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    अयोध्या में टीबी जांच के लिए AI एक्स-रे मशीनें:300 हाई रिस्क ग्रामसभाओं में होगी स्क्रीनिंग, 75 लाख की लागत

    14 hours ago

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    अयोध्या में टीबी उन्मूलन अभियान को गति देने के लिए तीन अत्याधुनिक पोर्टेबल एक्स-रे मशीनें पहुंच गई हैं। इन मशीनों का उपयोग 300 से अधिक ग्रामसभाओं में टीबी रोगियों की जांच के लिए किया जाएगा, जिन्हें हाई रिस्क श्रेणी में चिन्हित किया गया है। ये तीनों एआई आधारित अल्ट्रा पोर्टेबल हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनें हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 75 लाख रुपये बताई जा रही है। इन्हें जल्द ही स्थापित किया जाएगा। इन ग्रामसभाओं के निवासियों को टीबी जांच के लिए शहर के अस्पतालों तक पहुंचने में कठिनाई होती थी, जिसे देखते हुए यह व्यवस्था की गई है। टीबी मुक्त भारत अभियान को मिलेगी गति नरेंद्र मोदी के टीबी मुक्त भारत अभियान को सफल बनाने और ग्रामीण क्षेत्रों में जांच को सुलभ बनाने के उद्देश्य से ये मशीनें भेजी गई हैं। बैटरी से संचालित ये मशीनें बिजली की कमी वाले इलाकों में भी काम करेंगी। 60 वर्ष से अधिक उम्र वालों की होगी जांच इन मशीनों की मदद से 60 वर्ष से अधिक उम्र के सभी व्यक्तियों का एक्स-रे किया जाएगा। इससे कम उम्र के लोगों की जांच तभी होगी, जब उनमें टीबी के लक्षण मौजूद होंगे। एआई तकनीक से एक्स-रे रिपोर्ट कुछ ही सेकंड में तैयार हो जाएगी, जिससे फेफड़ों की असामान्यताओं की पहचान तेजी से हो सकेगी। लक्षणहीन मरीजों की भी होगी पहचान जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. संदीप कुमार शुक्ल ने बताया कि यह पहल टीबी के असिम्पटोमैटिक (लक्षणहीन) मामलों को भी जल्दी पकड़ने में सहायक होगी। अब गंभीर मरीजों को एक्स-रे के लिए अस्पताल नहीं जाना पड़ेगा, जिससे शुरुआती पहचान और समय पर इलाज संभव होगा। शासन का लक्ष्य टीबी मुक्त पंचायतों को साकार करना है। इन लक्षणों पर होगी विशेष नजर सीएमओ अयोध्या डॉ. देवेंद्र कुमार भिटौरिया ने बताया कि हाई रिस्क गांवों में 60 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों की जांच की जाएगी, जबकि कम उम्र वालों की जांच लक्षणों के आधार पर होगी। इनमें दो-तीन सप्ताह से अधिक खांसी, बलगम या उसमें खून आना, शाम को बुखार, रात में पसीना, सीने में दर्द और तेजी से वजन घटना शामिल हैं। इस तकनीक से टीबी उन्मूलन का लक्ष्य जल्द हासिल होने की उम्मीद है।
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