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    एनेस्थीसिया की दवा लगाकर BHU के JR ने दी जान:सुसाइड नोट में लिखा- लाइफ बहुत शॉर्ट है, हम जिंदगी को समझ नही पा रहे है

    19 hours ago

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    काशी हिंदू विश्वविद्यालय के सुश्रुत छात्रावास में रविवार रात करीब 10 बजे जूनियर रेजिडेंट डॉ. ऋत्विक कुंडू (26) ने सुसाइड कर लिया। उन्होंने दवा का ओवरडोज लेकर अपनी जान दे दी। सीनियर छात्रों ने जब उन्हें फोन किया तो डॉक्टर का फोन नहीं उठा। इसके बाद वह ऋत्विक कुंडू के कमरे में पहुंचे। दरवाजा नहीं खुलने पर पुलिस को बुलाया गया। पुलिस की मौजूदगी में दरवाजा खोला गया तो देखा कि ऋत्विक कुंडू कमरे की फर्श पर पड़े थे। उनके हाथ में दवा डिप लगा हुआ था। छात्रों ने विश्वविद्यालय के प्राक्टोरियल कार्यालय और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस को कमरे से 3 पेज का सुसाइड नोट मिला। उसमें लिखा था- मैं अपने घरवालों की आंखों का तारा था। शायद बहुत से लोग मेरी तरह जीवन में हार नहीं मानेंगे। लेकिन मैं हार मान रहा हूं। मैं उन सभी से माफी मांगता हूं। जिनका मैंने दिल दुखाया है। जीवन बहुत छोटा है। इसे दूसरों के दुख पर हंसते हुए और छोटा मत बनाइए। डॉ. ऋत्विक कुंडू एनेस्थीसिया विभाग में तैनात थे। उनका फर्स्ट ईयर था। वह पश्चिम बंगाल के हुगली के रहने वाले थे। घटना लंका थाना क्षेत्र की है। दरवाजा न खुलने पर साथियों ने पुलिस बुलाई डॉ. ऋत्विव कुंडू सुश्रुत हॉस्टल के छठी मंजिल के एक कमरे में रहते थे। रविवार दिन में वह अपने साथियों से मिले। इसके बाद अपने कमरे में चले गए। रात करीब 10 बजे उनके सीनियर डॉक्टरों ने उन्हें फोन किया। मगर ऋत्विव ने फोन नहीं उठाया। उन्होंने कई बार कॉल किया, मगर फोन नहीं उठा। इसके बाद ऋत्विव के साथी छात्र उनके कमरे पर पहुंचे। कमरे का दरवाजा से बंद था। साथियों ने आवाज दी। मगर अंदर से कोई रिस्पांस नहीं मिला। अनहोनी की आशंका में छात्रों ने पुलिस और बीएचयू प्रशासन को सूचना दी। रात करीब 10.30 बजे पुलिस और BHU प्रशासन मौके पर पहुंचा। कमरे का दरवाजा खोला गया। देखा उनका शव कमरे की फर्श पर पड़ा था। शव के पास केनुला और दवाएं पड़ीं थीं। पुलिस को कमरे से तीन पेज का एक सुसाइड नोट मिला। ऋत्विव ने सुसाइड नोट में एक लड़की का जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि वह मुझसे बहुत प्यार करती है। उसे मेरे इस कदम के लिए दोषी न ठहराया जाए। पुलिस ने जूनियर डॉक्टर के घरवालों को सूचना देने के बाद अस्पताल लेकर गए। जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अब पढ़िए सुसाइड नोट में क्या लिखा डॉक्टर ने लिखा- मेरी सबसे बड़ी विनती है कि लड़की (नोट में लड़की का नाम लिखा है) को इसके लिए दोष न दें। वह बहुत अच्छी लड़की है। उसने मुझसे बहुत प्यार किया। मेरे लिए बहुत कुछ किया है। कृपया उसका ख्याल रखें। मेरे माता-पिता का भी ध्यान रखना। मैं उनकी सबसे बड़ी उम्मीद था। लेकिन मैं उनकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका। जीवन चलता रहता है। शायद यह खबर मेरी मां को तोड़ देगी। वह मुझसे सबसे ज्यादा प्यार करती हैं। मेरे पिता और बहन का भी ख्याल रखना। मैं उन सबकी आंखों का तारा था। शायद बहुत से लोग मेरी तरह जीवन में हार नहीं मानेंगे। लेकिन मैं हार मान रहा हूं। जब मैं यह लिख रहा हूं, तब मुझे नहीं पता कि मुझे अपना फैसला बदल देना चाहिए या नहीं। शायद अब मेरे अंदर मरने की इच्छा नहीं बची है। लेकिन फिर भी मैं यही करूंगा। मैं शायद सबसे स्वार्थी व्यक्ति हूं। इस धरती पर रहने के योग्य भी नहीं हूं। हो सकता है कि मेरे जैसे लोग केवल दूसरों को दुख पहुंचाने के लिए ही पैदा होते हैं। मां, बाबा और दीदी, मुझे माफ कर देना। काश, आखिरी बार आपकी आवाज सुन पाता। सब लोग अपना ख्याल रखना। मैं पूरी जिंदगी मैं वास्तविकता से भागता रहा। आज भी उसी वास्तविकता से हमेशा के लिए भाग रहा हूं। इस दुनिया में कुछ भी स्थायी नहीं है। मुझे अब समझ में आ गया है कि मैं कभी वह जीवन नहीं जी पाऊंगा। जिसका मैंने सपना देखा था। हम सभी एक पूरी तरह खुशहाल जीवन का सपना देखते हैं। लेकिन शायद ऐसा किसी के लिए संभव नहीं होता। मैं उन सभी से माफी मांगता हूं। जिनका मैंने दिल दुखाया है। जीवन बहुत छोटा है। इसे दूसरों के दुख पर हंसते हुए और छोटा मत बनाइए। हर किसी के प्रति दयालु रहें और जो कुछ आपके पास है, उसके लिए आभारी रहें। दुनिया, अलविदा। पुलिस बोली- पोस्टमार्टम से मौत की वजह पता चलेगी लंका थाना प्रभारी राजकुमार वर्मा ने बताया प्राक्टोरियल बोर्ड द्वारा सूचना मिलने पर नगवां चौकी के प्रभारी को मौके पर भेजा गया। कमरे से एक सुसाइड नोट भी मिला है जिसमें लिखी बातों की जांच की जायेगा। फिलहाल शव को कब्जे में लेकर शवगृह में रखवाया गया है। परिजनों को सूचना दे दी गई हैं। आस-पास के कमरे में रहने वाले छात्रों से पूछताछ की गई है। प्रथम दृष्टया मौत एनेस्थीसिया की दवा के ओवरडोज होने के कारण माना जा रहा है। बाकी सही वजह पोस्टमार्टम के बाद पता चल पायेगा। ……………. ये खबर भी पढ़िए- इस्तीफे के तीसरे दिन चंपत राय दिल्ली गए:संघ राम मंदिर चढ़ावा चोरी की रिपोर्ट बना रहा; नए सिरे से बनेगा ट्रस्ट चंपत राय रविवार शाम अयोध्या से दिल्ली रवाना हो गए। वह दोपहर तीन बजे तक राम मंदिर में ही थे। सूत्रों का कहना है कि चंपत राय अब 11 जुलाई को होने वाली श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में शामिल हो सकते हैं। उसी दिन उनके इस्तीफे पर विचार होना है। उधर, राष्ट्रीय स्वयं संघ (RSS) भी चढ़ावा चोरी के मामले पर नजर बनाए हुए है। संघ प्रमुख मोहन भागवत के निर्देश पर पूर्वी यूपी के क्ष्रेत्र प्रचारक अनिलजी अयोध्या पहुंचे हैं। वे साधु-संतों, महंतों और मंदिर से जुड़े लोगों से लगातार मिलकर बात कर रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर
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