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    डेढ़ घंटे में 18 मंदिरों का दर्शन कर रहे श्रद्धालु:रामलला-रामदरबार में 13 घंटे दर्शन, अयोध्या में CM 29 को शिवमंदिर का ध्वजारोहण करेंगे

    3 hours ago

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    अयोध्या के राम मंदिर परिसर में रामलला व राम परिवार सहित सभी 18 मंदिरों में दर्शन की शुरुआत हो चुकी है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने इस व्यवस्था के अन्तर्गत सामान्य दर्शन पास के अलावा सुगम व विशिष्ट दर्शन पास के लिए कुल 15 सौ दर्शन पास निर्गत किया था। इनमें सामान्य, सुगम व विशिष्ट दर्शन के लिए अलग-अलग 500-500 शामिल थे। इस प्रकार कुल 1500 पास प्रत्येक ब्लाॅक के लिए थे। इस दर्शन पास के लिए आनलाइन बुकिंग 11 अप्रैल से शुरू हूई।श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 29 अप्रैल के प्रस्तावित दौरे को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। 13 घंटे की दर्शन अवधि में साढ़े दस हजार श्रद्धालुओं को दर्शन का मौका श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की ओर से की गई व्यवस्था के मुताबिक सुबह सात बजे से रात बजे के मध्य छह स्लाट दो-दो घंटे के है जबकि पूर्वाह्न 11 बजे से 12 बजे का समय एक घंटे का ब्लाॅक है। वहीं मध्याह्न 12 बजे से अपराह्न एक बजे तक रामलला व राम परिवार सहित सभी मंदिरों के पट बंद रहेंगे। इसके चलते 13 घंटे की दर्शन अवधि में सात स्लाट के लिए हर स्लाट में 15-15 सौ श्रद्धालुओं को सामान्य दर्शन पास के अलावा क्रमशः सुगम दर्शन पास व विशिष्ट दर्शन पास आवंटित किया गया है। रामलला के दर्शन के बाद वीआईपी रास्ते से राम परिवार श्रीराम जन्मभूमि परिसर में सभी मंदिरों के दर्शन की व्यवस्था में सामान्य दर्शन पास में राम परिवार के अलावा सप्त मंडपम, शेषावतार व कुबेर नवरत्न टीला का नाम अंकित किया गया है।सामान्य दर्शन पास धारकों का प्रवेश आद्य गुरु रामानंदाचार्य प्रवेश द्वार से नियत किया गया है। उधर सामान्य पास धारकों को उत्तरी वीआईपी लेन रामलला का दर्शन कराकर उत्तरी सीढ़ियों से राम परिवार का दर्शन कराया गया। शेषावतार व सप्त मंडपम समेत कुबेर नवरत्न टीला पर नंगे पांव ही दर्शन अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने परकोटे के बाहर बने शेषावतार मंदिर, सप्त मंडपम के अलावा कुबेर नवरत्न टीला में दर्शन पूजन के लिए जूता -चप्पल के साथ भेजने की योजना बनाई थी। फिर भी यह योजना फलीभूत नहीं हो पाई सामान्य दर्शन पास धारकों को नंगे पांव ही परिसर में टहल कर दर्शन करना पड़ रहा है। हालांकि तीर्थ क्षेत्र ने यहां पाथ-वे के फर्श पर मैट डाल कर श्रद्धालुओं को राहत पहुंचाने की कोशिश की है। मुख्यमंत्री के 29 अप्रैल के प्रस्तावित दौरे को लेकर तैयारियां तेज ट्रस्ट ने मुख्यमंत्री को राम मंदिर के परकोटे में निर्मित भगवान शिव मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण के लिए आमंत्रित किया है, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है। हालांकि उनका अधिकृत कार्यक्रम अभी जारी नहीं हुआ है, लेकिन समारोह शाम 5 बजे प्रस्तावित है। सीएम करीब एक घंटे राम मंदिर में रहेंगे। राम मंदिर के उत्तरी हिस्से में, उसी स्थान पर पंडाल बनाया जाएगा जहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का कार्यक्रम आयोजित हुआ था। शिव मंदिर ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में यज्ञशाला के सामने स्थित है, जिससे ध्वजारोहण के बाद कार्यक्रम स्थल तक मुख्यमंत्री की आवाजाही सुगम रहेगी। पहले यज्ञशाला के सामने आयोजन की योजना थी, लेकिन आम दर्शनार्थियों की भीड़ को देखते हुए इसे बदला गया। इस बार करीब 1000 लोगों को आमंत्रित किया गया है यह कार्यक्रम राष्ट्रपति के आयोजन की तुलना में छोटा होगा। जहां उस दौरान 7-8 हजार अतिथि शामिल हुए थे, वहीं इस बार करीब 1000 लोगों को आमंत्रित किया गया है। इनमें भाजपा व संघ परिवार के विभिन्न आनुषांगिक संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हैं, जिनमें अधिकांश अयोध्या जनपद से ही हैं। अलग-अलग ब्लॉकों में बैठेंगे अतिथि समारोह के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो, इसके लिए सीटिंग प्लान को रंग-आधारित अलग-अलग ब्लॉकों में बांटा गया है। वीआईपी, वीवीआईपी, महिला-पुरुष, ग्रामीण और शहरी अतिथियों के लिए अलग-अलग व्यवस्था की गई है। ध्वजारोहण के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जनसमूह को संबोधित भी करेंगे। कोडयुक्त प्रवेशिका और वाहन पास की व्यवस्था आमंत्रित अतिथियों को पहले व्हाट्सएप और पत्र के जरिए निमंत्रण भेजा गया, जिसके बाद उनकी सहमति मिलने पर कोड नंबर युक्त प्रवेशिकाएं जारी की जा रही हैं। इन पर नाम, आधार नंबर और आईडी कोड अंकित है, साथ ही प्रवेश द्वार भी तय किया गया है। अतिथियों को रंगमहल बैरियर, राम गुलेला-अमावां मंदिर या आद्य गुरु रामानंदाचार्य द्वार से प्रवेश की अनुमति होगी। इसके अलावा अलग-अलग दिशाओं से आने वाले वाहनों के लिए पार्किंग स्थल तय किए गए हैं और वाहन पास भी व्हाट्सएप के माध्यम से भेजे जा रहे हैं, जिन्हें प्रिंट कर वाहन पर लगाना अनिवार्य होगा।
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