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    Arvind Kejriwal High Court Hearing: अरविंद केजरीवाल की अर्जी पर CBI को नोटिस जारी, 13 अप्रैल को होगी अगली सुनवाई

    3 hours from now

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    दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की उस याचिका पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को नोटिस जारी किया, जिसमें आबकारी नीति मामले में न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा को हटाने की मांग की गई थी। न्यायालय ने कहा कि अब इस मामले की अगली सुनवाई 13 अप्रैल को होगी। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, न्यायालय ने कहा कि न्यायालय ने न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा को हटाने के आवेदन को रिकॉर्ड में ले लिया है। इस आवेदन की अग्रिम सूचना दूसरे पक्ष को मिल चुकी है। वे कल तक अपना जवाब दाखिल करें।इसे भी पढ़ें: 23 अप्रैल में 17 दिन का बचा वक्त, आ गई सुप्रीम फैसले की घड़ी, चुनाव के लिए 'रेस अगेंस्ट टाइम' कर रहा बंगाल ?दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश डी. के. उपाध्याय ने इससे पहले केजरीवाल के उस अनुरोध को खारिज कर दिया था जिसमें सीबीआई की याचिका पर सुनवाई न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत से किसी अन्य न्यायाधीश को स्थानांतरित करने का अनुरोध किया गया था। उन्होंने कहा था कि इस मामले से खुद को अलग करने का निर्णय संबंधित न्यायाधीश को लेना होगा। केजरीवाल के साथ-साथ आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया और आबकारी नीति मामले में अन्य आरोपियों ने 11 मार्च को दिए गए एक अभ्यावेदन मेंदावा किया कि इस बात की ‘‘गंभीर, वास्तविक और उचित आशंका’’ है कि न्यायमूर्ति शर्मा के समक्ष मामले की सुनवाई निष्पक्ष और तटस्थ नहीं होगी। सुनवाई अदालत ने 27 फरवरी को केजरीवाल, सिसोदिया और 21 अन्य लोगों को आरोप मुक्त कर दिया था।इसे भी पढ़ें: Liquor Policy Case: Arvind Kejriwal खुद करेंगे अपनी पैरवी, जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को हटाने की मांग अदालत ने मामले की सुनवाई कर रही सीबीआई (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) को फटकार लगाते हुए कहा था कि उसका मामला न्यायिक जांच में पूरी तरह से खरा नहीं उतर सका और पूरी तरह से अविश्वासनीय साबित हुआ। सुनवाई अदालत के फैसले के खिलाफ सीबीआई की ओर से दाखिल अपील पर नौ मार्च को सभी 23 आरोपियों को नोटिस जारी करते हुए न्यायमूर्ति शर्मा ने कहा कि आरोप तय करने के चरण में निचली अदालत की कुछ टिप्पणियां और निष्कर्ष प्रथम दृष्टया त्रुटिपूर्ण प्रतीत होते हैं और उन पर विचार करने की आवश्यकता है। न्यायमूर्ति शर्मा की पीठ ने शराब नीति मामले में सीबीआई के जांच अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने के संबंध में निचली अदालत की सिफारिश पर भी रोक लगा दी। 
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