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    फार्मासिस्ट को 9 दिन डिजिटल अरेस्ट कर 7.20 लाख ठगे:मुम्बई क्राइम ब्रांच में मुकदमा दर्ज होने का डर दिखाया, लखनऊ में FIR

    2 hours ago

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    लखनऊ में साइबर ठगों ने कूरियर कंपनी का अधिकारी बनकर एक व्यक्ति से लाखों रुपए ऐंठ लिए। जालसाजों ने पीड़ित को मुंबई क्राइम ब्रांच में मुकदमा दर्ज होने का डर दिखाया। इसके बाद जांच के नाम पर 9 दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर अलग-अलग खातों में रुपए ट्रांसफर करवा लिए। ठगी का पता चलने पर पीड़ित ने मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। चांदन इंदिरा नगर निवासी शैलेंद्र धर द्विवेदी फार्मा में काम करते हैं। उन्होंने बताया कि 9 अप्रैल को उनके पास एक कॉल आया। कॉलर ने खुद को ब्लू डार्ट एक्सप्रेस का मुंबई, अंधेरी ईस्ट स्थित ब्रांच मैनेजर राहुल कुमार बताया। जांच में सहयोग करना होगा उसने बताया कि शैलेंद्र के नाम से एक पार्सल मुंबई से बैंकॉक (थाईलैंड) भेजा गया है, जिसमें 5 पासपोर्ट, 3 एटीएम कार्ड, एक लैपटॉप, 4 किलो कपड़े और 200 ग्राम एमडीएमए है। इसके बाद आरोपी ने उन्हें डराया कि मामला मुंबई क्राइम ब्रांच में दर्ज हो चुका है और जांच में सहयोग करना होगा। घर से बाहर निकलने को मना कर दिया पीड़ित ने बताया 9 अप्रैल से 17 अप्रैल तक उन्हें सिग्नल ऐप के जरिए लगातार संपर्क में रखा गया और घर से बाहर निकलने तक से मना किया गया। बाद में ठगों ने व्हाट्सऐप नंबर के माध्यम से संपर्क जारी रखा। आरोपियों ने खुद को आरबीआई, सीबीआई और पुलिस अधिकारी बताते हुए अलग-अलग नामों से परिचय दिया। जिनमें जांच अधिकारी विजय पाल, डीसीपी बल सिंह राजपूत और फाइनेंस अधिकारी जॉर्ज मैथ्यू शामिल हैं। उन्होंने जांच के नाम पर पीड़ित पर दबाव बनाते हुए अलग-अलग खातों में कुल 7 लाख 20 हज़र 500 रुपए ट्रांसफर करवा लिए। एनसीआर पोर्टल पर और साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई ठगों ने इसके बाद 48 हजार रुपए और मांगे। पैसे खत्म होने पर पीड़ित को उधार लेने तक के लिए कहा गया। लगातार दबाव और संदिग्ध गतिविधियों के बाद पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद पीड़ित ने एनसीआर पोर्टल पर और साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। मामले में साइबर थाना इंस्पेक्टर बृजेश यादव का कहना है मुकदमा दर्ज करके जांच की जा रही है। पीड़ित के 1 लाख 27 हजार रुपए फ्रीज किए गए हैं।
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