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    'हमारे बयान को विवादित बनाया जाता है':आजमगढ़ में शौकत अली बोले- भाजपा-सपा एक सिक्के के दो पहलू, दोनों को 10 में से जीरो नंबर दूंगा

    2 hours ago

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    मेरठ में AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली के एक बयान ने प्रदेश की सियासत में हलचल मचा दी है। 23 मार्च को दिए गए उनके बयान का वीडियो सामने आया। जिसके बाद न सिर्फ विवाद खड़ा हुआ, बल्कि उनके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया। बयान में उन्होंने कहा था कि हमें 111 नहीं, सिर्फ 11 विधायक दे दो तो अपनी ताकत दिखा देंगे। किसी मुसलमान का एनकाउंटर होगा, तो करने वाले का भी एनकाउंटर होगा। प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली के बयानों और उत्तर प्रदेश की राजनीति को लेकर दैनिक भास्कर आजमगढ़ पहुंचा। उन्होंने फूलपुर तहसील के माहुल स्थित शौकत अली के आवास पर उनसे बातचीत की। बातचीत के दौरान प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने कहा- मैं विवादित बयान नहीं देता। बल्कि हमारे बयान को विवादित बनाया जाता है। विवादित बयान फतेहपुर में खड़े होकर जो लोग यह कहते हैं कि हम ईद के दिन मुसलमान के खून से होली खेलेंगे। वह विवादित बयान है। लेकिन सरकार की नजर में वह विवादित नहीं है। क्योंकि वह सरकार के लोग हैं। आइए जानते हैं दैनिक भास्कर से बातचीत करते हुए AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने क्या-क्या कहा… सवाल: आप बार-बार विवादित बयान क्यों देते हैं? जवाब: प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने कहा- आज तक यदि मैं विवादित बयान देता होता, तो 12 सालों से यूपी में AIMIM का प्रदेश अध्यक्ष न होता। आज तक मेरे बयान से पूरे प्रदेश में कहीं पर कोई वायलेंस हुआ हो, तो आप बताइए। यह तो पुलिस पॉलीटिकल प्रेशर में आकर मेरे ऊपर फर्जी मुकदमा कायम करती है। विवादित बयान वह है जो लोग फतेहपुर में खड़े होकर कहते हैं कि हम मुसलमानो के खून से ईद के दिन होली खेलेंगे। वह विवादित बयान है। लेकिन सरकार की नजर में वह विवादित नहीं है। क्योंकि वह सरकार के लोग हैं। अभिव्यक्ति की आजादी है। लेकिन हम यदि कुछ बोलते हैं तो उसे विवादित माना जाता है। हम जो भी बोलते हैं संवैधानिक दायरे में रहकर बोलते हैं। सवाल: मेरठ में आपने कहा कि एनकाउंटर करने वालों का एनकाउंटर होगा। ये इशारा किसकी तरफ है? जवाब: इशारा किसी की तरफ नहीं है। इशारा उन लोगों की तरफ है जिन्होंने फर्जी तरीके से मुसलमान को जेल में ठूंसा है। जिन्होंने फर्जी तरीके से मुसलमानों का एनकाउंटर किया है। उनसे संवैधानिक तरीके से मेरा लड़ने का इशारा है। बाकी हम लोग वायलेंस करने वाले लोग नहीं हैं। हम बुलेट पर नहीं वायलेट पर विश्वास करते हैं। सवाल: मेरठ में आपने 111 की जगह 11 विधायक दे दो का बयान दिया। क्या आप 11 विधायक से सरकार का हिस्सा बन जाएंगे? जवाब: जब 6 विधायक से लोग सरकार का हिस्सा बन जाते हैं। पांच विधायक से सरकार का हिस्सा बन जाते हैं। एक विधायक जीत कर जब झारखंड में मुख्यमंत्री बन सकता है। मैंने जिस संदर्भ में यह बात कही थी, जब तक जिस समाज का अपना पॉलीटिकल एंपावरमेंट नहीं होगा। पॉलीटिकल एंपावरमेंट का मतलब अपना झंडा, अपना डंडा, अपना नेता और अपने डंडे अपने बैनर से अपने समाज व्यक्ति को आप विधानसभा का सदस्य बना कर विधानसभा में भेजिए। जहां जाकर आपके न्याय की बात करें। और संविधान हमें इस बात की इजाजत देता है कि हम न्याय के लिए जो संवैधानिक तरीका है। उस तरीके से चलकर अपनी लड़ाई लड़ें। तो हम लड़ रहे हैं। हम वही बात कर रहे हैं। सवाल: आपकी पार्टी हिंदू विरोधी है। ऐसे में क्या मुसलमानों के भरोसे आप जीत पाएंगे? जवाब: यह कहना गलत है कि हमारी पार्टी हिंदू विरोधी है। हमारी पार्टी में बहुत सारे हिंदू है जो हमारे पदाधिकारी भी हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में 22 नॉन मुसलमानों को टिकट दिया था। जिसमें हर समाज के लोग थे। उसमें ठाकुर, ब्राह्मण और दलित भी था। हम हिंदू विरोधी क्यों, आज तक कोई सिंगल बयान बता दीजिए। या हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष का कोई हिंदू विरोधी बयान हम लोगों ने दिया हो तो बता दीजे। सवाल: आपको क्या लगता है कि मुस्लिम वोटर सपा का साथ छोड़ देंगे? जवाब: मुसलमान सपा को वोट डालते-डालते थक चुके हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में मुसलमान ने 90% से ज्यादा वोट सपा को दिया था। सपा के 111 एमएलए जीते थे। लेकिन जब हम पर किसी भी तरीके का जुल्म, ज्यादती, अन्याय अत्याचार होता है। जब हम समाजवादी पार्टी के लोगों से कहते हैं, तो वह कहते हैं कि हमारी सरकार नहीं। हम क्या कर सकते हैं। इसी संदर्भ में मैंने कहा था कि 111 MLA नहीं बल्कि 11 MLA जीता कर दे दो, फिर एनकाउंटर बंद हो जाएगा। सवाल: विवादित बयान के बाद FIR दर्ज की गई है। आपके लोगों की तलाश की जा रही है क्या कहेंगे? जवाब: ऐसा कुछ नहीं है। हमारे जो भी लोग हैं जिनके ऊपर मुकदमे हो गए हैं। मैं तो कहूंगा कि यह फर्जी तरीके से मुकदमे पॉलिटिकल दबाव में किए गए हैं। इसमें बीजेपी और समाजवादी पार्टी दोनों इंवॉल्व हैं। और हमारे लोग अपने से चलकर थाने गए थे। यह पूछने के लिए कि आप मुकदमा क्यों कर रहे हैं। हम लोगों ने ऐसा कौन सा गुनाह किया है। यही तो हमारी लड़ाई है। चलिए ठीक है मुकदमा किया, एनकाउंटर तो नहीं किया। हमें तो उम्मीद है कि हमारा एनकाउंटर ना हो जाए। सवाल: प्रदेश सरकार नव वर्ष के कार्यकाल का जश्न मान रही हैं, कानून व्यवस्था पर क्या कहेंगे? जवाब: उत्तर प्रदेश के अंदर मुझे लगता है कि सबसे ज्यादा फर्जी एनकाउंटर हुए हैं। और बहुत जल्द हम उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में अपनी लीगल टीम से बात कर रहे हैं। हम हर जगह से आरटीआई डलवाएंगे और हम पता करेंगे कि कितने सेमी और कितने फुल एनकाउंटर हुए हैं। इसके बाद हम अपनी लीगल टीम से डिस्कस करेंगे। रही बात सरकार में बैठे हुए दर्जनों मंत्री विधायक और सांसद की, तो वो भी गंभीर मुकदमों के आरोपी हैं। सरकार में जब ऐसे लोग बैठे हैं। तो सरकार क्या बात करेगी। प्रदेश में महिला अपराध रेप, चोरी, डकैती की घटनाएं आए दिन बढ़ रही हैं। सरकार तो कहेगी ही, कि मेरी सरकार में सब कुछ अच्छा चंगा है। सवाल: सरकार कह रही है निवेश आ रहा है, पूर्व की सरकारों में व्यापारियों को धमकी मिलती थी, क्या कहेंगे? जवाब: समाजवादी की सरकार में भी गुंडागर्दी थी। सपा के लोग करते थे। समाजवादी पार्टी के यादव नेताओं ने सबसे अधिक कब्रिस्तान की जमीन पर अवैध कब्जा किया। भाजपा सरकार समाजवादी पर यह इल्जाम लगाती है। दोनों सरकारों में कोई फर्क नहीं। सवाल: भाजपा कहती है कि सपा के राज में वन जिला वन माफिया था। क्या कहेंगे? जवाब: देखिए यह दोनों पार्टियों की नूरा कुश्ती है। भाजपा सरकार समाजवादी पर आरोप लगाती है और समाजवादी की सरकार आएगी, तो भाजपा पर इल्जाम लगाएगी। दोनों ही एक सिक्के के दो पहलू हैं। सवाल: क्या लगता है सपा में मुसलमानों के साथ न्याय नहीं हो रहा था? जवाब: समाजवादी पार्टी ने यदि मुसलमान के साथ न्याय किया होता या इस देश के सेक्यूलर पार्टियों ने मुसलमान के साथ न्याय किया होता तो आज मुसलमान इतना अकेला नहीं होता। सच्चर कमेटी की रिपोर्ट और रंगनाथ मिश्रा की रिपोर्ट आप देख लीजिए। आज मुसलमान दलितों से भी बदतर जिंदगी जी रहा है। मुसलमान हर क्षेत्र और हर मैदान में पिछड़ा हुआ है। सवाल: प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार को 10 में से कितने नंबर देंगे? जवाब: दोनों पार्टियों को 10 में से 00 नंबर देता हूं। आजमगढ़ के रहने वाले हैं शौकत शौकत अली मूलरूप से आजमगढ़ के फूलपुर विधानसभा के नगर पंचायत माहुल के रहने वाले हैं। उन्होंने अब तक कोई भी चुनाव नहीं लड़ा है। वह 2014 में AIMIM के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष बने। इससे पहले वह यूपी के संयोजक थे। ………… ये खबर भी पढ़ें… बॉडी बिल्डर ने खुद को चाकू मारकर जान दी:मेरठ में भाई से फोन पर झगड़ा हुआ, गुस्से में जांघ पर वार किया मेरठ में एक बॉडी बिल्डर ने खुद को चाकू मारकर जान दे दी। ट्रेनर अपने बड़े भाई इमरान से फोन पर बात कर रहा था। इसी दौरान दोनों भाइयों में किसी बात पर झगड़ा हो गया। कॉल कटते ही उसने घर में रखा चाकू उठाया। अपनी जांघ में तेजी से वार किया। पढ़िए पूरी खबर
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