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    भरथना स्टेशन पर दो महिलाएं पटरी पर गिरीं:ट्रेन की दो बोगियां गुजरीं, यात्रियों के शोर से बची जान, घायलों को उपचार के लिए भेजा

    3 hours ago

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    इटावा के भरथना रेलवे स्टेशन पर रविवार सुबह एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां ट्रेन में चढ़ने और उतरने के दौरान धक्का लगने से दो महिलाएं पटरी पर गिर गईं। इसी बीच ट्रेन चल पड़ी और उनके ऊपर से दो बोगियां गुजर गईं। हालांकि यात्रियों के शोर मचाने पर लोको पायलट ने तुरंत ट्रेन रोक दी, जिससे समय रहते दोनों महिलाओं को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया और उनकी जान बच गई। सुबह करीब 9:19 बजे टूंडला से कानपुर की ओर जा रही डाउन मेमो पैसेंजर ट्रेन संख्या 68588 भरथना रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो पर रुकी थी। उसी दौरान फिरोजाबाद की लेबर कॉलोनी निवासी 45 वर्षीय आशा देवी अपने दामाद विवेक, भांजी अंशिका और बड़ी बहन सुधा के साथ पखनगोई गांव जाने के लिए ट्रेन से उतर रही थीं। इसी समय उन्नाव के शुक्लागंज बाजपेई का हाता निवासी 70 वर्षीय यशोदा देवी अपने बहन के बेटे राजकुमार के साथ लखना के पास स्थित अपने मायके टीकमपुर में आयोजित अखंड रामायण में शामिल होकर वापस घर लौटने के लिए ट्रेन में चढ़ रही थीं। अधिक भीड़ होने के कारण दोनों महिलाओं को धक्का लगा और वे ट्रेन के नीचे झिरी के रास्ते पटरी पर गिर गईं। दो बोगियां गुजरने के बाद रोकी गई ट्रेन महिलाओं के पटरी पर गिरते ही ट्रेन चल पड़ी और उनके ऊपर से दो बोगियां गुजर गईं। प्लेटफार्म पर मौजूद यात्रियों ने यह देख शोर मचाया, जिसके बाद लोको पायलट ने तुरंत ट्रेन रोक दी। तब तक दोनों महिलाएं ट्रेन के नीचे फंसी हुई थीं। मौके पर मौजूद रेलवे कर्मचारियों, आरपीएफ और जीआरपी ने तेजी दिखाते हुए उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। तत्काल इलाज, कर्मचारियों की सूझबूझ से बची जान घटना के बाद 108 एंबुलेंस की मदद से दोनों महिलाओं को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भरथना भेजा गया, जहां उनका इलाज किया गया। इस दौरान यशोदा देवी को बचाने के प्रयास में उनके साथ मौजूद राजकुमार के हाथ में भी चोट लग गई। आरपीएफ कांस्टेबल सुरेश सिंह, जीआरपी कांस्टेबल कमल कांत और स्टेशन अधीक्षक मनोज कुमार ने मौके पर सक्रिय भूमिका निभाते हुए घायलों को तुरंत उपचार दिलवाया। स्टेशन अधीक्षक ने बताया कि समय पर कार्रवाई होने से एक बड़ा हादसा टल गया। इस घटना के चलते ट्रेन करीब 10 मिनट तक स्टेशन पर खड़ी रही।
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