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    फायर, बिजली और एलडीए की कार्रवाई से व्यापारी परेशान:मुख्यमंत्री से लगाई गुहार, बोले- समाधान दे सरकार

    14 hours ago

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    उत्तर प्रदेश टेंट कैटरर्स एंड डेकोरेटर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने फायर विभाग, बिजली विभाग और लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की ओर से चल रही कार्रवाई पर गंभीर आपत्ति जताई है। संगठन का कहना है कि होटल, गेस्ट हाउस, बैंक्वेट हॉल, लॉन और छोटे होटल संचालकों को लगातार नोटिस देकर और प्रतिष्ठानों को सील कर व्यापारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है। संगठन ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप कर व्यापारियों को राहत देने की मांग की है। ‘कार्रवाई नहीं, समाधान चाहिए’ एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विजय ने कहा कि जिस तरह से लगातार फायर विभाग, बिजली विभाग और एलडीए की ओर से नोटिस जारी किए जा रहे हैं, उससे हजारों व्यापारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। उनका कहना है कि यदि इसी तरह कार्रवाई जारी रही तो कई छोटे और मध्यम स्तर के व्यापारी अपना कारोबार बंद करने को मजबूर हो जाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि विभागों की कार्रवाई एक सुनियोजित रणनीति के तहत की जा रही है। कभी फायर विभाग का नोटिस, कभी बिजली विभाग का और कभी एलडीए का नोटिस देकर व्यापारियों पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। ‘लेवाना हादसे के बाद शुरू हुई कार्रवाई बीच में क्यों रुक गई?’ संगठन ने सवाल उठाया कि लेवाना होटल अग्निकांड के बाद प्रशासन ने बड़े स्तर पर अभियान चलाया था, लेकिन कुछ समय बाद वह कार्रवाई ठंडे बस्ते में चली गई। यदि उसी समय सभी कमियों को दूर कराया गया होता तो बाद में होने वाली घटनाओं को रोका जा सकता था। संगठन का कहना है कि हाल में कोचिंग सेंटर में हुए अग्निकांड के बाद अब व्यापारियों पर कार्रवाई की जा रही है, जबकि जिन संस्थानों में वास्तविक खामियां हैं, वहां पहले सुधार कराया जाना चाहिए। 25 साल पुरानी इमारत पर डेढ़ लाख लीटर की टंकी कैसे बनेगी? प्रदेश अध्यक्ष विजय ने कहा कि विभाग कई पुराने होटलों को फायर एनओसी के लिए ऐसी शर्तें दे रहा है, जिन्हें पूरा करना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि 25 वर्ष पुरानी इमारत के ऊपर 1.5 लाख लीटर क्षमता की पानी की टंकी बनाने का निर्देश दिया जा रहा है। ऐसे में भवन की संरचनात्मक सुरक्षा पर भी खतरा पैदा हो सकता है। उन्होंने कहा कि कई जगह पहले प्रतिष्ठान सील कर दिए जाते हैं और बाद में व्यापारी को अपनी बात रखने का अवसर भी नहीं मिलता। ‘बिजली विभाग ने बिना मौका दिए काट दिया कनेक्शन’ संगठन का आरोप है कि गोमतीनगर क्षेत्र में एक व्यापारी को नोटिस देने के बाद उसे अपनी बात रखने का पर्याप्त समय भी नहीं दिया गया और रात में अचानक बिजली आपूर्ति काट दी गई। इससे व्यापार पूरी तरह प्रभावित हो गया। व्यापारियों का कहना है कि यदि किसी प्रकार की कमी है तो उसे दूर करने के लिए पहले उचित समय दिया जाना चाहिए, न कि सीधे दंडात्मक कार्रवाई की जाए। एनओसी और नक्शा पास कराने के लिए बने स्पेशल काउंटर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से मांग की कि व्यापारियों के लिए बिजली, फायर एनओसी और भवन का नक्शा पास कराने की प्रक्रिया को सरल बनाया जाए। इसके लिए फायर विभाग, बिजली विभाग और एलडीए में अलग-अलग स्पेशल काउंटर स्थापित किए जाएं, ताकि व्यापारियों को एक ही स्थान पर सभी औपचारिकताएं पूरी करने की सुविधा मिल सके। संगठन का कहना है कि यदि व्यापारी समय पर आवेदन कर देता है और उसके बाद भी विभाग कार्रवाई पूरी नहीं करता, तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होनी चाहिए, न कि व्यापारी की। ‘कागजी प्रक्रिया आसान हो, व्यापारियों को मिले पर्याप्त समय’ एसोसिएशन ने सरकार से अपील की कि विभागीय प्रक्रियाओं को सरल बनाया जाए और व्यापारियों को सभी मानक पूरे करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाए। संगठन का कहना है कि नियमों का पालन सभी करना चाहते हैं, लेकिन जटिल प्रक्रियाओं और अत्यधिक कागजी औपचारिकताओं के कारण व्यापारी अनावश्यक रूप से परेशान हो रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष विजय ने कहा कि सरकार सुरक्षा मानकों का पालन जरूर कराए, लेकिन कार्रवाई का तरीका ऐसा हो जिससे व्यापार भी चलता रहे और सभी आवश्यक नियम भी समयबद्ध तरीके से पूरे हो सकें।
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