दोनों देशों के बीच रक्षा और सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करेगा। इसके साथ ही समुद्री सुरक्षा और हिंद महासागर क्षेत्र में साझेदारी को भी नई दिशा मिलेगी। इसके साथ ही विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बताया कि भारत मॉरीशियस की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने के लिए तेल और गैस सप्लाई पर सरकारी समझौते को अंतिम रूप दे रहा है जो मिडिल ईस्ट में चल रहे संकट के बीच काफी अहम हो जाता है। साथ ही में भारत स्वास्थ्य और विकास के क्षेत्र में भी मॉरीिशस की मदद कर रहा है। ग्रीन एनर्जी पर भी भारत मॉरीशस के साथ सहयोग बढ़ा रहा है। जिसमें ई बसें, सोलर प्रोजेक्ट्स और भविष्य में फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट भी शामिल हो रहे हैं। कुल मिलाकर मिडिल ईस्ट संकट के बीच भारत और मॉरीिशस का यह बढ़ता सहयोग दिखाता है कि भारत हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी रणनीतिक पकड़ को मजबूत करना चाहता है और इस ओर भारत काम कर रहा है और डिफेंस अाचे की तैनाती आने वाले समय में इस रिश्ते को नई ऊंचाई दे सकती है। 
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