Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    'भगवान की माला के धागे में थूक लगाते हैं गैर-सनातनी':देवकीनंदन ठाकुर बोले- दूसरे धर्म के लोग चारधाम में रोजगार के लिए न आएं

    9 hours ago

    1

    0

    चार धाम यात्रा क्षेत्र में काम करने का दायित्व भी सिर्फ सनातनियों के पास रहना चाहिए। जो गैर-सनातनी हैं, वे यहां रोजगार के लिए भी न आएं। ये कहना है कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर का। उत्तराखंड में दैनिक भास्कर एप से बातचीत के दौरान उन्होंने केदारनाथ-बद्रीनाथ में गैर सनातियों की एंट्री को चिंताजनक बताया है। उन्होंने कहा- मक्का-मदीना में कैसे सिर्फ इस्लाम को मानने वाले जाते हैं? हमने तो कभी नहीं कहा कि हमें वहां जाना है, और हमें जाना भी नहीं चाहिए। कथावाचक ने देश के कई बड़े मंदिरों में जमा होने वाले करोड़ों के चढ़ावे को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं। कहा- 2 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का चढ़ावा आता है। यह पैसा सरकार ले जाती है और हमें पता भी नहीं कि उस पैसे का क्या हो रहा है। पढ़िए बातचीत की प्रमुख बातें… सवाल: क्या केदारनाथ-बद्रीनाथ में सिर्फ सनातनियों को प्रवेश मिलना चाहिए? जवाब: मैं तो सिर्फ एक बात मानता हूं कि जिनकी ईश्वर में आस्था है, वे ही वहां जाएं। कुछ लोग कहते हैं कि हमारी मूर्ति पूजा में श्रद्धा नहीं है लेकिन वे हमारे भगवान के लिए फूल माला बनाते हैं। वे माला बनाने से पहले धागे में थूक लगाते हैं, फिर उसे फूल में पिरोते हैं। वही माला ठाकुरजी को धारण कराई जाती है। पूछा- मंदिरों में आने वाले सनातनियों की पूजा ढंग से हो और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके, यह दायित्व इस देश के संविधान, समाज और धर्मगुरुओं का है या नहीं? सवाल: सरकार या प्रशासन को कैसे पहचान हो सकती है कि कौन सनातनी है और कौन नहीं? जवाब: मक्का-मदीना में कैसे सिर्फ इस्लाम को मानने वाले जाते हैं? हमने तो कभी नहीं कहा कि हमें वहां जाना है, और हमें जाना भी नहीं चाहिए। मैं बहुत स्पष्ट बात करने वाला आदमी हूं। आपकी श्रद्धा है, आप अपने आराध्य का पालन कीजिए। मैं अपने आराध्य का पालन करूंगा। मेरी पूजा में आपको दखल नहीं करना चाहिए और आपकी पूजा में मुझे इंटरफेयर नहीं करना चाहिए। इससे तकलीफ तो सिर्फ उनको होगी जो जानबूझकर मेरी पूजा में दखल देना चाहते हैं। सवाल: चारधाम यात्रा मार्ग पर घोड़े-खच्चर वाले दूसरे धर्म के होते हैं, क्या ये भी एक खतरा है? बाहरी व्यापारियों का पुलिस वेरिफिकेशन क्यों नहीं किया जाता? जवाब: मान लीजिए यहां से कोई महिला घोड़े या खच्चर पर बैठकर 14-15 किलोमीटर की कठिन यात्रा पर जा रही है। उसके साथ चलने वाले परिजन पीछे छूट गए और वह अकेली उस खच्चर वाले के साथ है। अगर वह खच्चर चलाने वाला गैर-सनातनी हुआ, तो वह रास्ते भर उस अकेली महिला से क्या बात करेगा? इसका अंदाजा आप लगा सकते हैं। लेकिन, अगर वह खच्चर चलाने वाला कोई सनातनी हुआ, तो वह रास्ते भर गंगोत्री, बद्रीनाथ और केदारनाथ की कथा सुनाते हुए जाएगा। इसीलिए मैंने हमेशा कहा है कि सनातनी तीर्थों और सनातनी जगहों पर काम करने का दायित्व भी सिर्फ सनातनी लोगों के पास ही रहना चाहिए। सवाल: उत्तराखंड में डेमोग्राफिक बदलाव बहुत तेजी से हो रहा है। इस बदलाव और तीर्थ सुरक्षा को लेकर आपकी क्या मांग है? जवाब: जो पवित्र स्थान हैं, वहां सनातनियों का ही रहन-सहन और आना-जाना होना चाहिए ताकि तीर्थों की मर्यादा बनी रहे। मक्का-मदीना उनका सबसे उच्चतम स्थान है, वैसे ही केदारनाथ, बद्रीनाथ, मथुरा, अयोध्या और काशी हमारे लिए है। भारत बहुत बड़ा है। तीर्थों को छोड़कर बाकी जगह आप भाईचारा निभाइए। सवाल: देश के बड़े मंदिरों में आने वाले चढ़ावे और पैसों को लेकर आपका क्या स्टैंड है? जवाब: आज हमारे मंदिरों में साल का लगभग 2 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का चढ़ावा आता है। यह पैसा सरकार ले जाती है। हमें नहीं पता कि उस पैसे का क्या हो रहा है। अगर मंदिरों से आने वाला वह 2 लाख करोड़ रुपया हमारी सनातनी बच्चियों की सेवा में लग जाता, सनातन के उत्थान में लग जाता, गरीब और अनाथ बहन-बेटियों के विवाह में लग जाता, तो आज समाज की तस्वीर कुछ और होती। अगर आजादी के बाद से ही उस पैसे से 'मॉडर्न गुरुकुल' और बड़े अस्पताल बन जाते, तो क्या आज हमारी बहन-बेटियां दहेज के लिए जलाई जा रही होतीं? ------------------- ये खबर भी पढ़ें… 'गंगोत्री में पंचामृत में मिलाकर पिलाया जाएगा गौमूत्र':सचिव बोले- ये सनातन की परंपरा का हिस्सा; कपाट खुलने से पहले सड़क-पानी की दिक्कतें गिनाईं चारधाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू हो रही है। उससे पहले गंगोत्री मंदिर समिति के सचिव सुरेश सेमवाल ने दैनिक भास्कर ऐप से बातचीत में गोमूत्र, व्यवस्थाओं और तैयारियों को लेकर विस्तार से बात की। (पढ़ें पूरी खबर)
    Click here to Read more
    Prev Article
    यूपी की बड़ी खबरें:पीलीभीत में चौकीदार के चेहरे को कुत्तों ने चाट-चाटकर बना दिया कंकाल, खाली मकान में मिला शव
    Next Article
    सरस्वती विद्या मंदिर का 22वां वार्षिक उत्सव:विधायक ने वाटर कूलर और आरओ प्लांट का किया उद्घाटन

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment