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    बेटी के प्रेमी की हत्या, पिता-पुत्र को आजीवन कारावास:फतेहपुर कोर्ट का फैसला, शव छिपाने को सिर धड़ से किया था अलग

    1 hour ago

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    उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में बेटी के प्रेम प्रसंग के विरोध में युवक की हत्या के मामले में कोर्ट ने पिता-पुत्र को दोषी ठहराया है। फतेहपुर की एफटीसी कोर्ट द्वितीय के न्यायाधीश अजय सिंह प्रथम ने दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही, उन पर कुल 2 लाख 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। यह घटना सुल्तानपुर घोष थाने के इब्राहिमपुर गांव के निहालपुर निवासी नरेंद्र उर्फ छोटू से जुड़ी है। नरेंद्र अपनी बहन की ससुराल, सिमौरी के बहरियापुर गांव में अक्सर आता-जाता था। यहीं उसका प्रेम संबंध ससुराल के पड़ोस में रहने वाले सुमेर पटेल की बेटी से हो गया था। सुमेर ने कई बार नरेंद्र को इस संबंध को लेकर धमकी दी थी। 25 फरवरी 2024 की रात नरेंद्र अपने घर से निकला था। उसी रात उसकी बहन ने नरेंद्र को सुमेर पटेल से बातचीत करते देखा था। इसके बाद नरेंद्र लापता हो गया। 27 फरवरी को महन्ना बाबा के जंगल में एक सिर कटी लाश मिली। कपड़ों, कलावा और गले में बने टैटू के आधार पर परिजनों ने शव की पहचान नरेंद्र के रूप में की। पुलिस ने 29 फरवरी 2024 को सुमेर पटेल और उसके बेटे ब्रजेश को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि 25 फरवरी की रात नरेंद्र नशे की हालत में उनके घर पहुंचा था। उन्होंने उसे पकड़कर गला दबाकर हत्या कर दी। आरोपियों ने शव को साइकिल पर लादकर महन्ना बाबा के जंगल पहुंचाया। पहचान छिपाने के लिए उन्होंने कुल्हाड़ी से नरेंद्र का गला काटकर सिर और धड़ को अलग-अलग जगहों पर फेंक दिया। आरोपियों ने नरेंद्र का मोबाइल फोन भी तोड़ दिया था। पुलिस ने घटनास्थल से हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी, टूटा हुआ मोबाइल फोन, शव ले जाने में इस्तेमाल की गई साइकिल और आरोपियों के खून से सने कपड़े बरामद किए थे। मामले में कोर्ट के समक्ष कुल सात गवाह पेश हुए। घटना के बाद से आरोपी जेल में बंद थे। कोर्ट ने मंगलवार को अंतिम सुनवाई करते हुए पिता-पुत्र को हत्या का दोषी करार दिया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई। शव छिपाने के आरोप में उन्हें तीन-तीन साल की अतिरिक्त कैद की सजा भी मिली है। हत्या के लिए एक-एक लाख रुपये और शव छिपाने के लिए 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। एक महीने बाद मिला था सिर,डीएनए हुआ था मैच पुलिस को खोजबीन के दौरान 24 मार्च 2024 को सिर कंकाल के रूप में मिला था।पुलिस ने मां व पिता का डीएनए सैंपल लेकर परीक्षण लेकर भेजा।दिवंगत के कपड़ों व कुल्हाड़ी के रक्त का नमूना लिया था।मां व पिता के डीएनए रिपोर्ट से सिर नरेंद्र का होने की पुष्टि हुई। मानव रक्त की भी खून के सैंपल से पुष्टि हुई। वारदात से एक हफ्ते पहले गुजरात से लौटा था वारदात से करीब एक हफ्ते पहले गुजरात प्रांत से मृतक नरेंद्र अपने गांव लौटा था। वह आरोपियों का रिश्तेदार भी लगता था।पुलिस ने खुलासा किया था कि 25 फरवरी की रात आरोपियों ने नरेंद्र की गला काटकर हत्या कर दी थी। इसके बाद शव को घर में छिपाकर रखे रहे।दूसरी रात बोरे में भरकर फेंकने गए थे।
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