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    ‘बिना मोबाइल और सोशल मीडिया अकाउंट वाले बने टॉपर’:लखनऊ में बोले छात्र-समय देखकर नहीं की पढ़ाई; जानिए टॉपर्स की स्ट्रेटेजी

    2 hours ago

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    मेरा कोई सोशल मीडिया अकाउंट नहीं है। मेरे पैरेंट्स ने इसकी अनुमति नहीं दी। मेरे पास मोबाइल फोन भी नहीं है। ऑनलाइन पढ़ाई की जरूरत नहीं पड़ी, क्योंकि बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए पहले ही कोचिंग जॉइन कर ली थी और वहीं से सही गाइडेंस मिल गई। साथ ही क्लासरूम स्टडी पर फोकस रखा और रेगुलर रिवीजन करती रही। यह कहना है लखनऊ के DPS एल्डिको ब्रांच की छात्रा स्वस्ति जैन का, जिन्होंने CBSE कक्षा 10वीं के परिणाम में 99.2% अंक हासिल कर शहर में टॉप किया है। दैनिक भास्कर ने CBSE के कुछ चुनिंदा टॉपर्स से बातचीत कर उनकी सक्सेस स्टोरी जानी। उन्होंने पढ़ाई कैसे की, ऑनलाइन या ऑफलाइन किस तरह तैयारी की। सोशल मीडिया का कितना उपयोग किया। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… बोर्ड एग्जाम के लिए किया अलग से कोचिंग ज्वाइन स्वस्ति जैन ने बताया कि उनके पिता सन्मति कुमार जैन GST के असिस्टेंट कमिश्नर हैं। अभी बदायूं में तैनाती है। उनकी मां सरिता जैन गृहणी है। छोटी बहन श्रेयसी 8वीं में पढ़ रही हैं। परीक्षा की तैयारी के सवाल पर वो कहती हैं कि बोर्ड एग्जाम के लिए उन्होंने अलग से कोचिंग जॉइन की थी। रोजाना 6 से 7 घंटे की पढ़ाई करती थी। सोशल मीडिया या ऑनलाइन समय वेस्ट नहीं किया। रेगुलर स्टडी से सालभर पढ़ाई की। 'बेहतर स्कोर लाने की थी उम्मीद' 99.2% स्कोर हासिल करने के बाद स्वस्ति कहती हैं कि उन्हें उम्मीद थी कि कम से 99.6% मिलेंगे। उन्हें 2 सब्जेक्ट्स में कम नंबर मिलना खलता है। हालांकि, इस बात की खुशी थी कि उन्हें मैथ्स और AI में पूरे नंबर यानी 100 में 100 मिले हैं। जबकि इंग्लिश और साइंस दोनों में ही 98 नंबर मिले है। भविष्य के लक्ष्य को लेकर उनका कहना हैं कि 11वीं में उन्होंने PCM लिया हैं। आगे चलकर वो JEE क्वालीफाई करना चाहती हैं। फिर ISRO में जाने का उनका लक्ष्य हैं। वो देश के लिए सैटेलाइट और राकेट बनाना चाहती हैं। सेल्फ स्टडी पर था फोकस RLB की इंदिरा नगर की सेक्टर C ब्रांच की स्टूडेंट अविका यादव को 98.2% मार्क्स मिले हैं। उनके पिता दया राम यादव और मां ललिता यादव बेटी की सफलता पर बेहद खुश हैं। अविका कहती हैं कि उनकी पढ़ाई में कोई बाधा ना आए इसलिए उन्होंने ऑनलाइन या किसी सोशल मीडिया हैंडल पर अपना टाइम नहीं वेस्ट किया। खुद का मोबाइल भी नहीं हैं। कभी जरूरत हुई तो मां या पापा के मोबाइल से काम चला लिया। अविका कहती हैं कि उन्होंने JEE की तैयारी के लिए कोचिंग की थी इसके अलावा उनका ज्यादातर फोकस सेल्फ स्टडी पर था। रोज छह घंटे की पढाई, आईआईटी में जाने का है सपना LPS (सीपी सिंह) साउथ सिटी ब्रांच की छात्रा अनवी द्विवेदी ने 10वीं बोर्ड परीक्षा में 99% हासिल कर शानदार सफलता पाई है। अनवी बताती हैं कि शुरुआत में वह रोज स्कूल के बाद तीन-चार घंटे सेल्फ स्टडी करती थीं, जबकि परीक्षा के नजदीक आते ही पढ़ाई का समय बढ़ाकर 5 से 6 घंटे कर दिया। उन्होंने पुराने साल के प्रश्न पत्र और टेस्ट पेपर हल कर अपनी तैयारी मजबूत की। उन्हें आईआईटी में जाना है। उनके पिता मनोज कुमार द्विवेदी ED में कार्यरत हैं और मां पूनम द्विवेदी गृहिणी हैं। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन माध्यम से उन्होंने न के बराबर ही कोई पढ़ाई की थी। एक सवाल का गलत जवाब देने से कम हुए मार्क्स RLB की आदित्री गुप्ता को 98.4% मार्क्स मिले हैं। वो कहती हैं कि साइंस के पेपर में उनसे एक ब्लंडर हो गया था। इसलिए उनके कुछ नंबर कम हो गए। उन्होंने बताया कि उनका लक्ष्य सिविल सर्विस हैं पर पहले वह बीटेक करना चाहती है। इसी वजह से उन्होंने मैथ्स स्ट्रीम को चुना हैं। वो कहती हैं कि शुरुआत में स्कूल की पढ़ाई छोड़कर 4 घंटे की पढ़ाई की थी। इसके बाद जब एग्जाम नजदीक आते गए तो उन्होंने कम से कम 7 घंटे की सेल्फ स्टडी की। हालांकि, उन्होंने थोड़ा टाइम सोशल मीडिया और इंटरनेट पर भी दिया पर इसका पढ़ाई के शेड्यूल पर कोई असर नहीं पड़ा। परिवार का है कपड़े धोने के व्यवसाय, बेटी जाएगी अमेरिका प्रेरणा गर्ल्स स्कूल की पूर्व छात्रा और वर्तमान में स्टडी हॉल की स्कॉलरशिप पाने वाली दीपाली कन्नौजिया ने सीमित संसाधनों के बावजूद मेहनत से सफलता हासिल करने की मिसाल बनीं हैं। उनका परिवार कपड़े धोने के व्यवसाय से जुड़ा है। जिसमें उनकी बड़ी बहनें भी सहयोग करती हैं। दीपाली ने CBSE की 10वीं बोर्ड परीक्षा में 95.2% अंक हासिल किया है। चार भाई-बहनों में वह सबसे छोटी हैं। दीपाली का मानना है मेहनत से मंजिल जरूर मिलती है। उनकी सफलता पर मां सुमन ने गर्व जताया है। क्या कहते हैं एक्सपर्ट… CBSE के बदलावों का बेहतरीन असर LPS एसपी सिंह के जनरल मैनेजर हर्षित सिंह ने बताया कि NEP(नई शिक्षा नीति) के अनुरूप ही CBSE ने अपने करिकुलम में बदलाव किए हैं। और इसी का नतीजा हैं कि अब स्टूडेंट्स एकेडमिक के साथ UPSC जैसे एग्जाम में बेहतरीन अंक हासिल किए हैं। इस बदलाव को लेकर पहले टीचर्स की भी ट्रेन किया गया था और अब बदलाव का नतीजा है कि रिजल्ट को लेकर स्टूडेंट्स पहले से ज्यादा कॉन्फिडेंस में रहते हैं। उन्होंने बताया कि इस सत्र में LPS के कुल 1241 स्टूडेंट्स ने परीक्षा में शामिल होकर सफलता पाई है। गोमती नगर शाखा की दाक्षी अग्रवाल ने 97.8% अंक प्राप्त कर सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया। इसके अलावा कृतिका मौर्या ने 97.2%, अदिति पांडेय ने 97.0%, दिव्यांश सिंह ने 96.4%, विशद पालीवाल ने 96.0% तथा पीयूष राज ने 94.2% अंक प्राप्त किए। वृंदावन योजना शाखा की मान्या मिश्रा ने 97% अंक प्राप्त कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। आदित्य शर्मा, सृष्टि वर्मा और अदम्य शर्मा ने 96.2% अंक प्राप्त किए, जबकि शुभि ने 94.0% अंक अर्जित किए। वहीं, आम्रपाली योजना शाखा की आराध्या अवस्थी ने 96.8%, ज्योतिका श्रीवास्तव ने 96.6% तथा अविरल शुक्ला ने 96.4% अंक हासिल किया हैं।
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