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    फर्जी नियुक्ति पत्र से 9 साल नौकरी, FIR दर्ज:सोनभद्र में स्वास्थ्य विभाग में दो फार्मासिस्ट पर केस, अब वेतन वसूली होगी

    3 hours ago

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    सोनभद्र के स्वास्थ्य विभाग में फर्जी नियुक्ति पत्र के जरिए नौ साल से नौकरी कर रहे दो फार्मासिस्टों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। जांच में उनके नियुक्ति पत्र फर्जी पाए गए हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) के निर्देश पर अब उनसे कोई काम नहीं लिया जाएगा और उनके वेतन की वसूली की जाएगी। इन फार्मासिस्टों की पहचान वाराणसी निवासी अजीत कुमार और प्रतापगढ़ के संतोष यादव के रूप में हुई है। अजीत कुमार की तैनाती घोरावल कोतवाली क्षेत्र के जुड़वरिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) पर थी, जबकि संतोष यादव जिला अस्पताल स्थित पोस्टमार्टम हाउस में कार्यरत थे। दोनों ने दिसंबर 2016 में सोनभद्र में फार्मासिस्ट के तौर पर पदभार संभाला था। यह मामला चार महीने पहले तब सामने आया, जब शासन को एक अज्ञात पत्र भेजा गया। इस पत्र में दोनों फार्मासिस्टों के नियुक्ति पत्रों में गड़बड़ी की शिकायत की गई थी। शिकायत मिलने के बाद शासन ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को मामले की जांच के निर्देश दिए। सीएमओ ने घोरावल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के अधीक्षक डॉ. नरेंद्र कुमार सरोज और केकराही ब्लॉक पीएचसी के अधीक्षक डॉ. गुरु प्रसाद से मामले की जांच कराई। जांच रिपोर्ट में नियुक्ति में गड़बड़ी की पुष्टि हुई। स्वास्थ्य विभाग में दोनों के नियुक्ति पत्रों का सत्यापन कराया गया, जिससे पता चला कि ये पत्र विभाग द्वारा जारी नहीं किए गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए, महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य सेवाएं ने 16 अप्रैल को सीएमओ को पत्र भेजकर कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद, सीएमओ ने 23 अप्रैल को सीएचसी अधीक्षक घोरावल और केकराही को प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश दिया। 29 अप्रैल को तहरीर दी गई और शुक्रवार को दोनों के खिलाफ घोरावल और करमा थानों में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। इस मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी पंकज राय ने बताया कि शासन से मिले निर्देश पर दोनों मामलों की जांच कराई गई थी। विभागीय सत्यापन में दोनों का नियुक्ति पत्र फर्जी पाया गया है। घोरावल और केकराही के अधीक्षक ने प्राथमिकी दर्ज कराई है। मामले में विभागीय कार्रवाई भी होगी।
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