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    फूड बिजनेस से जुड़े व्यापारियों का प्रॉफिट 20% घटा:गैस सिलेंडर की महंगाई से लखनऊ में नाराजगी, बोले- 60 साल में ऐसा नहीं हुआ

    1 hour ago

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    कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ने के बाद लखनऊ में फूड बिजनेस से जुड़े व्यापारियों का प्रॉफिट 20% घट गया है। व्यापारी कस्टमर घटने की आशंका से खाने-पीने के दाम नहीं बढ़ा रहे हैं, लेकिन क्वॉलिटी से कंप्रोमाइज करने को मजबूर हो गए हैं। उनमें नाराजगी भी है। उनका कहना है कि 60 साल में ऐसा कभी नहीं हुआ। अल-जाइका के संचालक मोहम्मद अनवर ने कहा- अचानक से खाने-पीने की चीजों के दाम नहीं बढ़ा सकते। ग्राहक कट जाएगा। हम लोगों का प्रॉफिट मार्जिन घट गया है। चारबाग में वेज भोजनालय चलाने वाले आकाश ने बताया- अगर अब दाम नहीं बढ़ाए तो घाटे को पूरा करने के लिए क्वालिटी से कंप्रोमाइज करना होगा। कई व्यापारियों ने बीच का रास्ता निकाला है ताकि प्रॉफिट मॉर्जिन बना रहे। खान-पान के दाम भी नहीं बढ़ाने पड़े। इसके लिए व्यापारी गैस सिलेंडर को दरकिनार करके लकड़ी, कोयला भट्ठी और इंडक्शन का इस्तेमाल कर रहे हैं। इन व्यापारियों ने कहा- सिलेंडर की तुलना में कोयला किफायती है। दैनिक भास्कर ने ग्राउंड जीरो पर जाकर व्यापारियों से बातचीत की। पढ़िए रिपोर्ट… पहले 3 तस्वीरें देखिए - अब पढ़िए व्यापारियों ने जो कहा… पवनदीप बोले- 60 सालों में ऐसी दिक्कत नहीं हुई कैंसर बाग में सरदार जी छोला भटूरा के प्रोपराइटर पवनदीप सिंह ने बताया- हमने गैस सिलेंडर पर खाना बनाने की उम्मीद छोड़ दी है। 60 सालों से ये धंधा कर रहे हैं। ऐसी स्थिति कभी नहीं आई कि गैस सिलेंडर की वजह से व्यापार प्रभावित हो। जब से गैस की किल्लत शुरू हुई है, हम लोग परेशान हो गए हैं। महीने भर में एक सिलेंडर मिलता है। गैस एजेंसी के चक्कर काटकर थक चुके हैं। इसलिए हम लोगों ने पूरा व्यापार कोयले पर शिफ्ट कर दिया है। कोयले की खपत हमारी तीन गुना बढ़ गई है। कोयले के साथ सबसे बड़ी समस्या यह है कि एक बार भट्ठी जल जाती है तो उसे बुझा नहीं सकते। गैस में ये आसानी रहती है कि जितना जरूरत हो इस्तेमाल करो फिर बंद कर दो। कोयले और लकड़ी की लागत को देखते हम लोग भी अब दाम बढ़ाने की सोच रहे हैं। अनवर ने कहा- महंगे सिलेंडर ने दादा की याद दिलाई होटल अल-जाइका के संचालक मोहम्मद अनवर ने कहा- गैस की कीमत और महंगाई की वजह से हमने उम्मीद छोड़ दी है। अब हम लोग कोयले पर ही पूरा काम कर रहे हैं। यह व्यापार हमारा पुश्तैनी है। पिताजी और दादा यह व्यापार जब करते थे तो कोयले पर ही खाना बनाते थे। बीच में फिर सिलेंडर का दौर आया। हम लोग उस पर शिफ्ट हुए। मगर एक बार फिर ऐसा लग रहा है कि पुराना समय वापस आ गया है। महंगे सिलेंडर ने दादा के समय की याद दिला दी। डिमांड बढ़ने की वजह से कोयला महंगा हो गया। पत्थर वाला कोयला ₹5 प्रति किलो और इमली वाला कोयला ₹10 से ₹15 प्रतिकिलो महंगा मिलने लगा है। आकाश बोले-खाना महंगा किया तो कस्टमर कट जाएंगे चारबाग में वेज भोजनालय चलाने वाले आकाश ने बताया- ये उनका पुश्तैनी कारोबार है। 35 सालों से बिजनेस सम्भाल रहे हैं। ऐसी दिक्कत कभी नहीं हुई। मौजूदा समय में व्यापार करने में मुश्किल हो रही है। गैस सिलेंडर के दाम बढ़ गए है। अब हम लोग खाना महंगा करते हैं तो कस्टमर कट जाएंगे। अगर रेट न बढ़ाएं तो क्वालिटी से कंप्रोमाइज करेंगे। हमारे सामने चुनौती है कि या तो रेट बढ़ाएं या क्वालिटी से कंप्रोमाइज करें। इन दोनों के बीच में संतुलन करना एक बड़ी चुनौती है। पहले 50-60 रुपए बढ़ते थे तो हम उसे किसी तरह मैनेज कर लेते थे। मगर अब सीधे 993 मतलब 1000 बढ़ गया है। इसको मैनेज कर पाना मुश्किल है। इस साल प्रॉफिट लगभग 20% घटा है। ‘छात्रों का बजट बिगड़ा’ ग्राहक राजू पटेल ने कहा- अलग अलग दुकानों का जायका लेते हैं। भोजन करते हैं। पहले जो चिकन बिरयानी 160 की मिलती थी वो अब 200 रुपए की हो गई। सरकार सिलेंडर के दाम बढ़ा रही है। इस से सीधे तौर पर आम जनता परेशान हो रही है। छात्रों को सबसे ज्यादा समस्याओं का सामना करना पड़ता है। उन्हें घर से बंधे हुए पैसे मिलते हैं। ऐसे में जो महंगाई बढ़ती है तो उनका बजट बिगड़ जाता है। इसलिए सरकार को महंगाई पर लगाम लगानी चाहिए, जिससे आम आदमी राहत की सांस ले सके। ---------------------- ये खबरें भी पढ़िए- ग्राउंड रिपोर्ट- टुंडे कबाब और कश्मीरी चाय बन पाना मुश्किल:लखनऊ में गैस किल्लत का 5 हजार दुकानों पर असर, चटोरी गली में 60% दुकानें बंद लखनऊ में एलपीजी गैस सिलेंडर की किल्लत काफी बढ़ गई है। हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। तमाम होटल, रेस्टोरेंट और छोटे दुकानदारों के पास कुछ ही दिन के लिए गैस बची है। कई दुकानदारों ने तो कोयले की भट्ठी और लकड़ी के चूल्हे बना लिए हैं। (पूरी खबर पढ़िए) ग्राउंड रिपोर्ट - ₹1600-3500 में लखनऊ में तुरंत मिल रहे सिलेंडर:युवक बोला- 4 दिन से घर में खाना नहीं बना; बंद हो रहे होटल-रेस्टोरेंट देश में एलपीजी सिलेंडर की किल्लत के बीच इसके दाम भी आसमान छू रहे हैं। लखनऊ में दिन-दिनभर लाइन में खड़े के रहने पर भी लोगों को सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। लोगों का दावा है कि इन सबके बावजूद 950 रुपए वाला सिलेंडर 1600 रुपए देने पर तुरंत मिल रहा है। कॉमर्शियल सिलेंडर भी 3500 रुपए में आसानी से उपलब्ध है। (पूरी खबर पढ़िए)
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