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    गाजीपुर में सपा के 2 विधायकों समेत 46 पर FIR:SP बोले- सपाइयों ने पथराव किया, पूर्व मंत्री-SHO सहित कई घायल

    12 hours ago

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    गाजीपुर में सपा प्रतिनिधिमंडल और गांववालों के बीच बुधवार को हुए बवाल के बाद पुलिस ने 46 सपा नेताओं और 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आरोपियों में सपा के दो विधायक और जिलाध्यक्ष भी शामिल हैं। पथराव और बवाल करने वालों की पहचान वीडियो फुटेज के आधार पर कराई जा रही है। दरअसल, 15 अप्रैल को करंडा थानाक्षेत्र के कटरिया गांव की रहने वाली 16 साल की निशा विश्वकर्मा का शव जमानिया पुल के पास नदी में मिला था। पुलिस जांच में प्रेम प्रसंग में हत्या का मामला सामने आया। इसके बाद 19 अप्रैल को पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर एक आरोपी युवक को अरेस्ट कर लिया। चूंकि, लड़की विश्वकर्मा समाज से थी और आरोपी ब्राह्मण समाज से, इसलिए गांव का माहौल तनावपूर्ण था। इसी बीच, बुधवार को सपा का प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिलने गांव जा पहुंचा। हालांकि, गांव के लोग इस मुद्दे को राजनैतिक रंग देने के पक्ष में नहीं थे। उधर, सपाइयों को पुलिस ने गांव के बाहर रोका तो पहले पुलिस से झड़प शुरू हो गई। पथराव शुरू हुआ तो उसमें गांव के लोग भी चोटिल हो गए और फिर गुस्साएं गांववालों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। इसमें सपा के पूर्व मंत्री रामआसरे विश्वकर्मा, थानाध्यक्ष संतोष पज्ञठक सहित कई पुलिसकर्मी, ग्रामीण और सपा कार्यकर्ता घायल हो गए थे। एसपी डॉ. ईरज राजा का दावा है कि सपाइयों की ओर से ही पथराव की शुरुआत की गई थी। वीडियो फुटेज के आधार पर बवाल करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। गांव में तनाव को देखते हुए दो थानों की पुलिस के अलावा एक टुकड़ी पीएसी भी तैनात है। 22 अप्रैल को हुए पथराव-बवाल की तस्वीरें देखिए… अखिलेश यादव ने जिसे कार्यकर्ता बताया, उसने लगाए आरोप कटरिया गांव में हुए बवाल को लेकर पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया है। इसमें एक पुलिसवाले के सिर पर पत्थर लगते दिख रहा। घायल पुलिसकर्मी को उसके साथी उठाकर ले जा रहे हैं। सपा प्रमुख ने लिखा- भाजपा के अराजक तत्व अब पुलिस पर भी सीधे हमला कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें मालूम है कि अहंकारी भाजपा सरकार ही उनकी संरक्षक है। अब क्या पुलिस भी पीड़ित कहलाएगी? अगर ऐसा है तो हम कहेंगे PDA में P से एक और वर्ग जुड़ गया है और वो है ‘पीड़ित पुलिस’। युवक बोला- सपाइयों ने किया था पथराव, अखिलेश ने उसे बताया था कार्यकर्ता हालांकि, उन्होंने पोस्ट में जिस युवक का जिक्र अपने कार्यकर्ता के रूप में किया था, वह उसी गांव का ग्रामीण था। उसने अपने बयान में कहा कि वह किसी भी राजनैतिक पार्टी से जुड़ा नहीं है। उसने समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं पर ही पथराव का आरोप लगाया। घायल युवक सुरेश सिंह ने कहा- मैं कोई सपा कार्यकर्ता नहीं हूं। पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर मुझे सपा कार्यकर्ता बताया है। ये बिल्कुल झूठ है। मैं कटरिया पंचायत का रहने वाला हूं। किसी राजनैतिक पार्टी से नहीं हूं। हम पर सपाइयों ने ही पथराव किया था। जिससे मेरा सिर फूट गया है। अब जानिए किसके खिलाफ केस दर्ज? कटारिया गांव में हुए बवाल के मामले में बुधवार देर रात करंडा थानाध्यक्ष संतोष पाठक ने तहरीर देकर एफआईआर दर्ज कराई। एफआईआर में जंगीपुर विधायक वीरेंद्र यादव, सदर विधायक जयकिशन साहू, जिलाध्यक्ष गोपाल यादव को नामजद किया गया है। इसके अलावा पांचू यादव (जिला पंचायत सदस्य), सत्या यादव (जिला पंचायत सदस्य), पंकज यादव (जिला पंचायत सदस्य), सुनील यादव, मनीष यादव, अनिल यादव, विक्की यादव, उपकार यादव उर्फ सिंटू यादव, प्रहलाद बौद्ध, अभिषेक कुमार, आशीष यादव, बबूल गौड़, शुभम गौड़, शेरु गौड़, मोहन कुमार, उपेंद्र यादव, विगनाथ यादव, लाल बाबू यादव, सुभाष यादव, जीवन यादव, सत्येंद्र यादव, मोहम्मद इरफान, शाह मोहम्मद, सितांशु कुमार गौड़, अमितेश राम, सूर्यकांत यादव, मिथुन यादव, अनिल यादव, संतोष यादव, हरिकेश यादव, आशीष उर्फ मुगनू, शिशु यादव (ब्लॉक अध्यक्ष), आमिर अली (पूर्व छात्रसंघ महामंत्री), तौकीर खान, बिंदु बाला बिंद, रीना यादव, निशा पाल (महिला सभा जिलाध्यक्ष), श्यामबिहारी, महेश यादव, अनीश यादव, गौतम यादव, उपेंद्र यादव (द्वितीय) और विवेक यादव (पत्रकार) को भी आरोपी बनाया गया है। 200 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। अब जानिए बुधवार को पूरा घटनाक्रम सपा का प्रतिनिधिमंडल बुधवार को कटरिया गांव में निशा विश्वकर्मा के परिजन से मिलने जा रहा था। दिन के 12 बजे गांव के बाहर जब सपाइयों का प्रतिनिधिमंडल पहुंचा तो पुलिस ने रोकने की कोशिश की। दरअसल, गांव के लोगों ने सपाइयों के गांव में आने पर ऐतराज जताया था। ग्रामीणों का आरोप था कि सपा के लोगों ने गैंगरेप की गलत और मनगढ़ंत कहानी रचते हुए डीएम-एसपी को ज्ञापन दिया था, इससे परिवार की छवि धूमिल हुई। जबकि पुलिस पहले ही एक आरोपी को अरेस्ट कर जेल भेज चुकी है। उधर, पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद सपा प्रतिनिधिमंडल में शामिल पूर्व मंत्री राम आसरे विश्वकर्मा, विधायक विरेंद्र यादव, विधायक जयकिशुन साहू, जिलाध्यक्ष गोपाल साहित सहित कई दर्जन सपाई धरने पर बैठ गए। सपा प्रतिनिधिमंडल से मिलाने के लिए परिवार की एक महिला को बातचीत के लिए बुलाया गया। लेकिन इसके पहले सपाइयों और पुलिसवालों के बीच झड़प भी शुरू हो गई। इसी बीच अचानक से पथराव शुरू हो गया। कुछ पत्थर गांव के लोगों को भी लगे। इसके बाद गांव वाले उग्र हो गए और जमकर पत्थरबाजी शुरू हो गई। अचानक से शुरू हुए पथराव से चारो ओर अफरा-तफरी मच गई। पत्थर लगने से दोनों ओर से लोग घायल हुए। पूर्व मंत्री रामआसरे विश्वकर्मा, विधायक डॉ.विरेंद्र यादव, महिला कार्यकर्ता रीना यादव, बिंदु आदि कई घायल हो गए। थानाध्यक्ष संतोष पाठक के भी सिर पर चोट लगी। सभी घायलों को गाजीपुर मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया। उधर, बवाल बढ़ता देख आसपास के थानों की पुलिस फोर्स और पीएसी बुलाई गई। पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रण में किया गया। प्रतिनिधिमंडल के दौरे से बिगड़ा माहौल एसपी डॉ. ईरज राजा ने बताया- पुलिस ने बिना अनुमति पहुंचने पर सपाइयों को रोकने का प्रयास किया। तभी सपाइयों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। नारेबाजी और धक्का-मुक्की के बीच हालात बिगड़ गए और दोपहर करीब 1:30 से 2 बजे के बीच पथराव शुरू हो गया। पथराव की शुरुआत सपाइयों ने की, इसके बाद गांववाले पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। एसपी ने बताया- स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है। तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस फोर्स और पीएसी तैनात की गई है। फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कराई जा रही है। ------------------------------------ ये खबर भी पढ़िए… यूपी के मिर्जापुर में सड़क हादसा, 11 की मौत:इनमें से 9 जिंदा जले, बोलेरो और कार ट्रक-ट्राले से टकराईं, बोलेरो में आग लगी यूपी के मिर्जापुर में बुधवार रात सड़क हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई। इनमें बोलेरो सवार 9 लोग जिंदा जल गए। हादसा रात 9.30 बजे मिर्जापुर-रीवा नेशनल हाईवे पर हुआ। पुलिस के मुताबिक, एक तेज रफ्तार ट्रक का अचानक ब्रेक फेल हो गया। वो बेकाबू हो गया। ट्रक ने आगे चल रही बोलेरो और स्विफ्ट कार को टक्कर मार दी। दोनों गाड़ियां आगे चल रहे एक ट्राले से जा टकरा गईं। पूरी खबर पढ़िए…
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