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    बुर्का पहनो...क्लासमेट पर दबाव बनाने वाली छात्राओं को झटका:हाईकोर्ट का FIR रद्द करने से इनकार, कहा- दूसरों पर धर्म थोपना परेशान करने वाला

    3 hours ago

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    इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कक्षा 12 की दो छात्राओं के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने से इनकार कर दिया। इन छात्राओं पर यूपी धर्मांतरण विरोधी कानून के तहत आरोप लगाया गया कि उन्होंने अपनी सहपाठी को बुर्का पहनने के लिए मजबूर किया और उसे इस्लाम में धर्मांतरित करने की कोशिश की। अपने आदेश में जस्टिस जेजे मुनीर और जस्टिस तरुण सक्सेना की खंडपीठ ने युवाओं द्वारा दूसरों पर अपना धर्म/मान्यता 'थोपने' के 'परेशान करने वाले चलन' पर भी संज्ञान लिया। कोर्ट ने कहा- हमें इस स्थिति के प्रति सचेत रहना चाहिए कि 2021 का अधिनियम समाज में उत्पन्न हो रही ऐसी स्थिति को रोकने के लिए बनाया गया है, जिसमें कुछ लोग अपने धर्म का प्रचार प्रसार नहीं करते, बल्कि उसे दूसरों पर थोपते हैं। अगर युवाओं में इस तरह का रुझान देखने को मिलता है तो यह और भी चिंताजनक है। यह एक ऐसी प्रवृत्ति है, जिसे यूपी गैर-कानूनी धर्मांतरण निषेध अधिनियम, 2021 के माध्यम से रोकने का प्रयास किया गया। युवाओं को इस तरह का चलन देने को मिल रहा अदालत ने कहा- यदि युवाओं के बीच इस तरह का चलन देखने को मिलता है, तो यह और भी अधिक परेशान करने वाला है। यह उनके जीवन का वह समय है, जब उन्हें शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों में अपने कौशल को विकसित करने के बारे में अधिक सोचना चाहिए और खुद को समाज और राष्ट्र की सेवा में समर्पित करना चाहिए। कोर्ट ने कहा गहन जांच की जरूरत अदालत ने आगे कहा- जांच के दौरान एकत्र की गई सामग्री से प्रथम दृष्टया (पहली नज़र में) एक ऐसा मामला सामने आता है, जिसकी गहन जांच की आवश्यकता है। अदालत ने कहा कि 2021 का कानून एक उभरती हुई बुराई को रोकने के लिए बनाया गया, और ठोस सबूतों के आधार पर शुरू की गई कानूनी कार्रवाई को शुरुआती चरण में ही खत्म करके इस कानून को कमजोर नहीं किया जा सकता। बेंच ने शुरू में ही यह नोट किया कि केस में पीड़िता एक गली में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई, जिसमें उसे याचिकाकर्ता और अन्य सह-आरोपियों द्वारा ज़बरदस्ती बुर्का पहनाते हुए देखा गया। कोर्ट ने यह भी पाया कि केस में जांच के दौरान इकट्ठा की गई "काफी सामग्री" मौजूद थी, जिससे पहली नजर में ऐसा मामला बनता है, जिसकी गहन जांच की ज़रूरत है। कोर्ट ने आगे कहा- क्या याचियों के कृत्य 2021 के कानून के तहत दंडनीय प्रलोभन या अनुचित प्रभाव की श्रेणी में आते हैं, यह एक ऐसा सवाल है जिसकी जांच एफआईआर रद्द करने की याचिका में करना अभी जल्दबाजी होगी। सभी परिस्थितियों को देखते हुए कोर्ट ने विवादित एफआईआर रद्द करने से इनकार कर दिया। आरोपी शाबिया के पक्ष में पारित अंतरिम आदेश को भी रद्द कर दिया गया। मुरादाबाद में दर्ज हुई है एफआईआर मामले के अनुसार पीड़िता के भाई ने एक एफआईआर थाना - बिलारी, मुरादाबाद में दर्ज कराई थी। पीड़िता मुरादाबाद में कक्षा 12 की छात्रा है। आरोप लगाया गया कि उसकी 5 मुस्लिम सहपाठियां —जिनमें याचिकाकर्ता (अलीना और शबिया, दोनों बालिग) भी शामिल थीं। उसे एक स्थानीय ट्यूशन सेंटर में बुर्का पहनने और इस्लाम अपनाने के लिए मजबूर कर रही थीं। बीएनएसएस की धारा 180 और 183 के तहत दर्ज अपने बयानों में पीड़िता ने दिसंबर 2025 की एक विशेष घटना का जिक्र किया। इस घटना में उन 5 लड़कियों ने एक बुर्का लाकर उसे पहना दिया था। अब पढ़िए क्या था मामला दरअसल, ये मामला मुरादाबाद जिले का है। जहां 12वीं कक्षा की छात्रा के भाई ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी और आरोप लगाया था कि उसकी बहन को याचिकाकर्ता अलीना और शाबिया समेत पांच मुस्लिम छात्राओं ने स्थानीय ट्यूशन सेंटर पर बुर्का पहनने और इस्लाम धर्म स्वीकार करने के लिए मजबूर किया। पीड़िता ने दिसंबर, 2025 में एक विशेष घटना का उल्लेख भी किया, जिसमें इन पांच लड़कियों ने उसे बुर्का पहनाया था। पीड़िता का यह भी आरोप है कि आरोपी लड़कियों ने उसे मांसाहारी खाने के लिए लुभाया। 3 तस्वीरों में देखिए पूरी घटना… भाई बोला- ‘मेरी बहन का ब्रेनवॉश किया’ हिंदू छात्रा के भाई ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि मेरी नाबालिग बहन बिलारी कस्बे के मोहल्ला शाहकुंज कॉलोनी में एक टीचर के घर ट्यूशन पढ़ने जाती थी। मेरे घर से 1.5 किमी की दूरी पर कोचिंग है। बाकी पांचों मुस्लिम छात्राएं भी उसके साथ जाती थीं। 11वीं क्लास में इन लड़कियों से मेरी बहन की दोस्ती थी। सभी मोहल्ले और आसपास की थीं, तो स्कूल और ट्यूशन साथ में जाती थीं। छात्राओं ने मेरी बहन का ब्रेनवॉश करना शुरू कर दिया। पांचों उसे बार-बार इस्लाम धर्म कबूल करने के लिए उकसाती रहती थीं। उसके मन में हिंदू धर्म के प्रति घृणा पैदा करने की कोशिश की। मेरी बहन उनके झांसे में आ गई। मेरी बहन घरवालों की बातें भी नहीं सुनती थी। मना करने के बाद भी उन्हीं मुस्लिम लड़कियों के साथ ही स्कूल और कोचिंग जाती थी। 20 दिसंबर को मुस्लिम लड़कियां ट्यूशन से निकलीं। इसके बाद रास्ते में मेरी बहन को बुर्का पहनाया। छात्राएं मांसाहारी भोजन लाकर ग्रेवी खिलाती थीं पीड़िता ने बताया- सहपाठियां मांसाहारी भोजन लाती थीं और जब वह मांस खाने से इनकार करती थी, तो वे उसे तरी (ग्रेवी) खाने का लालच देती थीं। उसने यह भी आरोप लगाया कि उनमें से एक (अलीना) ने तो उसका इस हद तक ब्रेनवॉश कर दिया था कि उसकी सोचने-समझने की शक्ति ही खत्म हो गई। --------------------- यह खबर भी पढ़िए…. झांसी में गैस सिलेंडर ब्लास्ट होने से छत उड़ी:बहू ने मंदिर में दीया जलाया तो आग भड़की, धमाका सुन चौकी से भागे पुलिसकर्मी झांसी में गुरुवार रात एक मकान में आग लगने के बाद गैस सिलेंडर में ब्लास्ट हो गया। इससे कमरे की छत उड़ गई और कॉलोनी में दहशत का माहौल हो गया। धमाका सुनकर पड़ोस में बनी चौकी के पुलिसकर्मी बाहर निकल आए। पुलिस ने लोगों के साथ मिलकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तब तक आग विकराल रूप धारण कर चुकी थी। पुलिस के फोन करने पर फायर बिग्रेड की गाड़ी मौके पर पहुंच गई। एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। पढ़ें पूरी खबर…
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