Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    बुलेटप्रूफ बंकर से लेजर एंटी ड्रोन सिस्टम तक:प्रयागराज के नॉर्थ टेक सिम्पोजियम में डिफेंस इंडस्ट्री ने दिखाया इंडियन आर्मी का भविष्य

    2 hours ago

    2

    0

    हवा में 860 किमी की रफ्तार से दौड़ता 'स्काईरीपर' और लेजर किरणों से ड्रोन को भस्म करता ‘रेस्ट्राइकर’, प्रयागराज में आयोजित नॉर्थ टेक सिम्पोजियम में भारतीय सेना का भविष्य कुछ इसी आक्रामक अंदाज में नजर आया। इसमें इंडियन डिफेंस इंडस्ट्री ने बताया कि स्वदेशी तकनीक और स्टार्टअप्स के दम पर इंडियन आर्मी अब न केवल बुलेटप्रूफ बंकरों से सुरक्षित है, बल्कि 'ऑल-टिरेन' रोबोटिक एम्बुलेंस के साथ युद्ध के मैदान में हर चुनौती को कुचलने के लिए तैयार है। सिम्पोजियम में इंडियन आर्मी का भविष्य का स्वरूप देखने को मिला। इसमें बुलेटप्रूफ बंकर से लेकर अनमैंड एरिया वेहिकल समेत तमाम मॉर्डन टेक्नोलॉजी से लैस ऐसे युद्धक उपकरणों का प्रदर्शप किया गया, जो डिफेंस इंडस्ट्री में भारत की ताकत का लोहा मनवाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। दुश्मन के ठिकानों को पल भर में तबाह करेगा स्काईरीपर सिम्पोजियम के दौरान जिन मॉर्डन टेक्नोलॉजी से लैस मॉडर्न वार इक्विपमेंट्स ने सबका ध्यान खींचा, उनमें मैकफ्लाई स्टार्टअप का स्काईरीपर भी रहा। पल भर में दुश्मन के ठिकानों का तबाह करने की क्षमता रखने वाला यह यूएवी आईआईटी जम्मू में तैयार किया गया। 860 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से उड़ाने भरने वाला यह यूएवी एक बार में 30 किलो तक वारहेड कैरी कर सकता है। 400 किमी की दूरी तय करने में कैपेबल है और 10000 मीटर की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है। बुलेट से लेकर ग्रेनेड तक के अटैक को नाकाम करने वाला बंकर प्रदर्शनी में एटीएल कंपनी की ओर से एक ऐसा बंकर पेश किया गया जो बुलेट से लेकर ग्रेनेड अटैक तक को नाकाम कर सकता है। कंपनी के अफसरों ने बताया कि यह बंकर एक स्क्वॉयर फीट एरिया में 1500 बुलेट्स, ग्रेनेड को एब्जॉर्ब कर सकता है। यह फायर रेजिस्टेंस होता है यानी इसमें आग लगने का भी खतरा नहीं है। इसके अलावा थर्मली थ्री टाइम इंसुलेटेड होता है यानी कंवेशनल पफ पैनल, जिनसे वर्तमान में बंकर बनाए जाते हैं, उनसे तीन गुना थर्मल इंसुलेटेड होते हैं। यानी बाहरी टेम्प्रेचर बढ़ने या घटने पर भी असर नहीं होता है। लेजर रेज से ड्रोन को गिराने वाला रेस्ट्राइकर सिम्पोजियम में एक्जिबिशन हॉल में पारस डिफेंस की ओर से पेश किया गया रेस्ट्राइकर एंटी ड्रोन सिस्टम ने भी सबका ध्यान खींचा। यह एक ऐसा इक्विपमेंट है जो लेजर किरणों से ड्रोन को मार गिरा सकता है। कंपनी की ओर से बताया गया कि यह तीन से लेकर नौ किलोवाट क्षमता वाला है। तीन किलोवाट क्षमता वाला यूएवी एक किमी दूर उड़ रहे ड्रोन को आसानी से गिराया जा सकता है। यह इक्विपमेंट इलेक्ट्रो ऑप्टिक टैकिंग सिस्टम पर काम करता है। इसमें रडार और हाई पॉवर लेजर बीम का इस्तेमाल होता है। दुर्गम हालात में भी रेस्क्यू करने वाला ऑल टिरेन एंबुलेंस एक्जिबिशन में न सिर्फ ड्रोन व सर्विलांस सिस्टम बल्कि ऐसे वेहिकल्स का भी प्रदर्शन किया गया जो दुर्गम परिस्थितियों में भी रेस्क्यू करने में कैपेबल हैं और वह मूविंग या रनिंग कंडीशन में भी मेडिकल ट्रीटमेंट दे सकते हैं। ग्रेजोन की ओर से बीस्ट नाम का एक ऑल टिरेन टैक्टिकल हॉलर बनाया गया जो कैजुअलटी इवैकुएशन कर सकता है बल्कि घायल जवान को मूविंग कंडीशन में भी मेडिकल ट्रीटमेंट दे सकता है। कंपनी के अफसरों ने दावा कि किया कि इसे बैटलफील्ड रेस्क्यू के मॉर्डन चैलेंजेज को देखते हुए डिजाइन किया गया है। जिसे रिमोटली ऑपरेट किया जा सकता है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    कानपुर की कल की 10 बड़ी खबरें, VIDEO में:रावतपुर रेलवे स्टेशन बंद होगा, 17 क्रॉसिंग खत्म होंगी; सांसद बोले- ममता बनर्जी मानसिक विक्षिप्त हो चुकी हैं
    Next Article
    हरदोई में दो बाइकों की टक्कर, दो की मौत:रिश्तेदारी से घर लौट रहे, कुतुआपुर के पास हुआ हादसा

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment