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    बस कंडक्टर हत्याकांड में तीन को आजीवन कारावास:अंबेडकरनगर में 2005 के चर्चित मामले में रंगदारी न देने पर हुई थी हत्या

    3 hours ago

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    अंबेडकरनगर में वर्ष 2005 के बहुचर्चित बस कंडक्टर शिव प्रताप उर्फ पवन सिंह हत्याकांड में अपर सत्र न्यायालय प्रथम ने फैसला सुनाया है। कोर्ट ने रंगदारी न देने पर हुई हत्या के मामले में तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश परविंद कुमार ने श्रवण गोपाल पांडेय उर्फ ननकऊ, अरविंद सिंह और मनोज कुमार श्रीवास्तव को दोषी करार दिया। इन सभी को आजीवन कारावास के साथ 88-88 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। श्रवण गोपाल पांडेय को आर्म्स एक्ट के तहत भी सजा सुनाई गई है। यह मामला जैतपुर के ग्राम चकिया निवासी अरविंद सिंह की तहरीर पर दर्ज किया गया था। अरविंद सिंह ने बताया था कि उनका भांजा शिव प्रताप उर्फ पवन सिंह प्रतापगढ़ जनपद में राज्य परिवहन निगम में कंडक्टर के पद पर कार्यरत थे। 4 मार्च 2005 को शिव प्रताप को मनोज सिंह काका उर्फ गुरु उर्फ टाइगर भरथी गोसाईगंज, सुल्तानपुर और मनोज कुमार श्रीवास्तव अशरफाबाद डड़िया, बेवाना सहित कुछ अन्य लोगों के साथ देखा गया था। अगले दिन, 5 मार्च को शिव प्रताप अपनी पत्नी किरन सिंह और साले बबलू सिंह के साथ प्रतापगढ़ से सुल्तानपुर बस स्टैंड आए थे। इसके बाद वह बस्ती जाने की बात कहकर निकले और लापता हो गए। शिव प्रताप के लापता होने के चार दिन बाद मनोज सिंह ने उनके परिवार से फिरौती मांगी। रंगदारी न मिलने पर शिव प्रताप की हत्या कर दी गई और उनके शव को घाघरा नदी में फेंक दिया गया था। पुलिस ने इस मामले में श्रवण गोपाल उर्फ ननकऊ, वंशराज यादव उर्फ बंशू और अरविंद कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। विवेचना के बाद मनोज कुमार सिंह, श्रवण गोपाल पांडेय उर्फ ननकऊ (गंगापुर दुबे, दुबौलिया, बस्ती), मनोज कुमार श्रीवास्तव, अरविंद सिंह (कनकपुर, महाराजगंज, अयोध्या) और वंशराज यादव उर्फ बंशू के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल किया गया। इस मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायालय त्वरित प्रथम में चली। आरोपी मनोज सिंह और वंशराज यादव उर्फ बंशू की मौत हो गई थी। कोर्ट ने दोनों पक्षों द्वारा प्रस्तुत गवाहों और साक्ष्यों का गहन परीक्षण करने के बाद शेष तीन आरोपियों को दोषी पाया और उन्हें सजा सुनाई।
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